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Moradabad News: दिल्ली रोड पर दुकानों को बंद कराने का किया प्रयास, हंगामा
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मुरादाबाद। आंबेडकर पार्क सिविल लाइंस रैली में जा रहे लाठी डंडों से लैस युवकों ने बुधवार सुबह दिल्ली रोड पर दुकानों को जबरदस्ती बंद कराया। युवकों ने ऑटो चालकों को भी रोका। बीच सड़क पर वाहनों को रोक दिया।
दिल्ली रोड पर लाठियों से लैस युवक बुधवार की सुबह 11 बजे दुकानदारों को पीटने की धमकी देकर दुकानों को जबरदस्ती बंद कराने लगे। लोगों का कहना था कि उस समय पुलिस चौकी में फोर्स भी मौजूद नहीं थी। ढाबा संचालकों और अन्य दुकानदारों ने डर के चलते दुकानों के शटर गिरा दिए। युवकों ने रोडवेज बस को भी रोक दिया था। करीब 20 मिनट तक हंगामा करने के बाद युवक एक ऑटो में सवार होकर चले गए। युवकों के जाने के बाद दुकानदारों ने राहत की सांस ली और दुकानों को फिर खोलकर अपने काम में जुट गए।
रैली से बसपा को मिली संजीवनी
मुरादाबाद। आंबेडकर पार्क में आयोजित रैली सुप्रीम कोर्ट से असहमत लोगों ने बुलाई थी लेकिन रैली में बसपा के झंडों से पूरा सिविल लाइन पट गया था। बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुनील आजाद का कहना था कि काफी दिनों बाद ऐसा देखने के लिए मिला है, कि बसपा से जुड़े कार्यकर्ता और समर्थक काफी संख्या में आए हैं। लोगों का कहना था कि इस आयोजन से बसपा को संजीवनी मिल गई है।
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पुलिस पर रात में धमकाने का आरोप
आंबेडकर पार्क स्थित रैली में आए लदावली के लोगों का आरोप था कि मंगलवार की रात स्थानीय पुलिस ने बसपा से जुड़े कार्यकर्ताओं को रोक दिया। उन्होंने कहा कि रैली में भीड़ बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है। इस मामले में उन्होंने रैली के संयोजक चंदन रैदास को अवगत कराया था। पुलिस के धमकाने के बाद लदावली से काफी संख्या में लोग रैली के नेताओं को देखने के लिए आए हैं।
आंबेडकर वाहिनी ने कोर्ट के फैसले पर जताई असहमति
समाजवादी बाबा साहब आंबेडकर वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष जाटव ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर असहमति जताई है। उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर कोर्ट से फैसला वापस लेने, क्रीमीलेयर व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की है।
रैली गुटों में बंटी हुई थी
सिविल लाइंस में रैली अलग अलग गुटों में बंटी हुई थी। एक गुट दूसरे की सुनने के लिए तैयार नहीं था। अलग-अलग संगठन के लोग अपने ढंग से नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे थे। मंच पर भी किसी एक व्यक्ति संचालन भी नहीं कर रहा था। अलग अलग लोग मौका मिलने पर संचालन करते हुए नजर आए।
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दिल्ली रोड पर लाठियों से लैस युवक बुधवार की सुबह 11 बजे दुकानदारों को पीटने की धमकी देकर दुकानों को जबरदस्ती बंद कराने लगे। लोगों का कहना था कि उस समय पुलिस चौकी में फोर्स भी मौजूद नहीं थी। ढाबा संचालकों और अन्य दुकानदारों ने डर के चलते दुकानों के शटर गिरा दिए। युवकों ने रोडवेज बस को भी रोक दिया था। करीब 20 मिनट तक हंगामा करने के बाद युवक एक ऑटो में सवार होकर चले गए। युवकों के जाने के बाद दुकानदारों ने राहत की सांस ली और दुकानों को फिर खोलकर अपने काम में जुट गए।
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रैली से बसपा को मिली संजीवनी
मुरादाबाद। आंबेडकर पार्क में आयोजित रैली सुप्रीम कोर्ट से असहमत लोगों ने बुलाई थी लेकिन रैली में बसपा के झंडों से पूरा सिविल लाइन पट गया था। बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुनील आजाद का कहना था कि काफी दिनों बाद ऐसा देखने के लिए मिला है, कि बसपा से जुड़े कार्यकर्ता और समर्थक काफी संख्या में आए हैं। लोगों का कहना था कि इस आयोजन से बसपा को संजीवनी मिल गई है।
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पुलिस पर रात में धमकाने का आरोप
आंबेडकर पार्क स्थित रैली में आए लदावली के लोगों का आरोप था कि मंगलवार की रात स्थानीय पुलिस ने बसपा से जुड़े कार्यकर्ताओं को रोक दिया। उन्होंने कहा कि रैली में भीड़ बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है। इस मामले में उन्होंने रैली के संयोजक चंदन रैदास को अवगत कराया था। पुलिस के धमकाने के बाद लदावली से काफी संख्या में लोग रैली के नेताओं को देखने के लिए आए हैं।
आंबेडकर वाहिनी ने कोर्ट के फैसले पर जताई असहमति
समाजवादी बाबा साहब आंबेडकर वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष जाटव ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर असहमति जताई है। उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर कोर्ट से फैसला वापस लेने, क्रीमीलेयर व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की है।
रैली गुटों में बंटी हुई थी
सिविल लाइंस में रैली अलग अलग गुटों में बंटी हुई थी। एक गुट दूसरे की सुनने के लिए तैयार नहीं था। अलग-अलग संगठन के लोग अपने ढंग से नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे थे। मंच पर भी किसी एक व्यक्ति संचालन भी नहीं कर रहा था। अलग अलग लोग मौका मिलने पर संचालन करते हुए नजर आए।