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Moradabad News: बीमा पॉलिसी कराने के एक साल बाद कपड़ा व्यापारी की मौत मामले की जांच करेंगे एएसपी
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मुरादाबाद। सिविल लाइंस के जिगर कॉलोनी निवासी एवं कपड़ा व्यापारी सलाउद्दीन की मौत हादसे में हुई थी या फिर वह किसी साजिश के शिकार हुए इसका सच अब सामने आ सकता है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने एएसपी अभिनव द्विवेदी को जांच सौंप दी है। सलाउद्दीन की मौत बीमा पॉलिसी कराने के बाद एक साल हुई थी। एलआईयू ने भी इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
टाटा एआईजी के मुख्य प्रबंधक डॉ. आनंद बहादुर सिंह ने एसएसपी सतपाल अंतिल को शिकायती पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने बताया कि सलाउद्दीन ने अलग-अलग कंपनियों से 8.90 करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसियां करा रखी थीं। इनमें आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की 2.80 करोड़, मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की 3.54 करोड़, टाटा एआईजी की एक करोड़, निवा बूपा की एक करोड़ और बजाज लाइफ की 16.50 लाख रुपये की पॉलिसी शामिल है। पिछले साल दिसंबर 2025 को भोजपुर क्षेत्र में सड़क हादसे में सलाउद्दीन की मौत हुई थी। सलाउद्दीन ने 2024 में टाटा एआईजी से बीमा पॉलिसी शुरू कराई थी। सभी बीमा पॉलिसी की सालाना करीब दो लाख रुपये प्रीमियम जमा कर रहे थे। बीमा कराने के करीब एक साल बाद हुई मौत हुई। एसएसपी सतपाल अंतिल ने इस मामले की गहनता से जांच एएसपी अभिनव द्विवेदी को सौंपी है। इसके अलावा एलआईयू को भी इस मामले में जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
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बीमा कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस को सौंपे दस्तावेज
मुरादाबाद। बीमा कंपनी की ओर से एसएसपी को क्लेम फॉर्म, पॉलिसी कॉपी, भोजपुर थाने में दर्ज की गई एफआईआर की कॉपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत शरीर की फोटोग्राफी, जांच के दौरान अस्पताल और मेडिकल रिकॉर्ड, जांच के दौरान पहचान की गई अन्य इंश्योरेंस पॉलिसी का विवरण वाहन के दस्तावेज
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बीमा कंपनी को इसलिए हुआ शक
मुरादाबाद। बीमा कंपनी ने सलाउद्दीन के दस्तावेजों की जांच की तो उसमें अलग-अलग तथ्य सामने आए हैं। 2019 में बनवाए गए उनके पहले पैन कार्ड में हस्ताक्षर की जगह अंगूठा लगाया गया था। इसके बाद दोबारा बनवाए गए पैन कार्ड में हस्ताक्षर किए गए। सलाउद्दीन ने बीमा पॉलिसियां लेने से कुछ दिन पहले ही जीएसटी पंजीकरण कराया था। बीमा कराने से करीब एक साल पहले से वह आयकर रिटर्न दाखिल कर रहे थे।
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पत्नी की ओर से भोजपुर थाने में दर्ज कराई थी हादसे की रिपोर्ट मुरादाबाद। सिविल लाइंस के जिगर कॉलोनी निवासी नगमा की ओर भोजपुर थाने में 30 दिसंबर 2025 को बोलेरो कार चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें नगमा ने बताया कि उसके पति सलाउद्दीन कपड़ा का व्यापार करते थे। 29 दिसंबर 2025 को वह अपने काम से स्कूटी से भोजपुर गए थे। भोजपुर से लौटते समय सवा नौ बजे बोलेरो चालक ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी थी। उन्हें गंभीर चोट आई थीं। उन्हें गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था जहां उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
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टाटा एआईजी के मुख्य प्रबंधक डॉ. आनंद बहादुर सिंह ने एसएसपी सतपाल अंतिल को शिकायती पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने बताया कि सलाउद्दीन ने अलग-अलग कंपनियों से 8.90 करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसियां करा रखी थीं। इनमें आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की 2.80 करोड़, मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की 3.54 करोड़, टाटा एआईजी की एक करोड़, निवा बूपा की एक करोड़ और बजाज लाइफ की 16.50 लाख रुपये की पॉलिसी शामिल है। पिछले साल दिसंबर 2025 को भोजपुर क्षेत्र में सड़क हादसे में सलाउद्दीन की मौत हुई थी। सलाउद्दीन ने 2024 में टाटा एआईजी से बीमा पॉलिसी शुरू कराई थी। सभी बीमा पॉलिसी की सालाना करीब दो लाख रुपये प्रीमियम जमा कर रहे थे। बीमा कराने के करीब एक साल बाद हुई मौत हुई। एसएसपी सतपाल अंतिल ने इस मामले की गहनता से जांच एएसपी अभिनव द्विवेदी को सौंपी है। इसके अलावा एलआईयू को भी इस मामले में जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
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बीमा कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस को सौंपे दस्तावेज
मुरादाबाद। बीमा कंपनी की ओर से एसएसपी को क्लेम फॉर्म, पॉलिसी कॉपी, भोजपुर थाने में दर्ज की गई एफआईआर की कॉपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत शरीर की फोटोग्राफी, जांच के दौरान अस्पताल और मेडिकल रिकॉर्ड, जांच के दौरान पहचान की गई अन्य इंश्योरेंस पॉलिसी का विवरण वाहन के दस्तावेज
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बीमा कंपनी को इसलिए हुआ शक
मुरादाबाद। बीमा कंपनी ने सलाउद्दीन के दस्तावेजों की जांच की तो उसमें अलग-अलग तथ्य सामने आए हैं। 2019 में बनवाए गए उनके पहले पैन कार्ड में हस्ताक्षर की जगह अंगूठा लगाया गया था। इसके बाद दोबारा बनवाए गए पैन कार्ड में हस्ताक्षर किए गए। सलाउद्दीन ने बीमा पॉलिसियां लेने से कुछ दिन पहले ही जीएसटी पंजीकरण कराया था। बीमा कराने से करीब एक साल पहले से वह आयकर रिटर्न दाखिल कर रहे थे।
पत्नी की ओर से भोजपुर थाने में दर्ज कराई थी हादसे की रिपोर्ट मुरादाबाद। सिविल लाइंस के जिगर कॉलोनी निवासी नगमा की ओर भोजपुर थाने में 30 दिसंबर 2025 को बोलेरो कार चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें नगमा ने बताया कि उसके पति सलाउद्दीन कपड़ा का व्यापार करते थे। 29 दिसंबर 2025 को वह अपने काम से स्कूटी से भोजपुर गए थे। भोजपुर से लौटते समय सवा नौ बजे बोलेरो चालक ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी थी। उन्हें गंभीर चोट आई थीं। उन्हें गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था जहां उपचार के दौरान मौत हो गई थी।