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Moradabad News: एक्सपोर्ट फर्म में 400 श्रमिकों को काम से रोकने का आरोप
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पाकबड़ा। दिल्ली रोड स्थित लोधीपुर राजपूत गांव की एक एक्सपोर्ट फर्म में करीब 400 कर्मचारियों को अचानक काम से रोकने का मामला सामने आया है। कर्मचारियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें काम पर आने से मना कर दिया गया। साथ ही प्रबंधन ने कम वेतन पर दोबारा नियुक्ति की शर्त रखी है। इसको लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
फर्म में वुडन मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत रूप सिंह और मोहन सिंह का कहना है कि उन्हें अब तक 16 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिल रहा था। तीन जून को प्रबंधन ने उन्हें काम से रोक दिया। इसके बाद कहा गया कि यदि वे 13 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर काम करने को तैयार हों, तभी नई भर्ती प्रक्रिया के तहत दोबारा रखा जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि यह उनके वेतन में सीधे तीन हजार रुपये की कटौती है और उनकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है।
उनका कहना है कि मौजूदा महंगाई में पहले ही परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। अब अचानक रोजगार छिन जाने से बच्चों की पढ़ाई, राशन और इलाज जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है। उनका कहना है कि वेतन घटाकर नौकरी देने की शर्त पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। कर्मचारियों ने श्रम विभाग और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर मामले की जांच कराने तथा उन्हें पुराने वेतनमान पर फिर से काम पर बहाल कराने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री से शिकायत कर कार्रवाई की मांग करेंगे।
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वर्जन..
इस मामले के बारे में कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को इस मामले को दिखवा लिया जाएगा। -दीप्तिमान भट्ट, डीएलसी मुरादाबाद
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फर्म में वुडन मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत रूप सिंह और मोहन सिंह का कहना है कि उन्हें अब तक 16 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिल रहा था। तीन जून को प्रबंधन ने उन्हें काम से रोक दिया। इसके बाद कहा गया कि यदि वे 13 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर काम करने को तैयार हों, तभी नई भर्ती प्रक्रिया के तहत दोबारा रखा जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि यह उनके वेतन में सीधे तीन हजार रुपये की कटौती है और उनकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है।
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उनका कहना है कि मौजूदा महंगाई में पहले ही परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। अब अचानक रोजगार छिन जाने से बच्चों की पढ़ाई, राशन और इलाज जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है। उनका कहना है कि वेतन घटाकर नौकरी देने की शर्त पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। कर्मचारियों ने श्रम विभाग और जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर मामले की जांच कराने तथा उन्हें पुराने वेतनमान पर फिर से काम पर बहाल कराने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री से शिकायत कर कार्रवाई की मांग करेंगे।
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इस मामले के बारे में कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को इस मामले को दिखवा लिया जाएगा। -दीप्तिमान भट्ट, डीएलसी मुरादाबाद