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कारोबारी की दीवार गिराने वाले एसडीएम पर चला कार्रवाई का ‘बुलडोजर’
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मुरादाबाद। निलंबित एसडीएम घनश्याम वर्मा ने हड़बड़ी में कर गड़बड़ी कर दी। बुलडोजर से फर्नीचर कारोबार के घर की बाउंड्री गिरवाने वाले एसडीएम पर 21 दिन में ही कार्रवाई का ‘बुलडोजर’ चल गया। फिलहाल निलंबित एसडीएम ने अपना पक्ष शासन में रखने की बात कही है।
एसडीएम घनश्याम वर्मा ने दो जुलाई को कारोबारी जाहिद अहमद के यहां से फर्नीचर लिया था। इस बीच जाहिद के खिलाफ तालाब की भूमि पर कब्जा करने की शिकायत तहसील स्तर पर कर दी गई। कार्रवाई नहीं होने पर मामला आईजीआरएस पोर्टल तक पहुंच गया। इसके बाद 12 जुलाई को एसडीएम ने फर्नीचर कारोबारी के घर की चहारदीवारी पर बुलडोजर चलवा दिया। बाद में फर्नीचर कारोबारी ने इसकी शिकायत कमिश्नर से कर दी। जाहिद अहमद ने शिकायतीपत्र बताया था कि एसडीएम ने दो जुलाई को फर्नीचर लिया था और उसे हरदोई की डिप्टी जेलर के लिए भेज दिया था।
एडीएम प्रशासन की जांच में पाया गया कि एसडीएम ने संबंधित जमीन के मामले में नियम विरुद्ध काम किया था। यदि जमीन तालाब की थी तो उसे एसडीएम को पहले बेदखल करने की कार्रवाई पूरी करनी थी। सिर्फ नो ड्यूज के आधार पर कार्रवाई करना न्याय संगत नहीं पाया गया। बुलडोजर चलवाने के 21 दिन बाद खुद एसडीएम पर निलंबन की कार्रवाई का बुलडोजर चल गया।
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एसडीएम घनश्याम वर्मा ने दो जुलाई को कारोबारी जाहिद अहमद के यहां से फर्नीचर लिया था। इस बीच जाहिद के खिलाफ तालाब की भूमि पर कब्जा करने की शिकायत तहसील स्तर पर कर दी गई। कार्रवाई नहीं होने पर मामला आईजीआरएस पोर्टल तक पहुंच गया। इसके बाद 12 जुलाई को एसडीएम ने फर्नीचर कारोबारी के घर की चहारदीवारी पर बुलडोजर चलवा दिया। बाद में फर्नीचर कारोबारी ने इसकी शिकायत कमिश्नर से कर दी। जाहिद अहमद ने शिकायतीपत्र बताया था कि एसडीएम ने दो जुलाई को फर्नीचर लिया था और उसे हरदोई की डिप्टी जेलर के लिए भेज दिया था।
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एडीएम प्रशासन की जांच में पाया गया कि एसडीएम ने संबंधित जमीन के मामले में नियम विरुद्ध काम किया था। यदि जमीन तालाब की थी तो उसे एसडीएम को पहले बेदखल करने की कार्रवाई पूरी करनी थी। सिर्फ नो ड्यूज के आधार पर कार्रवाई करना न्याय संगत नहीं पाया गया। बुलडोजर चलवाने के 21 दिन बाद खुद एसडीएम पर निलंबन की कार्रवाई का बुलडोजर चल गया।
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