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अलकायदा आतंकी
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संभल। लखनऊ में अलकायदा आतंकी संगठन के दो संदिग्ध पकड़े जाने के बाद खुफिया तंत्र की निगाहें संभल पर हैं। इसकी वजह संभल से 23 साल से लापता सईद अख्तर है। माना जा रहा है कि सईद अख्तर ही उमर हलमंदी है, जो पाकिस्तान से भारत में आतंकी तैयार करने का काम करता है।
सूत्रों के अनुसार संभल के दीपा सराय का रहने वाला सईद अख्तर वर्ष 1998 में उस समय लापता हो गया था जब खुफिया एजेंसी उसके पीछे पड़ गई थी। उसके बाद से वह संभल नहीं लौटा। वर्ष 2005 में दिल्ली से आई खुफिया एजेंसी की टीम ने सईद के आतंकी संगठन से जुड़े होने की जानकारी उसके परिजनों को दी थी।
उस वक्त यह चर्चा भी आई थी कि वर्ष 1998 में ही संभल के दीपा सराय निवासी मौलाना आसिम उमर उर्फ सना उल हक उर्फ शन्नू बाद में अलकायदा का भारत का कमांडर घोषित हुआ था। वर्ष 2019 को अमेरिका-अफगानिस्तान की सेना के संयुक्त ऑपरेशन में अफगानिस्तान बॉर्डर पर उसके मारे जाने की सूचना आई थी। माना जा रहा है कि उसके बाद से उमर हलमंदी को अलकायदा का भारत कमांडर बना दिया गया।
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इन्हीं चर्चाओं के मद्देनजर संभल को लेकर खुफिया टीमें अलर्ट हो गई हैं। दिनभर बाहरी टीमों के किसी भी समय संभल पहुंचकर छापे मारने की चर्चा तैरती रही।
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सूत्रों के अनुसार संभल के दीपा सराय का रहने वाला सईद अख्तर वर्ष 1998 में उस समय लापता हो गया था जब खुफिया एजेंसी उसके पीछे पड़ गई थी। उसके बाद से वह संभल नहीं लौटा। वर्ष 2005 में दिल्ली से आई खुफिया एजेंसी की टीम ने सईद के आतंकी संगठन से जुड़े होने की जानकारी उसके परिजनों को दी थी।
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उस वक्त यह चर्चा भी आई थी कि वर्ष 1998 में ही संभल के दीपा सराय निवासी मौलाना आसिम उमर उर्फ सना उल हक उर्फ शन्नू बाद में अलकायदा का भारत का कमांडर घोषित हुआ था। वर्ष 2019 को अमेरिका-अफगानिस्तान की सेना के संयुक्त ऑपरेशन में अफगानिस्तान बॉर्डर पर उसके मारे जाने की सूचना आई थी। माना जा रहा है कि उसके बाद से उमर हलमंदी को अलकायदा का भारत कमांडर बना दिया गया।
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इन्हीं चर्चाओं के मद्देनजर संभल को लेकर खुफिया टीमें अलर्ट हो गई हैं। दिनभर बाहरी टीमों के किसी भी समय संभल पहुंचकर छापे मारने की चर्चा तैरती रही।