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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Ceasefire Alters Exporters Outlook; Shipment of ₹80 Crore Worth of Stockpiled Handicrafts Takes Priority

UP: थमी जंग ने बदला पीतलनगरी के निर्यातकों का रंग, 80 करोड़ के डंप हस्तशिल्प उत्पादों की रवानगी प्राथमिकता

Thu, 09 Apr 2026 06:56 PM IST
Vimal Sharma संवाद न्यूज एजेंसी, नौगावां सादात
संवाद न्यूज एजेंसी, नौगावां सादात Published by: Vimal Sharma Updated Thu, 09 Apr 2026 06:56 PM IST
सार

पश्चिम एशिया में युद्धविराम की खबर से मुरादाबाद के निर्यातकों में राहत की उम्मीद जगी है। युद्ध के कारण पीतलनगरी के करीब 100 करोड़ रुपये के हस्तशिल्प उत्पाद प्रभावित हुए। अब होर्मुज मार्ग खुलने से निर्यात दोबारा रफ्तार पकड़ने की संभावना बढ़ गई है।

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Ceasefire Alters Exporters Outlook; Shipment of ₹80 Crore Worth of Stockpiled Handicrafts Takes Priority
मुरादाबाद में कंटेनर डिपो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पश्चिम एशिया के युद्ध पर 14 दिन की रोक की जानकारी ने निराशा में डूबे निर्यात सेक्टर में हलचल बढ़ा दी। पीतलनगरी के निर्यातकों ने फैक्टरियों में बंद हस्तशिल्प उत्पादों को विदेशी बाजार तक पहुंचाने के रास्तों पर मंथन शुरू कर दिया। बुधवार रात से ही निर्यातकों के बीच बढ़ी सरगर्मी में बताया गया कि शहर की फर्मों में लगभग 80 करोड़ रुपये के उत्पाद तैयार हैं, जो युद्ध के कारण डंप थे।

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यही नहीं, 20 करोड़ रुपये के प्रोडेक्ट युद्ध से रास्ते प्रभावित होने पर जहाजों में अटक गए थे। अब इन्हें रफ्तार मिलने की उम्मीद है। पीतलनगरी से कुल निर्यात का 10 प्रतिशत सालाना कारोबार पश्चिमी एशिया के देशों में होता है। पश्चिम एशिया में युद्ध से पहले की तनातनी से ही निर्यात उत्पादों की आवाजाही पर ब्रेक लगने शुरू हो गए थे।
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नए आर्डर मिलना तो दूर, विदेशी ग्राहक पुरानी डील के तहत तैयार माल भेजने से इन्कार करने लगे थे। लगभग एक महीने की इस अवधि में कहीं उत्पाद फैक्टरियों में कैद हो गए तो कहीं रास्तों में फंस गए। यही नहीं, सफर के बीच से 10 से 12 कंटेनर माल वापस भी आ गया था।
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निर्यातक सतपाल ने बताया कि पश्चिमी एशिया में युद्ध के असर से मुरादाबाद का 100 करोड़ रुपये का हस्तशिल्प उत्पाद प्रभावित हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर की सहमति के बाद मुरादाबाद के उत्पादों को रफ्तार मिल सकेगी। होमुर्ज खुलने से जहाजों की आवाजाही तेज होगी। फिलहाल की खबर निर्यातकों के लिए राहत देने वाली है। 

फैक्टरी में माल तैयार है। करीब दो करोड़ रुपये के प्रोडेक्ट भेजने हैं। सीजफायर की अभी की अवधि कम है लेकिन इससे भी लाभ होगा। अगर इसे बढ़ाया तो और फायदा होगा। आगे आर्डर मिलने लगेंगे। कारोबारी समस्या खत्म हो जाएगी। -हरविंदर सिंह, निर्यातक

डेढ़ से दो करोड़ के हस्तशिल्प उत्पाद होल्ड हैं। इन्हें दुबई भेजना है। अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर की सहमति से जहाजों का आना-जाना शुरू होने पर दो सप्ताह में फैक्टरी में रखे हस्तशिल्प उत्पादों को भेज दिया जाएगा। - सतपाल, निर्यातक

फैक्टरी में दो कंटेनर उत्पाद तैयार हैं। डेढ़ करोड़ का माल जाना है। दोनों देशों के बीच फिलहाल युद्ध रोकने की सहमति से उत्पाद भेजे जा सकेंगे। शांति रही तो भविष्य के लिए आर्डर भी मिलने लगेंगे।  - विशाल अग्रवाल, निर्यातक

लगभग ढाई करोड़ का माल तैयार है, जो युद्ध के कारण नहीं जा सका। दुबई के दो खरीदारों से बात हुई है। शांति रही तो रुका माल जा सकेगा। कच्चे माल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद भी है।  - अमित गुप्ता, निर्यातक

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