फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Alumni rekindle childhood memories by taking a pledge at the prayer meeting

Moradabad News: पूर्व छात्रों ने प्रार्थना सभा में प्रतिज्ञा लेकर ताजा कीं बचपन की यादें

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 22 Dec 2025 01:13 AM IST
विज्ञापन
Alumni rekindle childhood memories by taking a pledge at the prayer meeting
मुरादाबाद। राजकीय इंटर कॉलेज की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करना किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण करने जैसा होता था। यह नियम सामान्य छात्र हो या फिर वाइस प्रिंसिपल का बेटा, सभी के लिए एक जैसा होता था। सुबह प्रार्थना के समय देशभक्ति की शपथ दिलानी होती थी। इसमें हमें बोलना होता था कि भारत मेरा देश है और समस्त भारतवासी मेरे भाई-बहन हैं। मैं भारत से प्रेम करता हूं। यह सब बातें रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज में हुए पुरा छात्र सम्मेलन में पूर्व छात्रों ने साझा कीं।
विज्ञापन

इस आयोजन में 1965 बैच से लेकर 1991 बैच तक के पुरा छात्र शामिल हुए। सरस्वती वंदना के साथ शुरु हुए कार्यक्रम में पुराने छात्रों ने एक बार फिर प्रतिज्ञा लेकर अपने बचपन के दिनों की यादों को ताजा किया। इसके बाद शुरु हुए गायकी के दौर ने कार्यक्रम में समां बांध दिया। उन्होंने दिखाया कि उम्र चाहे कोई भी हो, यदि दोस्त मिलते हैं तो बचपना आ ही जाता है। डॉ. अमित रस्तोगी ने किसी के दिल में हो तेरे लिए प्यार गीत सुनाया तो साथी छात्र सीटियां और तालियां बजाने लगे। डॉ. अखिल अग्रवाल ने तुम साथ हो जब अपने दुनिया को भुला देंगे गीत गुनगुनाया। पंकज गुप्ता ने पुकारता चला हूं मैं गली-गली बहार की गीत सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्कूल के छात्रों ने सभी अतिथियों के लिए स्वागत गीत प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य बलवीर सिंह द्वारा पुरा छात्रों से विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार में सहयोग करने का आह्वान किया गया।
विज्ञापन


पिता-बेटे और भाइयों ने एक साथ किया प्रतिभाग
कार्यक्रम की रौनक उस वक्त बढ़ गई, जब मंच से बताया गया कि इस समारोह में पिता-पुत्र और तीन भाइयों ने शिरकत की है। वर्ष 1965 में सुभाष चंद्र गुप्ता ने इंटरमीडिएट उत्तीर्ण की थी और उनके पुत्र निमिष कुमार गुप्ता ने वर्ष 1989 में इंटर की। इसके साथ ही डॉ. अखिल अग्रवाल ने वर्ष 1987 ने इंटर की। उनके छोटे भाई आशीष अग्रवाल ने 1986 में हाईस्कूल और मुकेश अग्रवाल ने 1991 में इंटर की थी। मुकेश ने बताया कि स्कूल छोड़ने के बाद पहला ऐसा मौका था, जब रविवार को फिर से उसी विद्यालय में हम एक साथ थे। अपने स्कूल को देखकर दिल भर आया। इस दौरान डॉ विम्मी रस्तोगी, संजीव गोयल, विनोद जौहरी, डाॅ. पीएन टंडन, डाॅ. जेपी टंडन, डाॅ. संजय शाह, डाॅ. पुष्पेंद्र कुमार, डॉ. अनुराग दुबे, डाॅ डीके गुजराती, हरीश भसीन, सीए मनोज कुमार, सीए अजीत अग्रवाल, कैप्टन विनय सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


को-एड होने की बात सुनकर चौंके
समारोह में करीब 130 पूर्व छात्रों ने प्रतिभाग किया। सभी ने अपनी कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया। कुछ कक्षाएं खंडहर हो चुकी हैं। इस स्थिति में कॉलेज को देखकर कुछ को मायूसी हुई। साथ ही जब नई बिल्डिंग को देखा और जानकारी मिली कि अब कॉलेज में छात्राएं भी पढ़ती हैं तो वह चौंक गए। पूर्व छात्रों ने बताया कि इस कॉलेज का भव्य परिसर हमेशा से गर्व की अनुभूति करवाता था।

1964 में मैंने गणित से प्रथम श्रेणी में इंटर की थी। पढ़ाई का स्तर बहुत ऊंचा था। जो छात्र प्रदेश स्तर तक जाने की प्रतिभा रखते थे, उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक स्वत: ही अतिरिक्त समय देते थे। हम भी शिक्षकों की सख्ती का सम्मान करते थे। उनके सिखाए अनुशासन की वजह से ही मैं अपने व्यवसाय में सफल हो सका। वर्तमान छात्रों को यही कहूंगा कि शिक्षक जब पढ़ाई के लिए सख्ती करें तो उसका बुरा नहीं मानना चाहिए।
आलोक सरन कोठीवाल, पूर्व छात्र

मैंने 1976 में विज्ञान संकाय से इंटर किया था। मेरे पिता गंगासरन शुक्ला उस वक्त इस विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल थे, वह 1984 में यहां पर प्रिंसिपल भी रहे। इसलिए मैंने कभी शैतानी नहीं की, क्योंकि सभी शिक्षक मुझे जानते थे। इसलिए मेरा भी पूरा ध्यान पढ़ाई पर रहता था। भौतिक विज्ञान के एसबी सक्सेना, रसायन विज्ञान के ब्रज मुरारी लाल सक्सेना गुरुजी मेरे पसंदीदा थे। उनके भरोसे की वजह से ही मैं आईपीएस बन सका। त्रिपुरा से डीजीपी के पद से सेवानिवृत्त हूं। अखिल कुमार शुक्ला, पूर्व छात्र

1967 में मैंने हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वर्ष 2019 में पहला पूर्व छात्र समागम हुआ था, उस वक्त भी मैंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। यहां के शिक्षकों को मैंने 40 छात्रों के मोबाइल नंबर दिए थे। अंग्रेजी विषय के एसके भट्टाचार्य गुरुजी मेरे पसंदीदा था। वह बहुत अच्छे तैराक थे। इसलिए वह पढ़ाई के साथ खेलों में प्रतिभाग करवाने पर भी जोर देते थे। एक बार दूसरे छात्र के धक्का देने की वजह से मैं चित्रकला वाले गुरुजी के ऊपर गिर गया था तो उन्होंने पीट दिया था।
निर्मल मेहता, पूर्व छात्र

मैंने 1969 में कला संकाय से इंटर किया था। गायन मेरा शौक था। कौशल गुरुजी को मैं आज भी अपने दिल में बसा के रखा हूं। उनके सिखाने की वजह से मैंने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और जीत भी दर्ज की। अपने दोस्तों के साथ लंच साझा करने की ललक रहती थी। क्रिकेट मैच के समय यहां बड़ी संख्या में दर्शक इकट्ठा हो जाते थे। निर्मल मेहता मेरा करीबी दोस्त था।

राजेश जेटली, पूर्व छात्र

1981 में मैंने इंटर की थी। मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल के पद से सेवानिवृत्त हूं। एससी सक्सेना और बी.लाल सक्सेना मेरे पसंदीदा शिक्षक थे। हमने भी खूब शैतानी की थी। कई बार क्लास भी बंक की थी। इसको लेकर शिक्षकों ने पिटाई भी की थी। आज जब याद करता हूं तो लगता है कि यदि वह सख्ती नहीं करते तो हम सफल नहीं होते। मैं डॉ. मनोज अग्रवाल के साथ कक्षा तीन से आज तक संपर्क में हूं। डॉ. विनोद कुमार पुरी के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होने आया हूं।
जगमोहन सोनी, पूर्व छात्र
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed