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Moradabad News: कटान रोकने के काम से पहले बजट अभाव में रुक गई परियोजना
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मुरादाबाद।
जिले में कोसी और रामगंगा की बाढ़ और कटान की जद में आई ग्राम पंचायत हरपाल नगर और लोधीपुर बसु को सुरक्षित करने के लिए तैयार कर भेजी परियोजनाओं में से लोधीपुर बसु की 3.16 करोड़ की परियोजना बजट अभाव बताकर अगले वित्तीय वर्ष के लिए टाल दी गई है। बाढ़ खंड इस वित्तीय वर्ष में अब सिर्फ हरपाल नगर में 1.83 करोड़ रुपये से बचाव कार्य करेगा।
सैकड़ों बीघा फसल समा चुकी नदी में, आबादी, सड़क को खतरा
अगस्त 2023 में जल स्तर बढ़ने के बाद कोसी ने ग्राम हरपाल नगर के किसानों की सैकड़ों बीघा भूमि को अपने आगोश में लेने के बाद आबादी के करीब पहुंच गई थी। नदी और आबादी के बीच यहां बमुश्किल 50 मीटर का फासला रह गया है। कवोवेश यही स्थिति रामगंगा नदी के मुंहाने पर आए ग्राम लोधीपुर बसु की आबादी, सड़क व खेती की भूमि का है। दोनों गांव की आबादी और सड़क को कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से 4.99 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार कर शासन को भेजी थी। तकनीकी समिति से पास होने के बाद दोनोें परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति भी मिल गई थी। जिसके बाद दोनों गांवों के साथ-साथ आसपास की आबादी के लोग काफी खुश नजर आ रहे थे। सूत्र बताते हैं कि प्रदेश स्तर पर स्वीकृति के बाद बजट अभाव में 60 परियोजनाएं रोकी गई हैं। उनमें लोधीपुर बसु की परियोजना भी शामिल है। 3.16 करोड़ रुपये की इस परियोजना को फिलहाल अगले वित्तीय वर्ष के लिए टाल दिया गया है। जबकि 1.83 करोड़ रुपये की लागत से हरपाल नगर को बचाए जाने के लिए किया जाने वाले कार्य के लिए जल्द धनराशि मिलने की उम्मीद है।
हरपाल नगर में बचाव कार्य से यह होगा लाभ
हरपाल नगर: मूंढापांडे विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत आने वाले इस गांव के करीब 25 किसानों की करीब 100 बीघा फसल लीलने के बाद कोसी नदी और गांव की आबादी के बीच बमुश्किल 50 मीटर का फासला रह गया है। यहां बचाव कार्य हो जाने से हरपाल नगर के साथ गदईखेड़ा, रमियाठेर गांव की ओर भी कटान थमेगा। करीब 14 हजार आबादी सुरक्षित होगी।
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बचाव कार्य न होने से 11 हजार आबादी को रहेगा खतरा
लोधीपुर बसु: रामगंगा के निशाने पर इस गांव की आबादी है। यहां नदी कटान कर करीब 50 बीघा भूमि लीलने के बाद गांव की आबादी के करीब पहुंची है। परक्यूपाइन स्टड के निर्माण के माध्यम से कटान रोकने को योजना बनाकर भेजी गई थी। बरसात से पहले काम नहीं होने पर लोधीपुर बसु के अलावा लोधीपुर ऐतमाली, लोधीपुर व भीकनपुर की करीब 11 हजार की आबादी को भी खतरा रहेगा।
- ग्राम पंचायत हरपाल नगर और लोधीपुर बसु को कटान से बचाव के लिए बनाकर भेजी गई परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं। लेकिन हालही में बताया गया कि लोधीपुर बसु परियोजना की धनराशि बजट अभाव के कारण चालू वित्तीय वर्ष में नहीं मिल सकेगी। इसके लिए अगले वित्तीय वर्ष में धनराशि मिलने की बात कही गई है। हरपाल नगर परियोजना की धनराशि अगर आचार संहिता से पहले प्राप्त हो गई तो टेंडर कर दिया जाएगा। -राजेश गंगवार, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
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जिले में कोसी और रामगंगा की बाढ़ और कटान की जद में आई ग्राम पंचायत हरपाल नगर और लोधीपुर बसु को सुरक्षित करने के लिए तैयार कर भेजी परियोजनाओं में से लोधीपुर बसु की 3.16 करोड़ की परियोजना बजट अभाव बताकर अगले वित्तीय वर्ष के लिए टाल दी गई है। बाढ़ खंड इस वित्तीय वर्ष में अब सिर्फ हरपाल नगर में 1.83 करोड़ रुपये से बचाव कार्य करेगा।
सैकड़ों बीघा फसल समा चुकी नदी में, आबादी, सड़क को खतरा
अगस्त 2023 में जल स्तर बढ़ने के बाद कोसी ने ग्राम हरपाल नगर के किसानों की सैकड़ों बीघा भूमि को अपने आगोश में लेने के बाद आबादी के करीब पहुंच गई थी। नदी और आबादी के बीच यहां बमुश्किल 50 मीटर का फासला रह गया है। कवोवेश यही स्थिति रामगंगा नदी के मुंहाने पर आए ग्राम लोधीपुर बसु की आबादी, सड़क व खेती की भूमि का है। दोनों गांव की आबादी और सड़क को कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से 4.99 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार कर शासन को भेजी थी। तकनीकी समिति से पास होने के बाद दोनोें परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति भी मिल गई थी। जिसके बाद दोनों गांवों के साथ-साथ आसपास की आबादी के लोग काफी खुश नजर आ रहे थे। सूत्र बताते हैं कि प्रदेश स्तर पर स्वीकृति के बाद बजट अभाव में 60 परियोजनाएं रोकी गई हैं। उनमें लोधीपुर बसु की परियोजना भी शामिल है। 3.16 करोड़ रुपये की इस परियोजना को फिलहाल अगले वित्तीय वर्ष के लिए टाल दिया गया है। जबकि 1.83 करोड़ रुपये की लागत से हरपाल नगर को बचाए जाने के लिए किया जाने वाले कार्य के लिए जल्द धनराशि मिलने की उम्मीद है।
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हरपाल नगर में बचाव कार्य से यह होगा लाभ
हरपाल नगर: मूंढापांडे विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत आने वाले इस गांव के करीब 25 किसानों की करीब 100 बीघा फसल लीलने के बाद कोसी नदी और गांव की आबादी के बीच बमुश्किल 50 मीटर का फासला रह गया है। यहां बचाव कार्य हो जाने से हरपाल नगर के साथ गदईखेड़ा, रमियाठेर गांव की ओर भी कटान थमेगा। करीब 14 हजार आबादी सुरक्षित होगी।
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बचाव कार्य न होने से 11 हजार आबादी को रहेगा खतरा
लोधीपुर बसु: रामगंगा के निशाने पर इस गांव की आबादी है। यहां नदी कटान कर करीब 50 बीघा भूमि लीलने के बाद गांव की आबादी के करीब पहुंची है। परक्यूपाइन स्टड के निर्माण के माध्यम से कटान रोकने को योजना बनाकर भेजी गई थी। बरसात से पहले काम नहीं होने पर लोधीपुर बसु के अलावा लोधीपुर ऐतमाली, लोधीपुर व भीकनपुर की करीब 11 हजार की आबादी को भी खतरा रहेगा।
- ग्राम पंचायत हरपाल नगर और लोधीपुर बसु को कटान से बचाव के लिए बनाकर भेजी गई परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं। लेकिन हालही में बताया गया कि लोधीपुर बसु परियोजना की धनराशि बजट अभाव के कारण चालू वित्तीय वर्ष में नहीं मिल सकेगी। इसके लिए अगले वित्तीय वर्ष में धनराशि मिलने की बात कही गई है। हरपाल नगर परियोजना की धनराशि अगर आचार संहिता से पहले प्राप्त हो गई तो टेंडर कर दिया जाएगा। -राजेश गंगवार, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड