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आधा बजट भी न मिला, आखिर कैसे मिलेगा जीएसटी रिफंड
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मुरादाबाद। जीएसटी और आईजीएसटी रिफंड की धनराशि न मिलने से निर्यातकों के करोड़ों रुपये फंस गए हैं। अब द हैंडी क्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव सत्यपाल ने सवाल उठाया है कि जब केंद्र सरकार ने आधा बजट भी नहीं दिया तो रिफंड कैसे मिल पाएगा। कहा कि 30 हजार करोड़ रिफंड बकाया है, जब सरकार सिर्फ 13 हजार करोड़ रुपये देने की बात कह रही है। उन्होंने मामले में वित्त मंत्री से वार्ता करने के लिए समय मांगा।
एसोसिएशन के सचिव ने बताया कि निर्यातकों और उद्यमियों का जीएसटी और आईजीएसटी रिफंड की वर्ष 2019 की राशि विभाग में फंसी है। 2019-20 में मंत्रालय को 30 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता थी, जबकि वित्त मंत्रालय ने केवल पांच हजार करोड़ आवंटित किया। यही कारण है कि विभाग पोर्टल नहीं खोल रहा है। वहीं रोड एप स्कीम से 2021-22 में 13 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने का आश्वासन दिया गया, जबकि 30 हजार करोड़ की आवश्यकता है। बजट अभी मिला नहीं है, सिर्फ आश्वासन से काम चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय अब भी सही बजट की तलाश में है। निर्यातकों के रिफंड की करीब चार हजार करोड़ से अधिक की धनराशि फंस गई है। निर्यातकों का अपना ही पैसा पिछले दो साल से नहीं मिल रहा है। यदि उनका पैसा मिल जाए तो निर्यात कारोबार को काफी राहत मिलेगी। क्योंकि पहले लॉक डाउन ओर अब कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण कारोबार की हालत काफी खराब हो गई है। उन्होंने इस मुद्दे को रखने के लिए वित्त मंत्री से समय मांगा है। जल्द ही वह उनसे मिलकर इस समस्या को पुरजोर ढंग से उठाएंगे।
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एसोसिएशन के सचिव ने बताया कि निर्यातकों और उद्यमियों का जीएसटी और आईजीएसटी रिफंड की वर्ष 2019 की राशि विभाग में फंसी है। 2019-20 में मंत्रालय को 30 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता थी, जबकि वित्त मंत्रालय ने केवल पांच हजार करोड़ आवंटित किया। यही कारण है कि विभाग पोर्टल नहीं खोल रहा है। वहीं रोड एप स्कीम से 2021-22 में 13 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने का आश्वासन दिया गया, जबकि 30 हजार करोड़ की आवश्यकता है। बजट अभी मिला नहीं है, सिर्फ आश्वासन से काम चलाया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय अब भी सही बजट की तलाश में है। निर्यातकों के रिफंड की करीब चार हजार करोड़ से अधिक की धनराशि फंस गई है। निर्यातकों का अपना ही पैसा पिछले दो साल से नहीं मिल रहा है। यदि उनका पैसा मिल जाए तो निर्यात कारोबार को काफी राहत मिलेगी। क्योंकि पहले लॉक डाउन ओर अब कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण कारोबार की हालत काफी खराब हो गई है। उन्होंने इस मुद्दे को रखने के लिए वित्त मंत्री से समय मांगा है। जल्द ही वह उनसे मिलकर इस समस्या को पुरजोर ढंग से उठाएंगे।
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