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Moradabad News: बंदरों के हमले में छत से गिरने से वृद्ध की गई जान
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कांठ। छत पर गए वृद्ध किसान पर बंदरों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। जिससे वह नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई। उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहंची पुलिस ने वृद्ध के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। छजलैट थाना क्षेत्र के गांव अन्यारी निवासी कल्लू सिंह (60) रविवार की दोपहर किसी काम से अपने मकान की छत पर गए थे। तभी छत पर मौजूद बंदरों के झुंड ने उन पर अचानक हमला कर दिया।
बंदरों से बचने की कोशिश में उनका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से घर के सामने ही पक्के रास्ते पर सिर के बल गिर गए।
जिसके कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जिससे परिवार में कोहराम मच गया और तमाम ग्रामीण एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
गांव में बढ़ती बंदरों की संख्या और उनके द्वारा किए जा रहे हमलों को लेकर ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए बंदरों को पकड़वा कर कहीं दूर जंगल में छुड़वाए जाने की मांग की है।
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बताया गया है कि एक महीना पहले गांव के मलखान सिंह छत पर गए थे, तभी उन पर भी बंदरों ने हमला कर दिया था, रेलिंग गिरने से वह गंभीर घायल हो गए थे। अभी भी उनका इलाज चल रहा है। इसे पहले बंदरों के हमले में महिपाल सिंह की जान चली गई थी। बंदरों के बढ़ते हमलों और आतंक से ग्रामीण परेशान हैं।
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बंदरों से बचने की कोशिश में उनका संतुलन बिगड़ गया और वह छत से घर के सामने ही पक्के रास्ते पर सिर के बल गिर गए।
जिसके कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जिससे परिवार में कोहराम मच गया और तमाम ग्रामीण एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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गांव में बढ़ती बंदरों की संख्या और उनके द्वारा किए जा रहे हमलों को लेकर ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए बंदरों को पकड़वा कर कहीं दूर जंगल में छुड़वाए जाने की मांग की है।
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बताया गया है कि एक महीना पहले गांव के मलखान सिंह छत पर गए थे, तभी उन पर भी बंदरों ने हमला कर दिया था, रेलिंग गिरने से वह गंभीर घायल हो गए थे। अभी भी उनका इलाज चल रहा है। इसे पहले बंदरों के हमले में महिपाल सिंह की जान चली गई थी। बंदरों के बढ़ते हमलों और आतंक से ग्रामीण परेशान हैं।