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नाबालिग से छेड़खानी मामले में चार साल की कैद और 15 हजार का लगाया जुर्माना, पीड़िता को 25 हजार रुपये देने का आदेश
Thu, 28 Jan 2021 01:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jan 2021 01:53 AM IST
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court
- फोटो : सोशल मीडिया
किशोरी से छेड़खानी के मामले में अदालत ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए चार साल की कैद और 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही पीड़िता को 25 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
पाकबड़ा थानाक्षेत्र में रहने वाले आरोपी शहजाद उर्फ शानू के खिलाफ पीड़िता की मां ने वर्ष 2017 में केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि उसकी नाबालिग लड़की अपने दूसरे मकान में किसी काम से गई थी। जिसके पीछे क्षेत्र का ही शहजाद घर में घुस गया। आरोपी ने पीड़िता के साथ छेड़खानी की थी। अचानक वादिनी भी पीछे से मकान में आ गई थी। जिसने आरोपी को पकड़ लिया था और शोर मचा कर मौके पर लोगों की मदद से आरोपी को थाने ले आई थी।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या प्रथम रविंद्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चली। मुकदमे में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी को झूठा फं साया गया है। दोनों ही पक्ष एक क्षेत्र के रहने वाले हैं तथा पहले भी झगड़ा हुआ है। उसी झगड़े की रंजिश के चलते झूठा मुकदमा लिखाया गया है। वहीं वादिनी की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार वर्मा ने कहा कि आरोपी द्वारा कई बार पीड़िता को रास्ते में आते जाते परेशान किया गया। जिसका घर से भी निकलना दुश्वार कर दिया था।
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मुकदमे की विवेचना एस आई संजीव कुमार ने की। विवेचक की ओर से अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर आरोपी को घटना का दोषी पाया। दोषी को चार वर्ष के कठोर कारावास के साथ साथ 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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पाकबड़ा थानाक्षेत्र में रहने वाले आरोपी शहजाद उर्फ शानू के खिलाफ पीड़िता की मां ने वर्ष 2017 में केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि उसकी नाबालिग लड़की अपने दूसरे मकान में किसी काम से गई थी। जिसके पीछे क्षेत्र का ही शहजाद घर में घुस गया। आरोपी ने पीड़िता के साथ छेड़खानी की थी। अचानक वादिनी भी पीछे से मकान में आ गई थी। जिसने आरोपी को पकड़ लिया था और शोर मचा कर मौके पर लोगों की मदद से आरोपी को थाने ले आई थी।
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इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या प्रथम रविंद्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चली। मुकदमे में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी को झूठा फं साया गया है। दोनों ही पक्ष एक क्षेत्र के रहने वाले हैं तथा पहले भी झगड़ा हुआ है। उसी झगड़े की रंजिश के चलते झूठा मुकदमा लिखाया गया है। वहीं वादिनी की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार वर्मा ने कहा कि आरोपी द्वारा कई बार पीड़िता को रास्ते में आते जाते परेशान किया गया। जिसका घर से भी निकलना दुश्वार कर दिया था।
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मुकदमे की विवेचना एस आई संजीव कुमार ने की। विवेचक की ओर से अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर आरोपी को घटना का दोषी पाया। दोषी को चार वर्ष के कठोर कारावास के साथ साथ 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।