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आजम को झटका: जौहर ट्रस्ट पर रजिस्ट्रेशन रद्द होने पर पड़ेगी भारी आयकर की मार! लगाई जा सकती है बड़ी पेनाल्टी
Thu, 25 Jun 2026 12:37 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 25 Jun 2026 12:37 PM IST
सार
सपा नेता आजम खां के जौहर ट्रस्ट पर आयकर की भारी मार पड़ सकती है। बड़ी पेनाल्टी लगाई जा सकती है। अधिवक्ता ने कहा कि ट्रस्ट के पास ट्रिब्यूनल जाने का रास्ता है।
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आजम खां (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद ट्रस्ट पर भारी कर और पेनाल्टी लगाई जा सकती है। हालांकि, ट्रस्ट के पास ट्रिब्यूनल में अपील करने का विकल्प खुला है।
आयकर विभाग ने यह कार्रवाई सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां से जुड़े जौहर ट्रस्ट पर की है। यह निर्णय वर्ष 2023 में आयकर छापों के दौरान मिली गड़बड़ियों के आधार पर लिया गया है। विभाग ने ट्रस्ट से इन गड़बड़ियों पर स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन ट्रस्ट तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
जीएसटी और आयकर अधिवक्ता गौरव गुप्ता के अनुसार, आयकर विभाग ने ट्रस्ट का 12एबी रजिस्ट्रेशन खत्म कर दिया है। अब ये ट्रस्ट चैरिटेबल नहीं रहेगा। इससे ट्रस्ट की पूरी कमाई को अब एक सामान्य कारोबार की तरह माना जाएगा।
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आयकर विभाग ने यह कार्रवाई सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां से जुड़े जौहर ट्रस्ट पर की है। यह निर्णय वर्ष 2023 में आयकर छापों के दौरान मिली गड़बड़ियों के आधार पर लिया गया है। विभाग ने ट्रस्ट से इन गड़बड़ियों पर स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन ट्रस्ट तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
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जीएसटी और आयकर अधिवक्ता गौरव गुप्ता के अनुसार, आयकर विभाग ने ट्रस्ट का 12एबी रजिस्ट्रेशन खत्म कर दिया है। अब ये ट्रस्ट चैरिटेबल नहीं रहेगा। इससे ट्रस्ट की पूरी कमाई को अब एक सामान्य कारोबार की तरह माना जाएगा।
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ट्रस्ट की आय पर सामान्य व्यावसायिक दरों से भारी कर वसूला जा सकता है। रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद आयकर विभाग ट्रस्ट की चल-अचल संपत्ति का बाजार मूल्य पर मूल्यांकन करेगा। इसमें जमीन, इमारत और बैंक बैलेंस शामिल हैं।
इसके अलावा, विभाग कार्रवाई की अवधि से लेकर अब तक की आय, चंदे और संपत्ति पर भारी कर के साथ ब्याज और पेनाल्टी भी लगा सकता है। ऐसा होने पर में ट्रस्ट की मुश्किलें बढ़ना तय है।
क्या होता है 12एबी
गौरव गुप्ता के अनुसार 12एबी का पंजीकरण मुख्य रूप से एनजीओ, ट्रस्ट, और गैर-लाभकारी संगठनों के लिए होता है। इसे प्राप्त करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि संगठन को अपनी प्राप्त आय (दान या अनुदान) पर कोई आयकर नहीं देना पड़ता, बशर्ते उस धन का उपयोग सामाजिक या धार्मिक कार्यों में किया गया हो।
गौरव गुप्ता के अनुसार 12एबी का पंजीकरण मुख्य रूप से एनजीओ, ट्रस्ट, और गैर-लाभकारी संगठनों के लिए होता है। इसे प्राप्त करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि संगठन को अपनी प्राप्त आय (दान या अनुदान) पर कोई आयकर नहीं देना पड़ता, बशर्ते उस धन का उपयोग सामाजिक या धार्मिक कार्यों में किया गया हो।
पूर्व मंत्री आजम खां को फिर झटका, जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन निरस्त
पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिजनों के जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन आयकर विभाग ने निरस्त कर दिया है। विभाग ने ट्रस्ट को अपना पक्ष प्रस्तुत करने एवं स्पष्टीकरण देने के लिए पर्याप्त अवसर दिया था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की है। वर्ष 2023 में जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग के छापों में ट्रस्ट द्वारा की गईं गड़बड़ियों की गहन जांच के बाद रजिस्ट्रेशन निरस्त किया गया है। जांच में ट्रस्ट की गतिविधियां अवास्तविक पाई गईं, जो पंजीकरण की शर्तों का उल्लंघन था।
पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिजनों के जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन आयकर विभाग ने निरस्त कर दिया है। विभाग ने ट्रस्ट को अपना पक्ष प्रस्तुत करने एवं स्पष्टीकरण देने के लिए पर्याप्त अवसर दिया था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की है। वर्ष 2023 में जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग के छापों में ट्रस्ट द्वारा की गईं गड़बड़ियों की गहन जांच के बाद रजिस्ट्रेशन निरस्त किया गया है। जांच में ट्रस्ट की गतिविधियां अवास्तविक पाई गईं, जो पंजीकरण की शर्तों का उल्लंघन था।
आयकर विभाग, लखनऊ के प्रधान आयुक्त (केंद्रीय) गौरव बॉथम ने बीते दिनों ट्रस्ट पर लगे तमाम आरोपों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी कर मंगलवार तक जवाब दाखिल करने को कहा था। सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट की ओर से इस बाबत कोई जवाब नहीं दिया गया। जिसके बाद बुधवार को रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया। इस बीच विभाग ने ट्रस्ट के ठिकानों पर छापे की कार्रवाई तथा उसके बाद की विभागीय जांच के दौरान विभिन्न तथ्यों और दस्तावेजों का परीक्षण किया था।
जिसमें ट्रस्ट के अभिलेख, लेखा-जोखा एवं अन्य सामग्री शामिल थी। इस दौरान तमाम अनियमितताएं और तथ्य मिले, जिनका संज्ञान लेकर आयकर विभाग ने जांच में शामिल किया और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी। साथ ही जौहर ट्रस्ट पर राज्य सरकार द्वारा की गई कार्रवाई, उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियों और निष्कर्षों का भी संज्ञान लिया। बता दें कि इस प्रकरण की शिकायत भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने आयकर विभाग से की थी। ट्रस्ट द्वारा रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी (निजी) का निर्माण कराया गया था।
इन गड़बड़ियों की वजह से हुई कार्रवाई
- मंत्री रहने के दौरान पद का दुरुपयोग कर जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण कराना।
- यूनिवर्सिटी परिसर में मस्जिद और सपा कार्यालय के भवन का निर्माण।
- अनुमति से अधिक सरकारी भूमि पर काबिज होना।
- यूनिवर्सिटी में बने 59 भवनों की लागत को 10 गुना कम करके बताना।
- बोगस डोनेशन लेना, डमी ट्रस्टी बनाना।
- ट्रस्ट द्वारा जनहित में कोई भी काम नहीं करना।
- भवनों के निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग।
- वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक बैंकों में आय से अधिक नगदी जमा कराना।
- दान की रकम को स्वेच्छा के बजाय जबरदस्ती जमा कराना।
- बिना हिसाब-किताब वाली रकम को दान दिखाकर खाते में जमा कराना।
- भवनों के निर्माण के लिए विभागों से आवश्यक अनुमतियां नहीं लेना।
- अग्निशमन के मानकों का पालन नहीं करना।
- ट्रस्ट में आजम खां के परिजनों का काबिज होना।