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कंपनियां बताएं उनकी दवा असली है या नकली
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद।
Updated Sun, 11 Feb 2018 02:31 AM IST
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नकली और अधोमानक दवाओं का धंधा आजकल फिजीशियन सैंपल की दवाओं के रूप में चल रहा है। सैंपल की दवाओं पर लोगों को ज्यादा भरोसा होता है और वह धड़ल्ले से इसकी खरीद कर लेते हैं। ड्रग इंस्पेक्टर भी सैंपल की दवाओं को सील कर जांच के लिए नहीं भेजते हैं। कई बड़े सेंटर पर सैंपल की दवाओं की बंपर सप्लाई का खेल चल रहा है। अब अधिकारियों ने इस मामले की दोहरी जांच करानी शुरू कर दी है। यह मामला अब लखनऊ तक पहुंच गया है।
यदि आप मेडिकल स्टोर से दवा खरीद रहे हैं तो ध्यान रखे वह फिजीशियन सैंपल की नॉट फार सेल वाली न हो। यह नकली भी हो सकती है। बड़े संख्या में नॉट फार सेल की दवाइयां मिलने के मामले में अधिकारियों के सामने चौंकाने वाली जानकारी आई है। जिससे लखनऊ तक हड़कंप मच गया है। लोगों को सैंपल की दवा की गुणवत्ता पर ज्यादा भरोसा होता है। माना जाता है कि यह चिकित्सकों के मरीजों पर परीक्षण के लिए आती है, ऐसे में इसमें पूरा साल्ट डाला गया होगा। सामान्यतया सैंपल वाली दवाओं की गुणवत्ता जांचने को लैब भी नहीं भेजा जाता है।
इसका फायदा दवा माफिया उठाते हैं। नकली दवाओं को फिजीशियन सैंपल के रैपर में पैक कराकर सप्लाई कर दिया जाता है। ऐसे में यह धड़ल्ले से सेल हो जाती है। विभागीय सूत्रों की मानें तो मेरठ, आगरा, दिल्ली व कानपुर से बड़े स्तर पर ऐसी दवाओं की सप्लाई की जा रही है। मंडल में बड़े स्तर पर सैंपल वाली दवाओं का भंडार मिलने के बाद अधिकारी सतर्क हो गए हैं। अब सैंपल की दवाओं की जड़ तक पहुंचने की कवायद शुरू हो गई है।
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सैंपल की दवाओं की गहनता से जांच की जा रही है। इनके प्रत्येक बिंदु को जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस भी इसमें समानांतर जांच कर रही है। जल्द ही हकीकत सामने आ जाएगी।
- नरेश मोहन, ड्रग इंस्पेक्टर।
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यदि आप मेडिकल स्टोर से दवा खरीद रहे हैं तो ध्यान रखे वह फिजीशियन सैंपल की नॉट फार सेल वाली न हो। यह नकली भी हो सकती है। बड़े संख्या में नॉट फार सेल की दवाइयां मिलने के मामले में अधिकारियों के सामने चौंकाने वाली जानकारी आई है। जिससे लखनऊ तक हड़कंप मच गया है। लोगों को सैंपल की दवा की गुणवत्ता पर ज्यादा भरोसा होता है। माना जाता है कि यह चिकित्सकों के मरीजों पर परीक्षण के लिए आती है, ऐसे में इसमें पूरा साल्ट डाला गया होगा। सामान्यतया सैंपल वाली दवाओं की गुणवत्ता जांचने को लैब भी नहीं भेजा जाता है।
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इसका फायदा दवा माफिया उठाते हैं। नकली दवाओं को फिजीशियन सैंपल के रैपर में पैक कराकर सप्लाई कर दिया जाता है। ऐसे में यह धड़ल्ले से सेल हो जाती है। विभागीय सूत्रों की मानें तो मेरठ, आगरा, दिल्ली व कानपुर से बड़े स्तर पर ऐसी दवाओं की सप्लाई की जा रही है। मंडल में बड़े स्तर पर सैंपल वाली दवाओं का भंडार मिलने के बाद अधिकारी सतर्क हो गए हैं। अब सैंपल की दवाओं की जड़ तक पहुंचने की कवायद शुरू हो गई है।
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सैंपल की दवाओं की गहनता से जांच की जा रही है। इनके प्रत्येक बिंदु को जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस भी इसमें समानांतर जांच कर रही है। जल्द ही हकीकत सामने आ जाएगी।
- नरेश मोहन, ड्रग इंस्पेक्टर।