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रामपुर सामूहिक दुष्कर्म मामले में इंस्पेक्टर समेत सात के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
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मुरादाबाद। रामपुर के चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में एसआईटी ने शुक्रवार को अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। इस मामले में निलंबित इंस्पेक्टर रामवीर यादव, निजी अस्पताल संचालक विनोद यादव समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
रामपुर के सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में रहने वाली महिला ने केस दर्ज कराया था। उसमें महिला ने बताया था कि वह एक निजी अस्पताल में काम करती थी। महिला का आरोप था कि पांच अप्रैल 2021 की शाम को अस्पताल संचालक विनोद सिंह यादव अपने दोस्त तत्कालीन गंज कोतवाली प्रभारी रामवीर सिंह के साथ अस्पताल आए। दोनों ने महिला से दुष्कर्म किया। इसके बाद कुछ दस्तावेजों पर उससे जबरन हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद आरोपियों के दो अन्य साथी भी वहां आ गए थे। आरोप है कि वह महिला को कार से अगवा कर ले गए। रास्ते में यूपी 112 की गाड़ी मिली तो आरोपियों ने पीड़िता को रास्ते में छोड़ दिया था। डीआईजी ने इस मामले में एसआईजी का गठन किया था। मुरादाबाद में महिला थाना प्रभारी शर्मिला शर्मा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने पूरे प्रकरण की जांच की। इस दौरान पीड़िता के कोर्ट में बयान भी कराए। विवेचना के दौरान मयंक यादव निवासी माला सिनेमा रोड इंद्रप्रस्थ कालोनी रामपुर, रवि उर्फ तरुण निवासी बीपी कालोनी, अमन के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने आरोपी विनोद यादव, मयंक यादव, रवि उर्फ तरुण, अमन, मनोज और विनोद सक्सेना को जेल भेज दिया था। जबकि निलंबित इंस्पेक्टर हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत पर है।
रवि, अमन और मयंक को जमानत मिल चुकी है। डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि इस मामले की जांच एसआईटी से कराई थी। टीम जांच पूरी कर चुकी है। सभी सात आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
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रामपुर के सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में रहने वाली महिला ने केस दर्ज कराया था। उसमें महिला ने बताया था कि वह एक निजी अस्पताल में काम करती थी। महिला का आरोप था कि पांच अप्रैल 2021 की शाम को अस्पताल संचालक विनोद सिंह यादव अपने दोस्त तत्कालीन गंज कोतवाली प्रभारी रामवीर सिंह के साथ अस्पताल आए। दोनों ने महिला से दुष्कर्म किया। इसके बाद कुछ दस्तावेजों पर उससे जबरन हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद आरोपियों के दो अन्य साथी भी वहां आ गए थे। आरोप है कि वह महिला को कार से अगवा कर ले गए। रास्ते में यूपी 112 की गाड़ी मिली तो आरोपियों ने पीड़िता को रास्ते में छोड़ दिया था। डीआईजी ने इस मामले में एसआईजी का गठन किया था। मुरादाबाद में महिला थाना प्रभारी शर्मिला शर्मा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने पूरे प्रकरण की जांच की। इस दौरान पीड़िता के कोर्ट में बयान भी कराए। विवेचना के दौरान मयंक यादव निवासी माला सिनेमा रोड इंद्रप्रस्थ कालोनी रामपुर, रवि उर्फ तरुण निवासी बीपी कालोनी, अमन के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने आरोपी विनोद यादव, मयंक यादव, रवि उर्फ तरुण, अमन, मनोज और विनोद सक्सेना को जेल भेज दिया था। जबकि निलंबित इंस्पेक्टर हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत पर है।
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रवि, अमन और मयंक को जमानत मिल चुकी है। डीआईजी शलभ माथुर ने बताया कि इस मामले की जांच एसआईटी से कराई थी। टीम जांच पूरी कर चुकी है। सभी सात आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
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