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यूपी: आजम खां के डीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में अग्रिम विवेचना के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल
Mon, 22 Nov 2021 07:08 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 22 Nov 2021 07:08 PM IST
सार
सपा सांसद आजम खां के खिलाफ 15 अप्रैल 2019 में सिविल लाइंस थाने रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें आरोप था कि आजम खां ने चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान
विस्तार
सपा सांसद आजम खां के खिलाफ लोकसभा चुनावों के प्रचार के दौरान जिलाधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में दर्ज मामले में अग्रिम विवेचना के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। मामले में मंगलवार 23 नवंबर को भी कोर्ट में सुनवाई होगी।
सपा सांसद आजम खां के खिलाफ 15 अप्रैल 2019 में सिविल लाइंस थाने रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें आरोप था कि आजम खां ने चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
इसकी वीडियो वायरल होने के बाद मामले में उप जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) घनश्याम त्रिपाठी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद घटनास्थल भोट थाना क्षेत्र का होने के कारण इस मामले की विवेचना भोट थाने को स्थानांतरित कर दी गई थी।
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जिसके बाद भोट थाना पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। ये मामला अब एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है। जिसमें सपा सांसद आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है। इस मामले में सोमवार को तारीख थी, जिसमें आरोप तय होने की प्रक्रिया होनी थी। लेकिन, इस दौरान मामले के वादी एवं उप जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) की ओर से एसपी को 16 नवंबर को दिए गए पत्र में पूर्व विवेचक द्वारा सही ढंग से विवेचना न किए जाने का हवाला देते हुए अग्रिम विवेचना की बात कही गई थी।
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सपा सांसद आजम खां के खिलाफ 15 अप्रैल 2019 में सिविल लाइंस थाने रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें आरोप था कि आजम खां ने चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
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इसकी वीडियो वायरल होने के बाद मामले में उप जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) घनश्याम त्रिपाठी की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद घटनास्थल भोट थाना क्षेत्र का होने के कारण इस मामले की विवेचना भोट थाने को स्थानांतरित कर दी गई थी।
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जिसके बाद भोट थाना पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। ये मामला अब एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है। जिसमें सपा सांसद आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है। इस मामले में सोमवार को तारीख थी, जिसमें आरोप तय होने की प्रक्रिया होनी थी। लेकिन, इस दौरान मामले के वादी एवं उप जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) की ओर से एसपी को 16 नवंबर को दिए गए पत्र में पूर्व विवेचक द्वारा सही ढंग से विवेचना न किए जाने का हवाला देते हुए अग्रिम विवेचना की बात कही गई थी।
इस पत्र को सोमवार को कोर्ट में दाखिल किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने मामले में मंगलवार 23 नवंबर की तारीख लगाई है। जिसमें इस बात पर निर्णय लिया जा सकता है कि इस मामले में अग्रिम विवेचना की जाए या नहीं। यदि अग्रिम विवेचना की जाती है तो इस मामले में पुलिस कोर्ट में सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल करेगी। उसके बाद ही आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया होगी।