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अल-कायदा एजेंट के संपर्क में थे मुरादाबाद के युवा, एटीएस खंगाल रही कुंडली
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अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। बरेली में एटीएस के हत्थे चढ़े अल कायदा एजेंट मुहम्मद इनामुल हक ने पूछताछ में कई राज उगले हैं। उसने टीम को बताया कि मुरादाबाद के युवा भी उसके संपर्क में थे। जिनसे वह सोशल मीडिया के जरिये बातचीत करता था। इसकी जानकारी मिलने के बाद मुरादाबाद में भी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। इस क्षेत्र को देखने वाली एटीएस की टीम भी एजेंट के संपर्क में आने वाले युवाओं की कुंडली खंगालने में जुटी है।
मूलरूप से हल्द्वानी निवासी इनामुल बरेली में छिपा हुआ था। वह युवाओं को जेहाद के नाम पर उकसा रहा था। इनामुल के मुरादाबाद में ठहरने की भी जानकारी एटीएस को मिली है। एटीएस की टीमें यूपी के अलग-अलग जिलों के साथ ही मुरादाबाद में भी उसके संपर्क खंगाले में जुटी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने बताया कि अभी तक एटीएस ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया है। अगर मुरादाबाद से संबंधित कोई इनपुट मिलता है तो हमारी पुलिस एटीएस की पूरी मदद करेगी। साथ ही स्थानीय खुफिया तंत्र भी इस पर कार्य कर रहा है।
आतंकी गतिविधियों से पहले भी जुड़ चुका हैं मुरादाबाद मंडल का नाम
मुरादाबाद। मुरादाबाद मंडल का नाम पहले भी आतंकी गतिविधियों से बदनाम हो चुका है। मंडल के अमरोहा से संकट मोचन मंदिर ब्लास्ट में 2009 में रिजवान और मोहम्मद शाद को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा मेरठ में पीएसी कैंप पर हमले का आरोपी वर्षों से मुरादाबाद में छिपा रहा। एटीएस की टीम उसे मुरादाबाद से पकड़ कर ले गई थी। बिजनौर के जाटान मोहल्ले के एक घर में ब्लास्ट के बाद भागे आतंकियों ने मुरादाबाद निवासी बताकर ही कमरा किराये पर लिया था। ये सभी आतंकी मध्य प्रदेश की खंडवा जेल से फरार हुए थे।
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मुरादाबाद। बरेली में एटीएस के हत्थे चढ़े अल कायदा एजेंट मुहम्मद इनामुल हक ने पूछताछ में कई राज उगले हैं। उसने टीम को बताया कि मुरादाबाद के युवा भी उसके संपर्क में थे। जिनसे वह सोशल मीडिया के जरिये बातचीत करता था। इसकी जानकारी मिलने के बाद मुरादाबाद में भी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। इस क्षेत्र को देखने वाली एटीएस की टीम भी एजेंट के संपर्क में आने वाले युवाओं की कुंडली खंगालने में जुटी है।
मूलरूप से हल्द्वानी निवासी इनामुल बरेली में छिपा हुआ था। वह युवाओं को जेहाद के नाम पर उकसा रहा था। इनामुल के मुरादाबाद में ठहरने की भी जानकारी एटीएस को मिली है। एटीएस की टीमें यूपी के अलग-अलग जिलों के साथ ही मुरादाबाद में भी उसके संपर्क खंगाले में जुटी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने बताया कि अभी तक एटीएस ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया है। अगर मुरादाबाद से संबंधित कोई इनपुट मिलता है तो हमारी पुलिस एटीएस की पूरी मदद करेगी। साथ ही स्थानीय खुफिया तंत्र भी इस पर कार्य कर रहा है।
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आतंकी गतिविधियों से पहले भी जुड़ चुका हैं मुरादाबाद मंडल का नाम
मुरादाबाद। मुरादाबाद मंडल का नाम पहले भी आतंकी गतिविधियों से बदनाम हो चुका है। मंडल के अमरोहा से संकट मोचन मंदिर ब्लास्ट में 2009 में रिजवान और मोहम्मद शाद को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा मेरठ में पीएसी कैंप पर हमले का आरोपी वर्षों से मुरादाबाद में छिपा रहा। एटीएस की टीम उसे मुरादाबाद से पकड़ कर ले गई थी। बिजनौर के जाटान मोहल्ले के एक घर में ब्लास्ट के बाद भागे आतंकियों ने मुरादाबाद निवासी बताकर ही कमरा किराये पर लिया था। ये सभी आतंकी मध्य प्रदेश की खंडवा जेल से फरार हुए थे।
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