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Moradabad News: सरकारी अस्पतालों में 22 फीसदी घटे प्रसव...निजी में बढ़े

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2026 02:42 AM IST
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Childbirths in government hospitals have declined... while rising in private ones.
मुरादाबाद। मुफ्त दवाएं, मुफ्त जांच और सुरक्षित प्रसव के बाद भी सरकारी अस्पतालों की चौखट से अब प्रसूताओं का भरोसा रूठने लगा है। स्वास्थ्य महकमे के दावों को धता बताते हुए प्रसूताएं अब महंगे निजी अस्पतालों की शरण ले रही हैं।
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जिलेभर में प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ी है लेकिन सरकारी अस्पतालों से प्रसव कराने का भरोसा तेजी से घटा है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे के हालिया आंकड़ों के मुताबिक यह बड़ा बदलाव सामने आया है। पांच साल में संस्थागत प्रसव का आंकड़ा 80.3 से बढ़कर 88.5 फीसदी हो गया लेकिन सरकारी अस्पतालों में होने वाले प्रसव 40 फीसदी से घटकर सिर्फ 17.8 फीसदी रह गए। यानी अस्पताल में होने वाले प्रसव में सरकारी अस्पतालों की हिस्सेदारी आधे से भी कम हो गई।
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वर्ष 2019-21 और वर्ष 2023-24 के आंकड़ों की तुलना में यह बदलाव साफ दिखाई देता है। निजी अस्पतालों में प्रसव का प्रतिशत 39.7 फीसदी दर्ज हुआ है। वहीं कुल संस्थागत प्रसव 88.5 फीसदी हैं। इससे संकेत मिलता है कि अस्पताल में प्रसव कराने का चलन तो बढ़ा लेकिन सरकारी संस्थानों की हिस्सेदारी उस गति से नहीं बढ़ सकी। प्रसव के तरीके में भी बड़ा अंतर सामने आया है। जिले में कुल प्रसव में सिजेरियन की हिस्सेदारी 39.7 फीसदी पहुंच गई है, जबकि चार साल पहले तक यह 22.5 फीसदी थी। पांच साल में सिजेरियन प्रसव में 17.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। निजी अस्पतालों में सिजेरियन प्रसव का आंकड़ा 53.4 फीसदी है। इसके उलट सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सिजेरियन प्रसव 11.3 फीसदी रहे। गर्भावस्था के दौरान पहली तिमाही में जांच कराने वाली महिलाओं का प्रतिशत 73.7 से घटकर 70.8 फीसदी रह गया। मां और बच्चे की देखभाल से जुड़े कुछ संकेतक भी घटे हैं। प्रसव के बाद नवजात को टिटनेस से सुरक्षा मिलने का आंकड़ा 95.1 से घटकर 92.3 फीसदी और मां-बच्चे को मिलने वाले एमसीपी कार्ड का कवरेज 97.6 से घटकर 91.6 फीसदी हुआ है।
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अप्रैल से अगस्त 2026 तक सरकारी व निजी अस्पतालों में हुए प्रसव
ब्लॉक - सरकारी अस्पताल में प्रसव - निजी अस्पतालों में प्रसव
बिलारी - 738 - 395
भोजपुर - 814 - 841
डिलारी - 688 - 847

कांठ - 438 - 973
कुंदरकी - 449 - 623
मूंढापांडे - 878 - 730
ताजपुर - 508 - 441
ठाकुरद्वारा - 686 - 545
मुरादाबाद शहर - 1099 - 16734

वर्जन
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव बढ़ाने के लिए टीम को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में इसके परिणाम भी सामने आए हैं। अधिकांश लोगों के पास स्वास्थ्य बीमा होना व निजी अस्पतालों की संख्या ज्यादा होना भी इसका कारण है। हमारा प्रयास है कि सभी प्रसव अस्पतालों में हों। एक भी प्रसव घर पर न हो। -डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
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