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पति की रक्षा में माया से भिड़कर उभरीं स्वाति

Fri, 09 Dec 2016 02:22 AM IST
नगेश शर्मा/ अमर उजाला, मुरादाबाद
नगेश शर्मा/ अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Fri, 09 Dec 2016 02:22 AM IST
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bjp leader swati sing h defence husband to mayavati attack
स्वाति सिंह - फोटो : file
 स्वाति सिंह के फायरब्रांड नेता बनने के पीछे का सच केवल अपनी बेटी और सास के सम्मान के लिए बसपा नेताओं को दिया गया करारा जवाब ही नहीं है। 16 की उम्र में स्वाति ने कालेज में एबीवीपी के बैनर तले छात्राओं का नेतृत्व करके अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर दिया था। दो साल तक छात्र राजनीति की। मंच और माइक संभालने का गुण तभी से स्वाति में था। छात्र राजनीति करते हुए पढ़ाई पूरी की।
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समय ने करवट ली और भाजपा की राजनीति में सक्रिय दयाशंकर सिंह से विवाह के बाद स्वाति चूल्हा-चौके और कालेज में टीचिंग तक सीमित हो गईं। वर्षों तक ऐसा ही चलता रहा। बसपा सुप्रीमो मायावती पर दयाशंकर सिंह के बयान ने परिवार को संकट में डाल दिया। हालात यहां तक पहुंचे कि दयाशंकर को भाजपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया। ऐसे में मायावती और नसीमुद्दीन के बयानों ने जैसे स्वाति को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका दे दिया।
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यहीं से स्वाति ने महिलाओं के अपमान पर मोर्चा संभाल लिया। अपनी बेटी और सास के लिए कहे गए शब्दों को हथियार बनाकर स्वाति ने मीडिया के सामने धमाके किए। यहां स्वाति सिंह केवल भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की पत्नी ही नहीं थीं, वह भाजपा के छात्र संगठन विद्यार्थी परिषद की पूर्व छात्र नेता भी थीं। भाजपा को भी शायद ऐसी उम्मीद नहीं रही होगी कि उनकी पूर्व छात्र नेता मायावती ऐसी तेजतर्रार नेता को करारा जवाब दे सकेगी।
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इस घटनाक्रम में भाजपा को ये खुशी थी कि क्षत्रिय समाज से एक महिला नेता उन्हें मिल गई। मौका मिलते ही भाजपा ने स्वाति को महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। चूंकि 2017 का विधानसभा चुनाव निकट है ऐसे में स्वाति सिंह का जितना उपयोग हो सकेगा पार्टी इसकी तैयारी कर चुकी है।

स्वाति सिंह कहती हैं कि एबीवीपी के बैनरतले उन्होंने कालेज की राजनीति की और अखिल भारतीय स्तर पर शिविरों में शामिल रहीं। अब वह मुड़कर नहीं देखेंगी। महिलाओं के सम्मान और उनकी नेतृत्व क्षमता को उभारने के लिए वह लगातार प्रयास करेंगी।


छात्र राजनीति में उभरी नेतृत्व क्षमता विवाह के बाद की जिम्मेदारियों के कारण दब गई लेकिन अब मंच और माइक संभाल लिया है। छोटे-छोटे बच्चों के साथ सक्रिय राजनीति में कठिनाइयां जरूर हैं लेकिन लाइफ मैनेजमेंट के जरिए सब कुछ ठीक रहेगा।
 
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