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बच्चे को दौरे पड़ते रहे, डाक्टर एंबुलेंस को धक्का लगाते रहे
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 03 Oct 2016 02:19 AM IST
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बीमार बच्चे को गोद में लिए बैठी मां।
- फोटो : अमर उजाला
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डुप्लीकेट पंजाब मेल दो साल के बच्चे की तबीयत खराब हो गई। उसे दौरे पड़ रहे थे। बच्चे की हालत बिगड़ती देख मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर सूचना दी गई। रेलवे अस्पताल के डाक्टर निकले ही थे कि खटारा एंबुलेंस खराब मिली। डाक्टर और उनकी टीम एंबुलेंस में धक्का लगाती रही, इधर स्टेशन पर बच्चे की हालत बिगड़ती जा रही थी।
बाद में 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया और बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं काफी देर बाद रेलवे अस्पताल के डाक्टर स्कूटर से लिफ्ट लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचे।
रविवार को डुप्लीकेट पंजाब मेल के एस टू कोच में जगतार सिंह पत्नी और दो साल के बेटे के साथ सफर कर रहे थे। ट्रेन में बेटे मोनू की तबीयत अचानक खराब हो गई।
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उसे दौरे पड़ने लगे और हालत बिगड़ने लगी। टीटीई को सूचना दी तो टीटीई ने कंट्रोल रूम को मैसेज कर दिया। कंट्रोल रूम ने रेलवे अस्पताल में डाक्टर के रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए सूचना दी। अस्पताल से डाक्टर के साथ टीम निकली तो पता चला कि एंबुलेंस ही खराब है। धक्का लगाकर उसे स्टार्ट करने की कोशिश की गई। लेकिन एंबुलेंस को चला नहीं पाए।
जगतार सिंह अपने बेटे के साथ स्टेशन पर ही उतर गए। लेकिन वहां डाक्टर और कंपाउंडर तक नहीं मिला। परेशान मां बाप कभी स्टेशन मास्टर तो कभी दूसरे अधिकारियों को खोजते रहे। लेकिन स्टेशन के दूसरे हिस्से में डीआरएम निरीक्षण कर रहे थे।
जिसके चलते स्टेशन अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उनके साथ थे। डीआरएम के सामने मामला न पहुंचे इसके लिए स्टेशन मास्टर ने रेलवे अस्पताल फोन करके तुरंत डाक्टर को भेजने के लिए कहा।
इसके बाद डाक्टर बीके रजक स्टेशन तक लिफ्ट लेकर पहुंच गए। उन्होंने बच्चे का चेकअप किया। इसके बाद 108 नंबर पर फोन करके जिला अस्पताल से एंबुलेंस बुलाई गई। एंबुलेंस से बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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बाद में 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया और बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं काफी देर बाद रेलवे अस्पताल के डाक्टर स्कूटर से लिफ्ट लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचे।
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रविवार को डुप्लीकेट पंजाब मेल के एस टू कोच में जगतार सिंह पत्नी और दो साल के बेटे के साथ सफर कर रहे थे। ट्रेन में बेटे मोनू की तबीयत अचानक खराब हो गई।
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उसे दौरे पड़ने लगे और हालत बिगड़ने लगी। टीटीई को सूचना दी तो टीटीई ने कंट्रोल रूम को मैसेज कर दिया। कंट्रोल रूम ने रेलवे अस्पताल में डाक्टर के रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए सूचना दी। अस्पताल से डाक्टर के साथ टीम निकली तो पता चला कि एंबुलेंस ही खराब है। धक्का लगाकर उसे स्टार्ट करने की कोशिश की गई। लेकिन एंबुलेंस को चला नहीं पाए।
जगतार सिंह अपने बेटे के साथ स्टेशन पर ही उतर गए। लेकिन वहां डाक्टर और कंपाउंडर तक नहीं मिला। परेशान मां बाप कभी स्टेशन मास्टर तो कभी दूसरे अधिकारियों को खोजते रहे। लेकिन स्टेशन के दूसरे हिस्से में डीआरएम निरीक्षण कर रहे थे।
जिसके चलते स्टेशन अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी उनके साथ थे। डीआरएम के सामने मामला न पहुंचे इसके लिए स्टेशन मास्टर ने रेलवे अस्पताल फोन करके तुरंत डाक्टर को भेजने के लिए कहा।
इसके बाद डाक्टर बीके रजक स्टेशन तक लिफ्ट लेकर पहुंच गए। उन्होंने बच्चे का चेकअप किया। इसके बाद 108 नंबर पर फोन करके जिला अस्पताल से एंबुलेंस बुलाई गई। एंबुलेंस से बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।