{"_id":"6ab2ec244b82e2de3504da9a","slug":"controlling-worldly-desires-is-the-supreme-penance-skill-moradabad-news-c-276-1-smbd1006-113178-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांसारिक इच्छाओं पर नियंत्रण करना ही उत्तम तप : कौशल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसारिक इच्छाओं पर नियंत्रण करना ही उत्तम तप : कौशल
विज्ञापन
बिलारी। पर्यूषण पर्व के सातवें दिन मंगलवार को पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम तप धर्म मनाया गया। जैन समाज के पुरुष और महिलाएं मंदिर में एकत्र हुए। इस दौरान श्री शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा की शांतिधारा की गई।
मंदिर में श्रद्धालुओं ने श्री चौबीसी, शांतिनाथ भगवान, विमलनाथ भगवान, अनंतनाथ भगवान, निर्माण क्षेत्र, पार्श्वनाथ भगवान, दशलक्षण धर्म और सोलह कारण आदि की सामूहिक रूप से प्रक्षालना कर आरती की। जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी कौशल जैन ने कहा कि आत्मा की शुद्धि के लिए सांसारिक इच्छाओं पर नियंत्रण करना ही उत्तम तप है। तप कर्मों का नाश करता है और जीव को संसार के बंधनों से उबारने का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने आगे कहा कि अहंकार का त्याग कर तपस्या करने वाला जीव मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ता है।
इस अवसर पर राकेश जैन, कौशल जैन, विनोद जैन, संजय जैन, शशांक जैन, प्रतीक जैन, रजत जैन, तनिष्क, समीर जैन, राकेश कुमार जैन एडवोकेट व रीता जैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर में श्रद्धालुओं ने श्री चौबीसी, शांतिनाथ भगवान, विमलनाथ भगवान, अनंतनाथ भगवान, निर्माण क्षेत्र, पार्श्वनाथ भगवान, दशलक्षण धर्म और सोलह कारण आदि की सामूहिक रूप से प्रक्षालना कर आरती की। जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी कौशल जैन ने कहा कि आत्मा की शुद्धि के लिए सांसारिक इच्छाओं पर नियंत्रण करना ही उत्तम तप है। तप कर्मों का नाश करता है और जीव को संसार के बंधनों से उबारने का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने आगे कहा कि अहंकार का त्याग कर तपस्या करने वाला जीव मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ता है।
विज्ञापन
इस अवसर पर राकेश जैन, कौशल जैन, विनोद जैन, संजय जैन, शशांक जैन, प्रतीक जैन, रजत जैन, तनिष्क, समीर जैन, राकेश कुमार जैन एडवोकेट व रीता जैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन