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Moradabad News: मिड-डे मील में बच्चों को मिली खुली खाद्य सामग्री
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मुरादाबाद। परिषदीय स्कूलों में शुक्रवार को बच्चों को श्री अन्न (मोटा अनाज) पोषण सामग्री वितरित की गई। शिक्षकों का कहना है कि एनजीओ ने खुली सामग्री वितरित कर निर्देशों का पालन नहीं किया है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना के अंतर्गत परिषदीय स्कूलों के बच्चों को प्रत्येक बृहस्पतिवार को अतिरिक्त खाद्य सामग्री वितरित करने के निर्देश दिए थे। सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन के अंतर्गत बच्चाें को पैक्ड खाद्य सामग्री देनी थी। इस पर एफएसएसएआई मार्क्ड और एक्सपायरी डेट का ध्यान देना था।
खाद्य सामग्री में मूंगफली की चिक्की, गुड़-तिल-मूंगफली की गजक, चौलाई रामदाना) के लड्डू, बाजरे के लड्डू आदि (प्रत्येक छात्र को न्यूनतम 20 ग्राम की मात्रा में) अथवा भुना चना (प्रत्येक छात्र को न्यूनतम 50 ग्राम की मात्रा में) वितरित करना था। शिक्षकों का कहना है कि एनजीओ की ओर से चौलाई के लड्डू भी खुले हुए दिए गए थे, जबकि उसके पैकेट दिए जा सकते थे।
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वहीं चना भी एक खुली पॉलीथीन में दिए गए हैं। खुली खाद्य सामग्री होने की वजह से उसकी गुणवत्ता व एक्सपायरी डेट के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में बीएसए विमलेश कुमार का कहना है कि बृहस्पतिवार को अवकाश होने के कारण शुक्रवार को खाद्य सामग्री देने का पहला दिन था। यदि खुली खाद्य सामग्री दी गई है तो इसकी जानकारी प्राप्त की जाएगी। आगे से शासन के निर्देशों के अनुसार सामग्री वितरित करने को कहा जाएगा।
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना के अंतर्गत परिषदीय स्कूलों के बच्चों को प्रत्येक बृहस्पतिवार को अतिरिक्त खाद्य सामग्री वितरित करने के निर्देश दिए थे। सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन के अंतर्गत बच्चाें को पैक्ड खाद्य सामग्री देनी थी। इस पर एफएसएसएआई मार्क्ड और एक्सपायरी डेट का ध्यान देना था।
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खाद्य सामग्री में मूंगफली की चिक्की, गुड़-तिल-मूंगफली की गजक, चौलाई रामदाना) के लड्डू, बाजरे के लड्डू आदि (प्रत्येक छात्र को न्यूनतम 20 ग्राम की मात्रा में) अथवा भुना चना (प्रत्येक छात्र को न्यूनतम 50 ग्राम की मात्रा में) वितरित करना था। शिक्षकों का कहना है कि एनजीओ की ओर से चौलाई के लड्डू भी खुले हुए दिए गए थे, जबकि उसके पैकेट दिए जा सकते थे।
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वहीं चना भी एक खुली पॉलीथीन में दिए गए हैं। खुली खाद्य सामग्री होने की वजह से उसकी गुणवत्ता व एक्सपायरी डेट के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में बीएसए विमलेश कुमार का कहना है कि बृहस्पतिवार को अवकाश होने के कारण शुक्रवार को खाद्य सामग्री देने का पहला दिन था। यदि खुली खाद्य सामग्री दी गई है तो इसकी जानकारी प्राप्त की जाएगी। आगे से शासन के निर्देशों के अनुसार सामग्री वितरित करने को कहा जाएगा।