मुरादाबाद। दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के वार्षिक चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया के चलते बुधवार को रामपुर के सांसद आजम खां की जमानत पर सुनवाई फिर टल गई। एमपी/एमएलए स्पेशल न्यायाधीश की अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 11 नवंबर की तारीख तय की है।
छजलैट में बारह साल पहले पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं रामपुर के सांसद आजम खां मुजफ्फरनगर जा रहे थे। छजलैट थाने के सामने पुलिस ने इनकी कार रुकवा कर चेकिंग की थी। जिसके विरोध में आजम खां सड़क पर बैठ गए थे। इसकी जानकारी मिलने पर मुरादाबाद समेत आस पड़ोस के जनपदों के सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी आजम खां के समर्थन में पहुंच गए थे। जहां जाम लगाकर हंगामा किया था। इस मामले में छजलैट थाने में आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम, मुरादाबाद देहात के विधायक हाजी इकराम कुरैशी और नूरपुर विधायक नईमुल हसन, नगीना विधायक मनोज पारस, अमरोहा विधायक महबूब अली, डीपी यादव और पूर्व सपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इस मामले में आजम खां लंबे समय तक फरार रहे। तब आजम खां के खिलाफ 174 ए में केस दर्ज किया गया था। इस मामले में आजम खां ने अपने अधिवक्ता शाहनवाज की ओर जमानती प्रार्थना पत्र अदालत में दाखिल किया था। इस मामले में बुधवार को सुनवाई होनी थी। बार चुनाव प्रक्रिया के चलते अधिवक्ताओं की हड़ताल थी। जिस कारण सुनवाई टल गई। सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीष भटनागर उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि अब इस मामले में 18 नवंबर को सुनवाई होगी।