अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षाः विद्यार्थियों में दिखा गजब का उत्साह, 419 परीक्षार्थी हुए शामिल
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन किया गया। दयावती मोदी अकादमी में हुई परीक्षा में कुल 419 परीक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया। परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
अमर उजाला फाउंडेशन सामाजिक सरोकारों को भी पूरी जिम्मेदारी से निभा रहा है। इसमें निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, रक्तदान शिविर के साथ ही छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को निखारने के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता और छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन भी किया जाता है।
इसी क्रम में रविवार को नगर के दयावती मोदी अकादमी में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा के लिए 616 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था, जिसमें 419 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा में कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। जिसमें कक्षा 9 और 10 के परीक्षार्थियों का एक वर्ग बनाया गया जबकि कक्षा 11 और 12 के परीक्षार्थियों का एक वर्ग बनाया गया।
दोनों वर्ग के परीक्षार्थियों के लिए अलग-अलग प्रश्नों के चार-चार सेट बनाए गए थे। परीक्षा निर्धारित समय पर सुबह 11 बजे शुरू हुई और दोपहर 12:30 बजे तक चली। इस दौरान दयावती मोदी अकादमी के प्रबंधन पूर्ण सहयोग दिया।
परीक्षा संचालन में दयावती मोदी अकादमी के एडमिन हेड आदित्य वर्मा, अनीता सिंह, हरजीत कौर, सिद्धांत, वेद शर्मा, रिचा गोसाईं, संकेत भटनागर, सुमन गुप्ता, मनीष मेहरा, रामवचन, लता अग्रवाल, शुभम, मुकेश, अमनजीत और तेजपाल ने सहयोग किया।
प्रश्नपत्रों के पैटर्न और प्रश्नों को परीक्षार्थियों ने सराहा
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्नों को शामिल किया गया था। जिनका सही उत्तर परीक्षार्थी को दी गई ओएमआर शीट में भरना था। प्रश्नों के स्तर और पैटर्न को लेकर परीक्षार्थियों ने काफी सराहा।
परीक्षार्थियों का कहना था कि इस प्रकार की परीक्षा में शामिल होने से आने वाले समय में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर काफी मदद मिलती है। प्रश्नों का पैटर्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह ही था और सभी विषयों से बहुत संतुलित प्रश्नों को प्रश्न पत्र में शामिल किया गया था।
इसके साथ ही परीक्षार्थियों ने कहा कि उन्हें पूर्व में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के बारे में भी जानकारी है। छात्रवृत्ति की धनराशि निश्चित रूप से आगे की शिक्षा ग्रहण करने में काफी सहायक होगी। साथ ही परीक्षा में सफलता हासिल होने पर इससे मनोबल भी बढ़ता है।