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Moradabad News: 989 करोड़ की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का सरगना भूरा प्रधान साथी संग गिरफ्तार
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मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में फर्जी फर्म बनाकर 989 की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का सरगना भगवान सिंह उर्फ भूरा प्रधान और उसके साथी रविंद्र को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया। मथुरा निवासी भगवान सिंह उर्फ भूरा प्रधान ने 33 अलग अलग फर्म बनाकर स्क्रैप और अन्य सामान से लदे वाहनों को ई बिल देकर चेकिंग में पास कराया था। पुलिस पूछताछ में उसने यह भी कबूला है कि अलग अलग प्रदेशों में जीएसटी विभाग में उसके संपर्क हैं।
एसपी क्राइम सुभाषचंद्र गंगवार ने बताया कि मुरादाबाद में 24 अक्तूबर 2025 को लोहे के स्क्रैप से लदे दो ट्रक मुजफ्फरनगर जाते समय जीएसटी टीम ने उमरी चौराहे पर पकड़े थे। जांच में जीएसटी चोरी की बात सामने आई थी। इस मामले में फर्म एके इंटरप्राइजेज व मुनि जी ट्रांसपोर्ट केआर फोकल के खिलाफ दो रिपोर्ट दर्ज कराई थीं। जांच में सामने आया कि बिल किसी दूसरे के नाम पर जारी किए गए हैं। बुधवार को एसआईटी ने भगवान सिंह उर्फ भूरा प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। वह मथुरा के कोसी कला थाना क्षेत्र के हयाना का रहने वाला है। टीम ने इसके एक साथी हरदोई के कटियामउ बालामउ संडीला निवासी रविंद्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी भगवान सिंह ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि वह उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, झारखंड राज्यों में स्क्रैप की गाड़ियों को मुजफ्फरनगर और पंजाब तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लेता था। जिसमें बिल्टी व इसके बिल अपने ऑफिस में रविंद्र से तैयार कराता था। भगवान सिंह ने बताया कि उसने 33 फर्जी फर्म बना रखी थीं। उसने सबसे ज्यादा मुनिजी नाम से संचालित फर्म की बिल्टी का प्रयोग किया है। बुधवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से आरोपी को जेल भेज दिया है।
राहुल और हेमंत ने भी उपलब्ध कराई फर्म
मुरादाबाद। आरोपी भगवान सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसकी 33 फर्में हैं। इनमें से कुछ फर्म हरियाणा के गुरुग्राम निवासी राहुल ने भी उपलब्ध कराई थीं। इसके अलावा पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोविंदगढ़ निवासी हेमंत ने भगवान सिंह को फर्जी फर्म दी थी।
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पहले पकड़े गए हैं कई लोग
मुरादाबाद। जीएसटी चोरी से संबंधित प्राथमिकी की जांच के लिए एसएसपी सतपाल अंतिल ने एसआईटी गठित की है। टीम की अब तक की जांच में सामने आया है कि 535 फर्जी फर्मों के माध्यम से 989 करोड़ की जीएसटी चोरी हो चुकी है। एसआईटी इस मामले में मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर निवासी इखलाक और शाहजहांपुर के रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र के चमकनी गरिपुरा निवासी इत्तेफाक आलम उर्फ दानिश कबाड़ी, दिल्ली के स्वरूप नगर गली नंबर-आठ निवासी सुमित कुमार और पंजाब के सीए परविंदर और अरशद समेत सात आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
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लंदन के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल
मुरादाबाद। जीएसटी चोरी गिरोह का सरगना इतना शातिर है कि वह लंदन से खरीदे गए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करता था। इसी नंबर पर ई बिल व्हाट्सएप पर मंगवाता था।
यह सामान हुआ बरामद
मुरादाबाद। टीम ने तीन मोबाइल और एक लैपटाॅप व अन्य सामान बरामद किया है। भगवान सिंह उर्फ भूरा प्रधान के खिलाफ मथुरा के बरसाना में एक, कोसी कलां में दो और अलीगढ़ के रोरावर में एक मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा इसकी कंपनी श्री मुनि जी ट्रांसपोर्ट के नाम पर मुरादाबाद के सिविल लाइंस, आजमगढ़ के कंधरपुरा,बरेली के कैंट, वाराणसी के चेतगंज काशी, गाजीपुर के कोतवाली में मुकदमे दर्ज हैं।
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एसपी क्राइम सुभाषचंद्र गंगवार ने बताया कि मुरादाबाद में 24 अक्तूबर 2025 को लोहे के स्क्रैप से लदे दो ट्रक मुजफ्फरनगर जाते समय जीएसटी टीम ने उमरी चौराहे पर पकड़े थे। जांच में जीएसटी चोरी की बात सामने आई थी। इस मामले में फर्म एके इंटरप्राइजेज व मुनि जी ट्रांसपोर्ट केआर फोकल के खिलाफ दो रिपोर्ट दर्ज कराई थीं। जांच में सामने आया कि बिल किसी दूसरे के नाम पर जारी किए गए हैं। बुधवार को एसआईटी ने भगवान सिंह उर्फ भूरा प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। वह मथुरा के कोसी कला थाना क्षेत्र के हयाना का रहने वाला है। टीम ने इसके एक साथी हरदोई के कटियामउ बालामउ संडीला निवासी रविंद्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी भगवान सिंह ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि वह उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, झारखंड राज्यों में स्क्रैप की गाड़ियों को मुजफ्फरनगर और पंजाब तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लेता था। जिसमें बिल्टी व इसके बिल अपने ऑफिस में रविंद्र से तैयार कराता था। भगवान सिंह ने बताया कि उसने 33 फर्जी फर्म बना रखी थीं। उसने सबसे ज्यादा मुनिजी नाम से संचालित फर्म की बिल्टी का प्रयोग किया है। बुधवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से आरोपी को जेल भेज दिया है।
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राहुल और हेमंत ने भी उपलब्ध कराई फर्म
मुरादाबाद। आरोपी भगवान सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसकी 33 फर्में हैं। इनमें से कुछ फर्म हरियाणा के गुरुग्राम निवासी राहुल ने भी उपलब्ध कराई थीं। इसके अलावा पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोविंदगढ़ निवासी हेमंत ने भगवान सिंह को फर्जी फर्म दी थी।
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पहले पकड़े गए हैं कई लोग
मुरादाबाद। जीएसटी चोरी से संबंधित प्राथमिकी की जांच के लिए एसएसपी सतपाल अंतिल ने एसआईटी गठित की है। टीम की अब तक की जांच में सामने आया है कि 535 फर्जी फर्मों के माध्यम से 989 करोड़ की जीएसटी चोरी हो चुकी है। एसआईटी इस मामले में मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर निवासी इखलाक और शाहजहांपुर के रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र के चमकनी गरिपुरा निवासी इत्तेफाक आलम उर्फ दानिश कबाड़ी, दिल्ली के स्वरूप नगर गली नंबर-आठ निवासी सुमित कुमार और पंजाब के सीए परविंदर और अरशद समेत सात आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
लंदन के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल
मुरादाबाद। जीएसटी चोरी गिरोह का सरगना इतना शातिर है कि वह लंदन से खरीदे गए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करता था। इसी नंबर पर ई बिल व्हाट्सएप पर मंगवाता था।
यह सामान हुआ बरामद
मुरादाबाद। टीम ने तीन मोबाइल और एक लैपटाॅप व अन्य सामान बरामद किया है। भगवान सिंह उर्फ भूरा प्रधान के खिलाफ मथुरा के बरसाना में एक, कोसी कलां में दो और अलीगढ़ के रोरावर में एक मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा इसकी कंपनी श्री मुनि जी ट्रांसपोर्ट के नाम पर मुरादाबाद के सिविल लाइंस, आजमगढ़ के कंधरपुरा,बरेली के कैंट, वाराणसी के चेतगंज काशी, गाजीपुर के कोतवाली में मुकदमे दर्ज हैं।