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यूपी: उलेमाओं का एलान, मोबाइल से दूर रहें मुस्लिम लड़कियां, शादियों में डीजे बजाया तो नहीं पढ़ाएंगे निकाह
Sat, 05 Jun 2021 03:30 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 05 Jun 2021 03:30 AM IST
सार
उलेमाओं ने फैसला लिया अगर गांव की किसी भी शादी में बैंड-बाजा, डीजे या नाच-गाना हुआ तो उलेमा निकाह नहीं पढ़ाएंगे।
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उलमा/इमाम की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रामपुर के खेमपुर में उलेमा/इमाम की बैठक में लड़कियों को मोबाइल से दूर रखने की बात कही गई है। उन्होंने शरीयत के मुताबिक जीवन गुजारने का आह्वान किया है। शादियों में डीजे बजाने, नाच-गाने को फिजूलखर्ची बताते हुए इसे बंद करने और ऐसा न होने पर होने पर निकाह न पढ़ाने का निर्णय लिया।
शादी में डीजे बजाने वालों के यहां दसवें, तीजे, बीसवें, चालीसवें और कफन-दफन तक में शिरकत न करने का एलान भी किया। अजीमनगर थाना क्षेत्र के खेमपुर स्थित तंजीम रजा-ए-मोहम्मद मुस्तफा के जिम्मेदार और उलेमाओं ने शुक्रवार को बैठक की।
बैठक में गांव की भलाई के लिए कई प्रस्ताव पास हुए। तय हुआ कि शादियों में हो रही फिजूलखर्ची रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उलेमाओं ने फैसला लिया अगर गांव की किसी भी शादी में बैंड-बाजा, डीजे या नाच-गाना हुआ तो उलेमा निकाह नहीं पढ़ाएंगे।
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इसके अलावा इस नियमों का उल्लंघन करने वाले परिवार के किसी भी कार्यक्रम में शरीक नहीं होंगे। यहां तक की शादी ही नहीं बल्कि किसी के निधन के बाद तीजे, दसवें, बीसवें, चालीसवें और दफन-कफन में भी शामिल न होने की बात कही।
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शादी में डीजे बजाने वालों के यहां दसवें, तीजे, बीसवें, चालीसवें और कफन-दफन तक में शिरकत न करने का एलान भी किया। अजीमनगर थाना क्षेत्र के खेमपुर स्थित तंजीम रजा-ए-मोहम्मद मुस्तफा के जिम्मेदार और उलेमाओं ने शुक्रवार को बैठक की।
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बैठक में गांव की भलाई के लिए कई प्रस्ताव पास हुए। तय हुआ कि शादियों में हो रही फिजूलखर्ची रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उलेमाओं ने फैसला लिया अगर गांव की किसी भी शादी में बैंड-बाजा, डीजे या नाच-गाना हुआ तो उलेमा निकाह नहीं पढ़ाएंगे।
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इसके अलावा इस नियमों का उल्लंघन करने वाले परिवार के किसी भी कार्यक्रम में शरीक नहीं होंगे। यहां तक की शादी ही नहीं बल्कि किसी के निधन के बाद तीजे, दसवें, बीसवें, चालीसवें और दफन-कफन में भी शामिल न होने की बात कही।
उलेमाओं ने बैठक के दौरान ग्रामीणों से लड़कियों को मोबाइल से दूर रखने की बात कही है। तंजीम द्वारा लिए गए फैसले पर अमल कराने के लिए गांव में एक कमेटी का भी गठन किया गया है।
यह कमेटी गांव में होने वाली शादी की निगरानी करेगी और अपनी रिपोर्ट उलेमाओं की कमेटी को देगी। बैठक में मौलाना उवैस मिस्बाही समेत कई उलेमा/इमाम शामिल रहे।
यह कमेटी गांव में होने वाली शादी की निगरानी करेगी और अपनी रिपोर्ट उलेमाओं की कमेटी को देगी। बैठक में मौलाना उवैस मिस्बाही समेत कई उलेमा/इमाम शामिल रहे।