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मंदिर-मस्जिद है शरीर, गंदा मत करो: बाबा उमाकांत
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 17 Oct 2016 01:35 AM IST
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जय गुरुदेव के कार्यक्रम में श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
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बाबा जय गुरुदेव जी महाराज के अध्यात्मिक उत्तराधिकारी बाबा उमाकांत महाराज का रुहानी काफिला रविवार को सैकड़ों गाड़ियों के साथ मुरादाबाद पहुंचा। दिल्ली रोड पर गुलाब रिसोर्ट के नजदीक हुए सत्संग व नामदान कार्यक्रम में कहा बाबा उमाकांत ने कहा कि मनुष्य शरीर भजन और इबादत के लिये मिला है।
इस मांस मदिरा का सेवन कर गंदा मत करो। कहा कि हम देश में बिना धरना-प्रदर्शन के गौहत्या बंद करा देंगे। सत्संग में बाबा उमाकांत ने कहा कि जो काम गुरु महाराज अधूरा छोड़कर गए हैं, हमें उसे पूरा करना है। गुरुजी चाहते थे कि सभी लोग कलयुगी विकारों से निकलकर सतयुग में प्रवेश कर जाएं। लेकिन इसमें अभी थोड़ा समय शेष है।
वर्तमान की स्थितियां, परिस्थितियां विपरीत हैं। व्यक्ति दिन रात परिश्रम करके रुपया पैसा इकट्ठा करता है घर-मकान बनाता है लेकिन जब वह शरीर छोड़ता है तो उसके घर वाले ही उसके मृत शरीर को घर से निकालने की जल्दी करते हैं।
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उन्होंने कहा कि देश में शराब, हिंसा-हत्या और कुदरत के खिलाफ हो रहे काम जब तक बंद नहीं होंगे। तब तक देश में खुशहाली एक स्वप्न ही बना रहेगा। कुदरत नाराज खड़ी है, आगे बीमारी बड़ी-बड़ी है। बाबा जय गुरुदेव महाराज द्वारा की गई भविष्यवाणी सब सत्य होने वाली है।
मनुष्य यदि शाकाहारी, सदाचारी, ईमानदार नहीं बना और पाप पर पाप करता रहा तो यह धरती हिलेगी, भूकंप आएंगे। इसलिए लोग सत्य, अहिंसा, परोपकार और सेवा रूपी मानव धर्म अपना लें, जन-जन से प्रेम करिए। हम सब उसी मालिक के बंदे है। सत्संग के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं को नामदान दिया, ध्यान कराया और भजनों की प्रस्तुति हुई।
बाबा जय गुरुदेव साध संगत के संजय विश्नोई, सतपाल सिंह, मनोहर स्वरूप सक्सेना, धर्मेंद्र सिंह, ऋषि कंसल, विवेक चौधरी, दीपक यादव, सतेंद्र सिंह, अतर सिंह, राहुल, गोपाल, डा. संजीव सक्सेना इत्यादि उपस्थित रहे।
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इस मांस मदिरा का सेवन कर गंदा मत करो। कहा कि हम देश में बिना धरना-प्रदर्शन के गौहत्या बंद करा देंगे। सत्संग में बाबा उमाकांत ने कहा कि जो काम गुरु महाराज अधूरा छोड़कर गए हैं, हमें उसे पूरा करना है। गुरुजी चाहते थे कि सभी लोग कलयुगी विकारों से निकलकर सतयुग में प्रवेश कर जाएं। लेकिन इसमें अभी थोड़ा समय शेष है।
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वर्तमान की स्थितियां, परिस्थितियां विपरीत हैं। व्यक्ति दिन रात परिश्रम करके रुपया पैसा इकट्ठा करता है घर-मकान बनाता है लेकिन जब वह शरीर छोड़ता है तो उसके घर वाले ही उसके मृत शरीर को घर से निकालने की जल्दी करते हैं।
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उन्होंने कहा कि देश में शराब, हिंसा-हत्या और कुदरत के खिलाफ हो रहे काम जब तक बंद नहीं होंगे। तब तक देश में खुशहाली एक स्वप्न ही बना रहेगा। कुदरत नाराज खड़ी है, आगे बीमारी बड़ी-बड़ी है। बाबा जय गुरुदेव महाराज द्वारा की गई भविष्यवाणी सब सत्य होने वाली है।
मनुष्य यदि शाकाहारी, सदाचारी, ईमानदार नहीं बना और पाप पर पाप करता रहा तो यह धरती हिलेगी, भूकंप आएंगे। इसलिए लोग सत्य, अहिंसा, परोपकार और सेवा रूपी मानव धर्म अपना लें, जन-जन से प्रेम करिए। हम सब उसी मालिक के बंदे है। सत्संग के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं को नामदान दिया, ध्यान कराया और भजनों की प्रस्तुति हुई।
बाबा जय गुरुदेव साध संगत के संजय विश्नोई, सतपाल सिंह, मनोहर स्वरूप सक्सेना, धर्मेंद्र सिंह, ऋषि कंसल, विवेक चौधरी, दीपक यादव, सतेंद्र सिंह, अतर सिंह, राहुल, गोपाल, डा. संजीव सक्सेना इत्यादि उपस्थित रहे।