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Moradabad News: पंचायत मतदाता सूची को लेकर तहसीलों में लगातार आ रही शिकायतें
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मुरादाबाद। पंचायत चुनाव की मतदाता सूची को लेकर जिला स्तर से लेकर तहसीलों तक शिकायतें आ रही हैं। इसमें शादी शुदा महिलाओं के नाम सूची से काटने की शिकायतें आई हैं। तहसील स्तर पर कोई अधिकारी शिकायतों की संख्या बताने के लिए तैयार नहीं हो रहा है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 की सूची के अनुसार जिले में मतदाताओं की संख्या 14.73 लाख थी। इस मामले में चुनाव आयोग ने एआई के माध्यम से 2.35 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची जिला प्रशासन को सौंपी थी। हिदायत दी गई कि डुप्लीकेट सूची के मतदाताओं का भौतिक सत्यापन कर फर्जी लोगों के नाम हटाए जाए। इस मामले में जिला प्रशासन ने मतदाताओं का सत्यापन करने के लिए क्षेत्रवार बीएलओ को लगाया। जांच में आया कि एक ग्राम पंचायत में एक ही नाम के चार-चार लोग मौजूद हैं लेकिन उनके पिता के नाम भिन्न-भिन्न हैं। कुछ लोगों ने दो-दो स्थानों पर मतदाता सूची में नाम अंकित कराया था। जांच के बाद करीब 71 हजार लोगों के नाम सूची से हटाए गए। इसमें मृत लोग भी शामिल थे। इधर जिला प्रशासन ने बीएलओ से डुप्लीकेट के अलावा सामान्य मतदाताओं का सत्यापन कराया। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 2.11 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। साथ ही 2.28 लाख नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए। 2021 की मतदाता सूची की तुलना में लगभग 18 हजार मतदाता वर्तमान समय में बढ़ गए हैं।
एडीएम प्रशासन संगीता गौतम ने बताया कि उनके पास करीब 50 शिकायतें मिली हैं। तहसीलों के बारे में पता नहीं है। आरोप है कि कुछ शादीशुदा महिलाओं के नाम कट गए हैं। कुछ लोगों ने आधार कार्ड का नंबर पूरा नहीं दिए थे। वहीं सदर, बिलारी, कांठ और ठाकुरद्वारा तहसीलों पर प्रतिदिन सौ से अधिक शिकायतें एसडीएम और अन्य अधिकारियों को मिल रही हैं। गांवों में चुनावी राजनीति की वजह से एक पक्ष नाम कटवाने और दूसरा पक्ष जोड़ने के लिए शिकायतें दे रहा है। शिकायतों की संख्या के बारे में तीनों एसडीएम कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि यह संख्या जिले के अधिकारी बताएंगे। अभी शिकायतें जिला स्तर पर सूचीबद्ध नहीं की गई हैं। छह जनवरी तक तहसील स्तर पर ही मतदाता सूची की शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 की सूची के अनुसार जिले में मतदाताओं की संख्या 14.73 लाख थी। इस मामले में चुनाव आयोग ने एआई के माध्यम से 2.35 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची जिला प्रशासन को सौंपी थी। हिदायत दी गई कि डुप्लीकेट सूची के मतदाताओं का भौतिक सत्यापन कर फर्जी लोगों के नाम हटाए जाए। इस मामले में जिला प्रशासन ने मतदाताओं का सत्यापन करने के लिए क्षेत्रवार बीएलओ को लगाया। जांच में आया कि एक ग्राम पंचायत में एक ही नाम के चार-चार लोग मौजूद हैं लेकिन उनके पिता के नाम भिन्न-भिन्न हैं। कुछ लोगों ने दो-दो स्थानों पर मतदाता सूची में नाम अंकित कराया था। जांच के बाद करीब 71 हजार लोगों के नाम सूची से हटाए गए। इसमें मृत लोग भी शामिल थे। इधर जिला प्रशासन ने बीएलओ से डुप्लीकेट के अलावा सामान्य मतदाताओं का सत्यापन कराया। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 2.11 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। साथ ही 2.28 लाख नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए। 2021 की मतदाता सूची की तुलना में लगभग 18 हजार मतदाता वर्तमान समय में बढ़ गए हैं।
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एडीएम प्रशासन संगीता गौतम ने बताया कि उनके पास करीब 50 शिकायतें मिली हैं। तहसीलों के बारे में पता नहीं है। आरोप है कि कुछ शादीशुदा महिलाओं के नाम कट गए हैं। कुछ लोगों ने आधार कार्ड का नंबर पूरा नहीं दिए थे। वहीं सदर, बिलारी, कांठ और ठाकुरद्वारा तहसीलों पर प्रतिदिन सौ से अधिक शिकायतें एसडीएम और अन्य अधिकारियों को मिल रही हैं। गांवों में चुनावी राजनीति की वजह से एक पक्ष नाम कटवाने और दूसरा पक्ष जोड़ने के लिए शिकायतें दे रहा है। शिकायतों की संख्या के बारे में तीनों एसडीएम कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि यह संख्या जिले के अधिकारी बताएंगे। अभी शिकायतें जिला स्तर पर सूचीबद्ध नहीं की गई हैं। छह जनवरी तक तहसील स्तर पर ही मतदाता सूची की शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा।
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