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पट्टे की जमीन को भूमिधरी करने के बदले लेखपाल पर पांच लाख मांगने का आरोप

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2020 02:18 AM IST
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blaims on lekhpal for land transfer
मुरादाबाद। पट्टे की जमीन को भूमिधरी में दर्ज करने केनाम पर लेखपाल ने न केवल पट्टा धारक से पांच लाख रुपये मांगे बल्कि कहा कि पैसा नहीं है तो इस जमीन का सौदा मेरे नाम ही कर दो। यह आरोप लगाते हुए पट्टा धारक महिला ने वीडियो जारी किया है। कहा है कि वह चक्कर काट काटकर थक गई हैं पर काम नहीं हो पा रहा है। आखिर वह क्या करे।
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मामला मुरादाबाद तहसील क्षेत्र के गांव गांगन वाली मैनाठेर का है। यहां की रहने वाली बुजुर्ग महिला रामश्री ने वीडियो जारी किया है। दरअसल, यह महिला समाधान दिवस पर पहुंची थी पर यहां भी सुनवाई नहीं हुई। उसके बाद उसने दुखी मन से यह वीडियो जारी किया। महिला का कहना है कि उसका लगभग पांच बीघा जमीन का बीस साल पुराना पट्टा है। पूरे गांव में काफी लोगों के पट्टों की जमीन को भूमि धरी कर दिया गया है। भूमि धरी यानी पट्टाधारक का अब पूर्ण अधिकार इस जमीन पर होगा और वह इसे बेच भी सकते हैं। रामश्री का कहना है कि उसे भूमि धरी नहीं किया जा रहा है। वह इस बाबत कई बार मनुहार कर चुकी है। रामश्री ने हलका लेखपाल पंकज हयानकी पर गंभीर आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि लेखपाल ने पट्टे की जमीन को भूमिधरी करने के लिए बदले रामश्री से पांच लाख रुपये मांगे। कहा कि यदि पैसा नहीं दे सकती हो तो इस जमीन का सौदा मेरे ही नाम कर दो। इस पर रामश्री ने काफी मिन्नत की कि उसकेपास पैसा नहीं है पर उसकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। महिला का कहना है कि वह चक्कर काट काटकर थक गई है। लॉकडाउन शुरू होने से पहले से वह तहसील कर्मियों के यहां चक्कर काट रही है पर अभी तक काम नहीं हुआ है। उनके साथ एक और व्यक्ति है जो इसी तरह से परेशान है। दोनों ने एक बार फिर से अधिकारियों से मनुहार की है कि उनका पट्टा भूमिधरी किया जाए।
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रामश्री का आरोप पूरी तरह से गलत है। मुझसे तो वह मिली भी सात आठ महीने पहले थीं। दरअसल इनके अभिलेखों यानी जिल्द के रकबे में और पट्टे केरकबे में फर्क आ रहा है। मैने तो इसे भूमि धरी करने की पत्रावली तैयार कर तहसीलदार को भेज दी थी पर यह अंतर होने केकारण वह फिर से जांच के लिए आ गई। एक और व्यक्ति के अभिलेखों में भी यही त्रुटि है। गांव में अन्य लोगों केपट्टे भूमिधरी हो गए हैं तो इनके भला क्यों नहीं होंगे। त्रुटि की वजह से ही अटके हैं- पंकज हयानकी लेखपाल
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मैं इस पूरे प्रकरण को दिखवाता हूं। महिला रामश्री सोमवार को कार्यालय समय में अपने दस्तावेज लेकर मुझसे आकर मिले। समस्या का समाधान होगा - नितिन तेवतिया, तहसीलदार मुरादाबाद

व्यवस्था से सवाल : आखिर रामश्री की क्या है गलती
यदि लेखपाल की बात मान भी ली जाए कि जिल्द के रकबे में और पट्टे के रकबे में फर्क है तो इसमें रामश्री की क्या गलती है? उसने तो पट्टा नापा नहीं। न ही उसने जिल्द में यह नाप दर्ज की। मौकेपर क्या था, अभिलेखों में क्या दर्ज किया गया यह इस महिला को क्या पता? यह तो तत्कालीन लेखपाल या अन्य तहसील कर्मियों ने ही किया? यह बात वर्तमान हलका लेखपाल पंकज भी स्वीकार करते हैं कि इस चूक में रामश्री की कोई गलती नहीं। यदि ऐसा है तो फिर वह बेचारी क्यों चक्कर लगा रही है? क्यों परेशान है और हाकिम उसकी क्यों नहीं सुन रहे हैं। जिन्होंने गलती की, उन्हें चिह्नित कर उन पर एक्शन हो। इस महिला का तो भूमिधरी का अधिकार बनता ही है।
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