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Moradabad News: चाइल्ड हेल्पलाइन और पुलिस ने, नाबालिग की शादी रुकवाई
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मुरादाबाद। बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रोबेशन विभाग की चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने थाना एएचटीयू की मदद से बुधवार थाना मझोला की एकता विहार कॉलोनी में पहुंच कर एक नाबालिग बालिका की शादी रुकवा दी। यह कार्रवाई बाल कल्याण समिति के निर्देश पर की गई।
चाइल्ड हेल्पलाइन की कोऑर्डिनेटर तबस्सुम ने बताया कि बुधवार को सूचना मिली कि एकता नगर कॉलोनी में एक नाबालिग बालिका की शादी के लिए बुलंदशहर से रात बारात आने वाली है। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर वह अपनी टीम के सुपरवाइजर मुरारी लाल और थाना एएचटीयू की टीम के साथ जब मौके पर पहुंची तो वहां शादी की तैयारियां चल रही थीं। रात में विवाह होना तय था। टीम द्वारा जब बालिका की आयु संबंधी दस्तावेज मांगे गए, तो परिजनों ने उसकी कक्षा 10 की मार्कशीट दिखाई। दस्तावेजों के आधार पर बालिका की आयु 16 वर्ष पांच माह पाई गई।
नाबालिग होने के कारण टीम बालिका को रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय ले आई। बालिका के परिजनों को भी वहीं बुलाया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम द्वारा काउंसलिंग के दौरान परिजनों को बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु में विवाह करना कानूनन अपराध है। इसके बाद बालिका और उसके परिजनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां परिजनों ने यह स्वीकार किया कि उन्हें विवाह की न्यूनतम आयु की जानकारी नहीं थी। उन्होंने समिति के समक्ष शपथपत्र प्रस्तुत करते हुए यह आश्वासन दिया कि अब वे बालिका का विवाह तभी करेंगे जब वह 18 वर्ष की हो जाएगी।
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चाइल्ड हेल्पलाइन की कोऑर्डिनेटर तबस्सुम ने बताया कि बुधवार को सूचना मिली कि एकता नगर कॉलोनी में एक नाबालिग बालिका की शादी के लिए बुलंदशहर से रात बारात आने वाली है। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर वह अपनी टीम के सुपरवाइजर मुरारी लाल और थाना एएचटीयू की टीम के साथ जब मौके पर पहुंची तो वहां शादी की तैयारियां चल रही थीं। रात में विवाह होना तय था। टीम द्वारा जब बालिका की आयु संबंधी दस्तावेज मांगे गए, तो परिजनों ने उसकी कक्षा 10 की मार्कशीट दिखाई। दस्तावेजों के आधार पर बालिका की आयु 16 वर्ष पांच माह पाई गई।
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नाबालिग होने के कारण टीम बालिका को रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय ले आई। बालिका के परिजनों को भी वहीं बुलाया गया। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम द्वारा काउंसलिंग के दौरान परिजनों को बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु में विवाह करना कानूनन अपराध है। इसके बाद बालिका और उसके परिजनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां परिजनों ने यह स्वीकार किया कि उन्हें विवाह की न्यूनतम आयु की जानकारी नहीं थी। उन्होंने समिति के समक्ष शपथपत्र प्रस्तुत करते हुए यह आश्वासन दिया कि अब वे बालिका का विवाह तभी करेंगे जब वह 18 वर्ष की हो जाएगी।
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