यूपी: आजम ने जौहर यूनिवर्सिटी में शामिल की गई जमीन कब्जाई
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सांसद आजम खां और राष्ट्रपति पदक विजेता पूर्व सीओ सिटी आलेहसन खां को भूमाफिया घोषित कर दिया गया है। दोनों का नाम एंटी भू-माफिया पोर्टल पर भी अपलोड कर दिया गया है। अब दोनों पर गृह विभाग और राजस्व विभाग की निगरानी रहेगी। उधर, कार्रवाई पर आजम खां के विधायक पुत्र आजम अब्दुल्ला ने कहा कि यह बदले की कार्रवाई है, सरकार गलत परंपरा डाल रही है।
आजम और पूर्व सीओ सिटी आलेहसन की मुश्किलें कम नहीं हो पा रही हैं। प्रशासन का शिकंजा कसने के साथ ही दोनों के खिलाफ किसानों की जमीनों को कब्जाने के आरोप में धड़ाधड़ मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। दोनों के खिलाफ आलिया गंज के 26 किसानों ने अजीमनगर थाने में तहरीर दे रखी है, जिसमें से 12 मामलों में मुकदमा दर्ज हो चुका है। एक मुकदमा राजस्व निरीक्षक की तहरीर पर दर्ज किया गया है।
आरोप है कि आजम ने किसानों की जमीन कब्जा ली है और उसे जौहर यूनिवर्सिटी की चाहरदीवार के अंदर शामिल कर लिया है। आलेहसन जो उस वक्त रामपुर में इंस्पेक्टर और सीओ के रूप में तैनात थे ने किसानों को डराया धमकाया। उनको झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। हालांकि आजम खां इन आरोप को कई बार नकार चुके हैं, उनका कहना है कि किसानों से जमीन खरीद गई है और इसका भुगतान चेक से किया गया है।
जमीन कब्जाने के एक से अधिक मुकदमे दर्ज होने के बाद जिला प्रशासन ने सांसद आजम खां और पूर्व सीओ आलेहसन का नाम यूपी एंटी भू-माफिया पोर्टल पर रजिस्टर्ड करने की कवायद शुरू कर दी थी। गुरुवार को दोनों का नाम पोर्टल पर रजिस्टर्ड कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद अब आजम खां और आलेहसन पर सीधे शासन की निगाह रहेगी। गृह विभाग और राजस्व विभाग की ओर से दोनों की निगरानी जाएगी। इसके अलावा दोनों के अन्य कार्रवाई करने के रास्ते भी खुल गए हैं।
सांसद आजम खां और पूर्व सीओ आलेहसन के खिलाफ जमीन कब्जाने के आरोप में कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इस वजह से दोनों का नाम यूपी एंटी भू माफिया पोर्टल पर रजिस्टर्ड कर दिया गया है। दोनों अब शासन की निगरानी में आ गए हैं। गृह और राजस्व विभाग की ओर से दोनों पर निगरानी रखी जाएगी- आन्जनेय कुमार सिंह जिलाधिकारी
गलत परंपरा डाल रही है सरकार: अब्दुल्ला
सांसद आजम खां का नाम यूपी एंटी भू-माफिया पोर्टल पर रजिस्टर्ड किए जाने पर उनके पुत्र विधायक अब्दुल्ला आजम का कहना है कि सरकार गलत परंपरा डाल रही है। बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है। कोई भी सरकार स्थायी नहीं है। हम सत्ता में थे, नहीं रहे। मौजूदा हुक्मरां भी सत्ता बेदखल होंगे। क्या ये भी अपने खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की उम्मीद रखते हैं।
मुकदमे दर्ज होने का क्या है आधार
आलियागंज के किसानों ने हाल ही में जिलाधिकारी से मुलाकात कर आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर आजम खां ने कब्जा कर रखा है और उसको जौहर यूनिवर्सिटी की चहारदीवारी में शामिल कर लिया है। उनको उनकी जमीन पर नहीं जाने दिया जा रहा है। किसानों ने गाटा संख्या सहित शिकायत की गई थी।
प्रशासन ने जब शिकायतों की जांच कराई तो यह बात सामने आई कि खतौनी में अभी भी किसानों का नाम दर्ज है, लेकिन जमीन जौहर यूनिवर्सिटी के परिसर के अंदर है। इस आधार पर आजम खां और आलेहसन के खिलाफ 26 किसानों ने तहरीर दी है, जिसमें से 12 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। हालांकि आजम खां इन मुकदमों को राजनीति से प्रेरित बताते हैं। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी के लिए एक-एक इंच जमीन खरीदी गई है। उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए की जा रही है कि उन्होंने यूनिवर्सिटी बनाई है और स्कूल खोलें हैं।
20 को रामपुर आएगा सपा का प्रतिनिधिमंडल
आजम खां के खिलाफ दर्ज हो रहे मुकदमों की सच्चाई का पता करने सपा विधानसभा दल की 21 सदस्यीय कमेटी 20 जुलाई को रामपुर आ रही है। अहमद हसन के नेतृत्व वाली कमेटी आजम खां के खिलाफ दर्ज हो रहे मुकदमे और उनका उत्पीड़न किए जाने के मामलों की जांच करेगी। जांच करने के तीन दिन के अंदर कमेटी अपनी रिपोर्ट सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपेगी। कमेटी का गठन भी अखिलेश यादव के निर्देश पर किया गया है।