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Moradabad News: बैंकों ने 10 साल में बंद कर दिए पांच लाख डेबिट कार्ड
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मुरादाबाद। जिले की बैंकों ने 10 साल में 5,05,189 डेबिट कार्ड को बंद कर दिया है। इसके पीछे की वजह बैंक अधिकारी तीन बार गलत पिन डालना, कार्ड खो जाना, खाता बंद हो जाना, लंबे समय तक कार्ड का इस्तेमाल नहीं करना बता रहे हैं। बैंक अधिकारियों का कहना है कि तमाम ऐसे भी ग्राहक हैं जिन्होंने डेबिट कार्ड तो लिया है लेकिन दो साल तक उसका उपयोग एक बार भी नहीं किया। इसकी वजह से उनका डेबिट कार्ड हमेशा के लिए खराब हो चुका है।
जिले में पीएनबी, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक समेत 31 बैंक संचालित हैं। इसमें सरकारी व अर्द्धसरकारी दोनों बैंक हैं। इन बैंकों की 248 शाखाओं में तकरीबन 45 लाख खाताधारक हैं। इसमें सबसे अधिक 64 शाखाएं उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की हैं। इन बैंकों ने अब तक 18,23,503 डेबिट कार्ड जारी किए हैं। इसमें से पिछले 10 साल के भीतर बैंकों ने खाताधारकों के 5,05,189 डेबिट कार्ड को बंद कर दिया है। बैंक अधिकारियों ने बताया कि खाताधारकों को डेबिट कार्ड जारी किया जाता है ताकि वह डेबिट कार्ड से लेनदेन करें। लेकिन जब खाताधारक लंबे समय से डेबिट कार्ड का उपयोग करना बंद कर देते हैं या फिर किसी वजह से ग्राहकों का खाता ही बंद हो जाता है। इस स्थिति में डेबिट कार्ड बंद कर दिया जाता है। इसके अलावा डेबिट कार्ड बंद करने के बैंकों के अलग-अलग नियम भी हैं। फिलहाल जिले के बैंकों के ग्राहकों के 13,18,314 डेबिट कार्ड चालू हैं।
00
इन बैंकों के इतने डेबिट कार्ड हुए बंद
बैंक का नाम-बंद डेबिट कार्ड की संख्या
बैंक ऑफ बड़ौदा-1.15 लाख
बैंक ऑफ इंडिया-24.7 हजार
केनरा बैंक-22 हजार
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया-6.4 हजार
इंडियन बैंक-3.9 हजार
पंजाब नेशनल बैंक-82.4 हजार
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया-3.8 हजार
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया-2.5 लाख
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बंद डेबिट कार्ड इस तरह से करा सकते हैं चालू
-मोबाइल व नेट बैंकिंग के माध्यम से कार्ड या डेबिट कार्ड अनुभाग में जाकर अन-ब्लॉक विकल्प चुनकर कार्ड चालू किया जाता है।
-बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल करें और वेरिफिकेशन के बाद कार्ड चालू करवाया जा सकता है।
-बैंक जाकर एक फार्म भरकर भी डेबिट कार्ड फिर से एक्टिवेट करवाया जा सकता है।
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वर्जन-
-आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार बैंकों की ओर से डेबिट कार्ड जारी किया जाता है। डेबिट कार्ड बंद करने के बैंकों के अलग-अलग नियम हैं। हर महीने सैकड़ों डेबिट कार्ड बंद किए जाते हैं। जिनके खाते निष्क्रिय हो जाते हैं उनके डेबिट कार्ड भी स्वत: बंद हो जाते हैं।-पंकज सरन, एलडीएम मुरादाबाद
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जिले में पीएनबी, एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक समेत 31 बैंक संचालित हैं। इसमें सरकारी व अर्द्धसरकारी दोनों बैंक हैं। इन बैंकों की 248 शाखाओं में तकरीबन 45 लाख खाताधारक हैं। इसमें सबसे अधिक 64 शाखाएं उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की हैं। इन बैंकों ने अब तक 18,23,503 डेबिट कार्ड जारी किए हैं। इसमें से पिछले 10 साल के भीतर बैंकों ने खाताधारकों के 5,05,189 डेबिट कार्ड को बंद कर दिया है। बैंक अधिकारियों ने बताया कि खाताधारकों को डेबिट कार्ड जारी किया जाता है ताकि वह डेबिट कार्ड से लेनदेन करें। लेकिन जब खाताधारक लंबे समय से डेबिट कार्ड का उपयोग करना बंद कर देते हैं या फिर किसी वजह से ग्राहकों का खाता ही बंद हो जाता है। इस स्थिति में डेबिट कार्ड बंद कर दिया जाता है। इसके अलावा डेबिट कार्ड बंद करने के बैंकों के अलग-अलग नियम भी हैं। फिलहाल जिले के बैंकों के ग्राहकों के 13,18,314 डेबिट कार्ड चालू हैं।
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इन बैंकों के इतने डेबिट कार्ड हुए बंद
बैंक का नाम-बंद डेबिट कार्ड की संख्या
बैंक ऑफ बड़ौदा-1.15 लाख
बैंक ऑफ इंडिया-24.7 हजार
केनरा बैंक-22 हजार
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया-6.4 हजार
इंडियन बैंक-3.9 हजार
पंजाब नेशनल बैंक-82.4 हजार
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया-3.8 हजार
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया-2.5 लाख
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बंद डेबिट कार्ड इस तरह से करा सकते हैं चालू
-मोबाइल व नेट बैंकिंग के माध्यम से कार्ड या डेबिट कार्ड अनुभाग में जाकर अन-ब्लॉक विकल्प चुनकर कार्ड चालू किया जाता है।
-बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल करें और वेरिफिकेशन के बाद कार्ड चालू करवाया जा सकता है।
-बैंक जाकर एक फार्म भरकर भी डेबिट कार्ड फिर से एक्टिवेट करवाया जा सकता है।
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वर्जन-
-आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार बैंकों की ओर से डेबिट कार्ड जारी किया जाता है। डेबिट कार्ड बंद करने के बैंकों के अलग-अलग नियम हैं। हर महीने सैकड़ों डेबिट कार्ड बंद किए जाते हैं। जिनके खाते निष्क्रिय हो जाते हैं उनके डेबिट कार्ड भी स्वत: बंद हो जाते हैं।-पंकज सरन, एलडीएम मुरादाबाद
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