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Moradabad News: ट्रेन रोकने के मामले में सपा विधायक व कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत सभी 12 आरोपी बरी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 27 Mar 2025 02:01 AM IST
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All 12 accused including SP MLA and Congress district president acquitted in train stopping case
मुरादाबाद।
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महंगाई के विरोध में 2018 में रेल रोको आंदोलन के आरोपी सपा विधायक पंकज मलिक, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर समेत 12 नेताओं को बुधवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट एमपी सिंह की अदालत ने बरी कर दिया। मुजफ्फरनगर की चरथावल विधानसभा सीट से सपा विधायक पंकज मलिक तब कांग्रेस में थे। उनके साथ ही अन्य नेताओं के खिलाफ आरपीएफ थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। वहीं अभियोजन पक्ष आदेश के खिलाफ अपील करने की तैयारी में है।
केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ महंगाई को लेकर 2018 कांग्रेस में पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दाैरान तत्कालीन कांग्रेस नेता पंकज मलिक व वर्तमान में मुरादाबाद के कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर, विजयराज, अशोक कपूर, आनंद मोहन गुप्ता, हसन असगर जैदी, राहत अली, डाॅ. एमपी सिंह, डाॅ. सादिक सिद्दीकी, मो. अहमद, शिव राज गुर्जर, शकील अंडा पर 10 सितंबर 2018 को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस रोकने के आरोप में आरपीएफ थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
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इस मामले में पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि वादी पक्ष की गवाही पूर्ण होने के बाद आरोपियों को अपने बचाव पक्ष में बयान देने का अवसर दिया गया। बुधवार को आरोपी विधायक पंकज मलिक समेत अन्य आरोपी कोर्ट में पेश हुए।
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शाम करीब चार बजे अदालत ने फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। दोषमुक्त होने पर सभी के चेहरे खिल उठे। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। वहीं विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि अभी आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हो पाई है। आदेश देखने के बाद उसका अवलोकन किया जाएगा। समय रहते अपील दाखिल की जाएगी।
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अदालत ने माना, गलत दर्ज हुआ था मुकदमा

अदालत ने अपने पंद्रह पेज के विस्तृत आदेश में कहा कि वादी मुकदमा स्वयं आरपीएफ पोस्ट का प्रभारी है। जिसने मुकदमे की जांच अपने अधीनस्थ कर्मचारी उपनिरीक्षक विजय कुमार त्यागी को सौंप दी थी। वादी मुकदमा ही घटना का चश्मदीद गवाह भी बन गया। इससे विवेचना दूषित हो सकती है। साथ ही जिस संपर्क क्रांति ट्रेन को रोकने का आरोप लगाया गया था। पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के अनुसार संपर्क क्रांति ट्रेन अपने निर्धारित समय पर मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर आई थी। साथ ही निर्धारित समय पर यहां से गई थी। लोको पायलट ने भी अपने बयान में इसकी पुष्टि की है। ट्रेन को किसी ने भी नहीं रोका था। आंदोलन में शामिल लोग अपना फोटो खिंचवाकर चले गए थे। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर सभी 12 आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया।




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59 तारीखों पर हुई सुनवाई

कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ यह मुकदमा आरपीएफ थाने में 10 सितंबर 2018 को दर्ज किया गया था। इसकी सुनवाई 28 फरवरी 2022 को अदालत में शुरू की गई थी। इस मामले में 59 तारीख लगने के बाद बुधवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
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