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Moradabad News: क्लब बचे न टर्फ बना, सुनहरा इतिहास समेटे जिले में जूझ रही हॉकी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2024 07:12 AM IST
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Club survives without turf, hockey struggling in district with golden history
मुरादाबाद। मैं मुरादाबाद हूं... 1930 से 1980 तक पांच दशक मेरे मैदानों पर हॉकी ने राज किया। राष्ट्रीय खेल के रूप में घोषित होने पर यहां जश्न मनाया गया। उस समय मेरे पास हॉकी के बेहतरीन खिलाड़ियों को शामिल किए 11 क्लब थे। बेशक एस्ट्रो टर्फ नहीं था, लेकिन प्रतिभाओं की धमक अंतरराष्ट्रीय फलक तक थी।
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आज भी मेरे कुछ बाशिंदों ने हॉकी को संभाला हुआ है, कंक्रीट के मैदान पर अभ्यास कर फराज और सिमरन जैसे मेरे बच्चे राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच रहे हैं। जहां इस बात की खुशी है तो वहीं दुख यह भी है कि मेरी जमीन पर स्टेडियम तो बना, लेकिन हॉकी के लिए एस्ट्रो टर्फ नहीं है। जो क्लब थे वो खेल की राजनीति का शिकार होकर धीरे-धीरे खत्म हो गए। आज मेरे स्टेडियम में हॉकी का खेलो इंडिया सेंटर तो है लेकिन प्रतिस्पर्धाओं के समय विद्यालयों में हॉकी की टीमें नहीं मिलतीं। मेरे बच्चे हॉकी का अभ्यास घास और कंक्रीट के मैदान पर करने को मजबूर हैं, जबकि मेरे पड़ोसी जिले रामपुर में दो जगह टर्फ बने हुए हैं, इस बात की मुझे ईर्ष्या नहीं है, लेकिन टीस जरूर है कि मंडल मुख्यालय का दर्जा होने के बावजूद यहां राष्ट्रीय खेल की स्थिति कमजोर है।
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बंटवारे में पाकिस्तान गए, लेकिन भारत के खिलाफ नहीं खेले फसाहत
जिला हॉकी संघ के सचिव व वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी अतहर खां के शिष्य इकबाल खां बताते हैं कि 1940 के दशक में मुरादाबाद के कई खिलाड़ियों का दूर-दूर तक नाम था। इनमें से एक फसाहत यार खां थे, जिन्हें बंटवारे के समय परिवार के साथ पाकिस्तान जाना पड़ा। 1960 के ओलंपिक में उन्हें पाकिस्तान की टीम से खेलने का मौका मिला। तब उन्होंने यह कहकर इन्कार कर दिया कि मैं भारत के खिलाफ नहीं खेलूंगा। उन्होंने पाकिस्तान की टीम को कोचिंग भी दी।
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हिंदू-मुस्लिम का भेदभाव खत्म करने के लिए बनाया मुरादाबाद हॉकी क्लब
यूं तो शहर में सैयद साबिर अली, इशरत हसन खां, नुसरत खां, शाहिद खां कई नाम रहे जिन्होंने हॉकी की सेवा की। इकबाल ने बताया कि मुरादाबाद में हिंदू यंग क्लब और मुस्लिम यंग क्लब हुआ करते थे, जबकि 11 स्टार क्लब ऐसा था, जिसमें दो वर्गों के खिलाड़ी शामिल थे। 1980 के दंगे के बाद मुरादाबाद में खेलों में भी तनातनी का माहौल बहुत बढ़ गया। खेल में इसे खत्म करने के लिए अतहर खां ने मुरादाबाद हॉकी क्लब बनाया। उन्होंने कहा कि मैं खुद 11 स्टार क्लब का खिलाड़ी हूं, लेकिन जब हमारे शहर की कोई भी टीम बाहर जाए तो वह मुरादाबाद हॉकी क्लब के नाम से ही खेले। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को इस क्लब में शामिल किया।


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मुरादाबाद में एस्ट्रो टर्फ समेत अन्य सुविधाएं विकसित करने के लिए जमीन तलाशी जा रही है। वहां टर्फ, स्वीमिंग पूल, शूटिंग रेंज आदि बनाने का प्रस्ताव है। यदि जमीन मिले तो शासन को रिपोर्ट भेजकर काम शुरू कराया जाए।
- प्रेम कुमार, क्रीड़ाधिकारी
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