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भाई गए जेल तो टाल दी बहन की शादी
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मुरादाबाद। बारह जनवरी की रात करीब साढ़े आठ बजे कुशांक गुप्ता की हत्या की गई थी। ठीक उसी वक्त रामगंगा विहार स्थित कुशांक की दुकान से करीब 50 किलोमीटर दूर नूरपुर में दवा व्यापारी पंकज गोयल के घर में ग्रुप डांस की प्रैक्टिस की जा रही थी। पंकज का दावा है कि उस वक्त उनके दोनों बेटे हिमांशु और प्रियांशु घर में मौजूद थे। भाइयों के जेल जाने के बाद बहन की शादी टाल दी गई है।
बिजनौर जनपद के नूरपुर थानाक्षेत्र के कबीर नगर निवासी पंकज गोयल ने बताया कि 23 जनवरी को उनकी बेटी की शादी होनी थी। जिसकी तैयारियों में पूरा परिवार लगा हुआ था। बारह जनवरी की रात साढ़े आठ बजे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ही दोनों भाई भी ग्रुप डांस की प्रैक्टिस कर रहे थे। इसके बाद खाना खाने के बाद सभी सदस्य सो गए थे। रात करीब डेढ़ बजे पुलिस वहां पहुंची और दोनों भाइयों को अपने साथ ले गई थी। पुलिस ने डीवीआर भी अपने कब्जे में ले ली थी। दोनों भाइयों के मोबाइल भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए थे। दोनों भाइयों के जेल जाने के बाद शादी भी टाल दी गई है।
पुलिस ने कोर्ट से नहीं मांगी दोनों भाइयों का रिमांड
मुरादाबाद। कुशांक हत्याकांड में जेल भेजे गए दोनों भाइयों का पुलिस ने रिमांड कोर्ट से नहीं मांगी था। अगर पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करती तो कुछ और तथ्य सामने आ सकते थे, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया था।
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सिविल लाइंस के रामगंगा विहार कालोनी में बारह जनवरी की रात स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नूरपुर निवासी प्रियांशु और हिमांशु के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने शनिवार को दोनों की गिरफ्तारी दर्शाई और कोर्ट में पेश किया किया, लेकिन पुलिस की ओर से दोनों भाइयों की रिमांड नहीं मांगी गई। अगर पुलिस दोनों भाइयों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करती तो इस मामले में कुछ और तथ्य सामने आ सकते थे। सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह का कहना है कि पूछताछ करने के बाद ही आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था। विवेचना के दौरान अगर रिमांड पर लेने की जरूरत पड़ेगी तो आवेदन किया जाएगा।
केस में किसी का नामजद होने का मतलब ये नहीं होता कि वो ही आरोपी होगा। केस की विवेचना इसीलिए की जाती है कि अगर नामजद की कोई भूमिका नहीं है तो उसका नाम केस से निकाल दिया जाता है। अगर किसी अन्य भी भूमिका सामने आती है तो उसका नाम केस में शामिल किया जाता है।
आनंद मोहन गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता
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बिजनौर जनपद के नूरपुर थानाक्षेत्र के कबीर नगर निवासी पंकज गोयल ने बताया कि 23 जनवरी को उनकी बेटी की शादी होनी थी। जिसकी तैयारियों में पूरा परिवार लगा हुआ था। बारह जनवरी की रात साढ़े आठ बजे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ही दोनों भाई भी ग्रुप डांस की प्रैक्टिस कर रहे थे। इसके बाद खाना खाने के बाद सभी सदस्य सो गए थे। रात करीब डेढ़ बजे पुलिस वहां पहुंची और दोनों भाइयों को अपने साथ ले गई थी। पुलिस ने डीवीआर भी अपने कब्जे में ले ली थी। दोनों भाइयों के मोबाइल भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए थे। दोनों भाइयों के जेल जाने के बाद शादी भी टाल दी गई है।
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पुलिस ने कोर्ट से नहीं मांगी दोनों भाइयों का रिमांड
मुरादाबाद। कुशांक हत्याकांड में जेल भेजे गए दोनों भाइयों का पुलिस ने रिमांड कोर्ट से नहीं मांगी था। अगर पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करती तो कुछ और तथ्य सामने आ सकते थे, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया था।
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सिविल लाइंस के रामगंगा विहार कालोनी में बारह जनवरी की रात स्पोर्ट्स कारोबारी कुशांक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नूरपुर निवासी प्रियांशु और हिमांशु के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने शनिवार को दोनों की गिरफ्तारी दर्शाई और कोर्ट में पेश किया किया, लेकिन पुलिस की ओर से दोनों भाइयों की रिमांड नहीं मांगी गई। अगर पुलिस दोनों भाइयों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करती तो इस मामले में कुछ और तथ्य सामने आ सकते थे। सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह का कहना है कि पूछताछ करने के बाद ही आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था। विवेचना के दौरान अगर रिमांड पर लेने की जरूरत पड़ेगी तो आवेदन किया जाएगा।
केस में किसी का नामजद होने का मतलब ये नहीं होता कि वो ही आरोपी होगा। केस की विवेचना इसीलिए की जाती है कि अगर नामजद की कोई भूमिका नहीं है तो उसका नाम केस से निकाल दिया जाता है। अगर किसी अन्य भी भूमिका सामने आती है तो उसका नाम केस में शामिल किया जाता है।
आनंद मोहन गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता