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Moradabad News: बुद्धि विहार...यहां तो खुदा पड़ा है विकास
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मुरादाबाद। बुद्धि विहार में पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदने का काम तो हो गया, लेकिन उन्हें पहले जैसी स्थिति में लौटाने की जिम्मेदारी जैसे गड्ढों में ही दब गई। सेक्टर चार से नौ तक कई स्थानों पर सड़कें अब भी उखड़ी पड़ी हैं। कहीं पाइपलाइन के लिए की गई खोदाई के बाद रास्ता समतल नहीं हुआ तो कहीं मिट्टी और पत्थर डालकर काम रोक दिया गया। बारिश ने इन अधूरी सड़कों की हालत और बिगाड़ दी है। ऐसे में कई रास्तों पर बाइक निकालना तक जोखिम भरा हो गया है।
कई स्थानों पर सड़क और खोदाई वाले हिस्से के बीच ऊंचा-नीचा का अंतर साफ दिखाई देता है। वाहन भी बेहद धीमी गति से निकाले जा रहे हैं। वहीं कई गलियों में तो सड़कें काफी गहरी खुदी हैं। पैदल चलने वालों की परेशानी बारिश के बाद और बढ़ जाती है। सड़क पर जमा मिट्टी गीली होने के बाद फिसलन पैदा कर रही है, जबकि सूखे मौसम में यही मिट्टी उड़कर आसपास फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने का काम अपनी जगह जरूरी है, लेकिन काम पूरा होने के बाद सड़क को उसी गुणवत्ता में वापस करना भी जरूरी है। केवल खोदी हुई सड़क को मिट्टी से भर देना मरम्मत नहीं है। कई जगह ऊपर की सतह अब तक व्यवस्थित नहीं की गई, जिससे सड़क लगातार टूटती जा रही है। सेक्टर-9 बी का हाल और बुरा है। यहां अधूरी सड़क बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो जाती है। कई बार शिकायत के बाद भी सड़क नहीं बनाई गई।
सड़क की सतह बैठने से बिगड़ा रास्ता
बुद्धि विहार के सेक्टर तीन में दुर्गा पार्क के पास अंदरूनी रास्तों में कई जगह खोदाई के बाद भरी गई मिट्टी दबाव और बारिश के कारण बैठ गई है। इससे सड़क पर छोटे-बड़े उभार बन गए हैं। दोपहिया वाहन इन स्थानों पर असंतुलित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार समस्या नई नहीं है, लेकिन हर बारिश के बाद रास्तों की स्थिति और खराब हो जाती है। सेक्टर चार में छठ पार्क के पास भी यही हाल है। पाइपलाइन के लिए सड़क खोदने का काम जल निगम से जुड़ा है, जबकि सड़क की मरम्मत नगर निगम के जिम्मे बताई जाती है। इसी वजह से स्थानीय लोगों को यह स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा कि सड़क को अंतिम रूप से ठीक कौन कराएगा और कब तक कराएगा। वहीं जल निगम के अधिकारी लोगों का फोन तक नहीं उठा रहे हैं। मंगलवार को भी लोगों ने जेई से लेकर अधिशासी अभियंता तक को फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। वहीं नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल का कहना है कि इस कार्य के विषय में उन्हें जानकारी नहीं है। टीम से जानकारी लेंगे यदि नगर निगम का काम है तो जल्द से जल्द पूरा कराएंगे।
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सड़क की खोदाई के बाद उसे भर दिया गया, लेकिन ऊपर की सतह पहले जैसी नहीं बनाई गई। वाहन चलाते समय हर थोड़ी दूरी पर झटका लगता है। रोज इसी रास्ते से निकलने वालों की परेशानी विभाग को समझनी चाहिए। - कुलदीप
बारिश में मिट्टी गीली होने के बाद रास्ते पर फिसलन हो जाती है। पैदल चलने वालों को काफी संभलकर निकलना पड़ता है। काम पूरा होने के बाद सड़क की सही तरीके से बहाली होनी चाहिए। - धीरेंद्र सिंह
लोगों को यह पता ही नहीं कि सड़क की मरम्मत किस विभाग को करानी है। शिकायत करने पर कभी पाइपलाइन वाले विभाग का नाम बताया जाता है तो कभी सड़क वाले विभाग का। जनता को विभागों के बीच नहीं फंसाया जाना चाहिए। - मनीष शर्मा
विकास कार्य के लिए कुछ समय तक परेशानी समझ में आती है, लेकिन काम खत्म होने के बाद भी सड़क सामान्य नहीं हो तो सवाल उठना स्वाभाविक है। अधिकारियों को मौके पर आकर स्थिति देखनी चाहिए। - विष्णु
सड़क की हालत के कारण वाहन धीमे चलाने पड़ते हैं। बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है। अगर खुदाई वाले हिस्सों की समय से मरम्मत हो जाए तो लोगों को रोज की परेशानी से राहत मिल सकती है। - रुद्र
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कई स्थानों पर सड़क और खोदाई वाले हिस्से के बीच ऊंचा-नीचा का अंतर साफ दिखाई देता है। वाहन भी बेहद धीमी गति से निकाले जा रहे हैं। वहीं कई गलियों में तो सड़कें काफी गहरी खुदी हैं। पैदल चलने वालों की परेशानी बारिश के बाद और बढ़ जाती है। सड़क पर जमा मिट्टी गीली होने के बाद फिसलन पैदा कर रही है, जबकि सूखे मौसम में यही मिट्टी उड़कर आसपास फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने का काम अपनी जगह जरूरी है, लेकिन काम पूरा होने के बाद सड़क को उसी गुणवत्ता में वापस करना भी जरूरी है। केवल खोदी हुई सड़क को मिट्टी से भर देना मरम्मत नहीं है। कई जगह ऊपर की सतह अब तक व्यवस्थित नहीं की गई, जिससे सड़क लगातार टूटती जा रही है। सेक्टर-9 बी का हाल और बुरा है। यहां अधूरी सड़क बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो जाती है। कई बार शिकायत के बाद भी सड़क नहीं बनाई गई।
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सड़क की सतह बैठने से बिगड़ा रास्ता
बुद्धि विहार के सेक्टर तीन में दुर्गा पार्क के पास अंदरूनी रास्तों में कई जगह खोदाई के बाद भरी गई मिट्टी दबाव और बारिश के कारण बैठ गई है। इससे सड़क पर छोटे-बड़े उभार बन गए हैं। दोपहिया वाहन इन स्थानों पर असंतुलित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार समस्या नई नहीं है, लेकिन हर बारिश के बाद रास्तों की स्थिति और खराब हो जाती है। सेक्टर चार में छठ पार्क के पास भी यही हाल है। पाइपलाइन के लिए सड़क खोदने का काम जल निगम से जुड़ा है, जबकि सड़क की मरम्मत नगर निगम के जिम्मे बताई जाती है। इसी वजह से स्थानीय लोगों को यह स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा कि सड़क को अंतिम रूप से ठीक कौन कराएगा और कब तक कराएगा। वहीं जल निगम के अधिकारी लोगों का फोन तक नहीं उठा रहे हैं। मंगलवार को भी लोगों ने जेई से लेकर अधिशासी अभियंता तक को फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। वहीं नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल का कहना है कि इस कार्य के विषय में उन्हें जानकारी नहीं है। टीम से जानकारी लेंगे यदि नगर निगम का काम है तो जल्द से जल्द पूरा कराएंगे।
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सड़क की खोदाई के बाद उसे भर दिया गया, लेकिन ऊपर की सतह पहले जैसी नहीं बनाई गई। वाहन चलाते समय हर थोड़ी दूरी पर झटका लगता है। रोज इसी रास्ते से निकलने वालों की परेशानी विभाग को समझनी चाहिए। - कुलदीप
बारिश में मिट्टी गीली होने के बाद रास्ते पर फिसलन हो जाती है। पैदल चलने वालों को काफी संभलकर निकलना पड़ता है। काम पूरा होने के बाद सड़क की सही तरीके से बहाली होनी चाहिए। - धीरेंद्र सिंह
लोगों को यह पता ही नहीं कि सड़क की मरम्मत किस विभाग को करानी है। शिकायत करने पर कभी पाइपलाइन वाले विभाग का नाम बताया जाता है तो कभी सड़क वाले विभाग का। जनता को विभागों के बीच नहीं फंसाया जाना चाहिए। - मनीष शर्मा
विकास कार्य के लिए कुछ समय तक परेशानी समझ में आती है, लेकिन काम खत्म होने के बाद भी सड़क सामान्य नहीं हो तो सवाल उठना स्वाभाविक है। अधिकारियों को मौके पर आकर स्थिति देखनी चाहिए। - विष्णु
सड़क की हालत के कारण वाहन धीमे चलाने पड़ते हैं। बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है। अगर खुदाई वाले हिस्सों की समय से मरम्मत हो जाए तो लोगों को रोज की परेशानी से राहत मिल सकती है। - रुद्र