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Moradabad News: अलीगढ़ के कारोबारी से 13.25 लाख की धोखाधड़ी
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मुरादाबाद। अलीगढ़ के एक कारोबारी को दवाइयों का कारोबार कराने का झांसा देकर सात लाख 65 हजार रुपये ठग लिए। कारोबार शुरू न होने पर पीड़ित आरोपी के घर पहुंचा तो उसे बंधक बनाकर पांच लाख 60 हजार रुपये का लोन स्वीकृत कराकर रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। कारोबारी ने सिविल लाइंस थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
अलीगढ़ के अतरौली थाना क्षेत्र के सिमथला निवासी सोंरन सिंह ने बताया कि एक अगस्त 2022 को तीन व्यक्ति साकित अग्रवाल, एहसान और हंसाराम उनके घर पहुंचे। साकित ने बताया कि वह सिविल लाइंस के वेव ग्रीन कॉलोनी में रहता और इंस्टावेस सॉल्यूसन कंपनी के नाम से दवा का कारोबार करता है। वह सेंटर और एजेंटों के जरिये दवा लोगों में वितरित कराता है।
आरोपी ने सोंरन को भी सेंटर खोलकर मुनाफा कमाने का ऑफर दिया। 3500-3500 रुपये देकर पीड़ित ने चार रजिस्ट्रेशन करा दिए थे। इसके बाद कारोबारी ने साकित को सात लाख 65 हजार रुपये दिए, लेकिन आरोपी ने सेंटर नहीं खुलवाया। मुरादाबाद आने पर पता चला साकित अग्रवाल का असली नाम अनुराग सिसौदिया है। वह अर्चना दीप सोसायटी में रहता है।
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आरोपी ने सोंरन को अपने घर में बंधक बना लिया और कहा कि जब तक 12 लाख रुपये नहीं मिलेंगे तब तक सेंटर नहीं खोला जाएगा। आरोपी ने सोंरन के नाम से पांच लाख 60 हजार रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया और रकम अपने खाते में ले ली। आरोपी ने कहा कि लोन की किस्त 21 हजार रुपये वह अदा करता रहेगा। इसके बाद ही पीड़ित को बंधक मुक्त किया। इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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अलीगढ़ के अतरौली थाना क्षेत्र के सिमथला निवासी सोंरन सिंह ने बताया कि एक अगस्त 2022 को तीन व्यक्ति साकित अग्रवाल, एहसान और हंसाराम उनके घर पहुंचे। साकित ने बताया कि वह सिविल लाइंस के वेव ग्रीन कॉलोनी में रहता और इंस्टावेस सॉल्यूसन कंपनी के नाम से दवा का कारोबार करता है। वह सेंटर और एजेंटों के जरिये दवा लोगों में वितरित कराता है।
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आरोपी ने सोंरन को भी सेंटर खोलकर मुनाफा कमाने का ऑफर दिया। 3500-3500 रुपये देकर पीड़ित ने चार रजिस्ट्रेशन करा दिए थे। इसके बाद कारोबारी ने साकित को सात लाख 65 हजार रुपये दिए, लेकिन आरोपी ने सेंटर नहीं खुलवाया। मुरादाबाद आने पर पता चला साकित अग्रवाल का असली नाम अनुराग सिसौदिया है। वह अर्चना दीप सोसायटी में रहता है।
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आरोपी ने सोंरन को अपने घर में बंधक बना लिया और कहा कि जब तक 12 लाख रुपये नहीं मिलेंगे तब तक सेंटर नहीं खोला जाएगा। आरोपी ने सोंरन के नाम से पांच लाख 60 हजार रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया और रकम अपने खाते में ले ली। आरोपी ने कहा कि लोन की किस्त 21 हजार रुपये वह अदा करता रहेगा। इसके बाद ही पीड़ित को बंधक मुक्त किया। इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।