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Moradabad News: आजम से मिलने जेल में पहुंचे अखिलेश... सियासी संदेश गया बाहर, सपा खड़ी है साथ

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:29 AM IST
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Akhilesh visits Azam in jail... a political message is sent out: the SP stands with him.
मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को रामपुर जिला जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां से मुलाकात कर सियासी हलकों में एक स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की। संदेश यह कि आजम खां भले ही लंबे समय से जेल में हैं, लेकिन पार्टी में उनका महत्व कम नहीं हुआ है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस मुलाकात को आजम के साथ खड़े रहने और पार्टी के पुराने रिश्तों को मजबूत बनाए रखने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
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अखिलेश यादव की आजम खां से करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। इसके बाद उन्होंने आजम के परिवार से भी मुलाकात की। जेल से बाहर आने के बाद अखिलेश ने कहा कि यह मुलाकात राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक मामला है। आजम खां उनके दिल के करीब हैं। उन्होंने आजम और उनके परिवार के साथ अन्याय होने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि झूठे मुकदमों के सहारे किसी को हमेशा कैद नहीं रखा जा सकता। उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि आजम खां लंबे समय से सपा की राजनीति के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में उनका राजनीतिक प्रभाव रहा है। ऐसे में चुनाव से पहले अखिलेश का खुद जेल पहुंचना केवल हालचाल जानने तक सीमित नहीं माना जा रहा। इसे पार्टी के भीतर और बाहर यह बताने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है कि आजम खां अब भी सपा नेतृत्व के लिए अहम हैं।
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मुस्लिम नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुलाकात
मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। हाल के दिनों में असदुद्दीन ओवैसी ने भी रामपुर में सपा नेतृत्व पर मुस्लिमों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाए थे। ऐसे माहौल में अखिलेश का आजम खां से मिलना सियासी तौर पर महत्वपूर्ण है। इससे आजम समर्थकों और मुस्लिम मतदाताओं के बीच यह संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है कि पार्टी अपने पुराने और प्रभावशाली नेता से दूरी नहीं बना रही।
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अखिलेश ने मुलाकात के बाद कहा कि आजम खां ने विश्वविद्यालय, शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर जो सपना देखा था, उसे सपा कार्यकर्ता पूरा करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि आजम ने उन्हें कुछ सुझाव दिए हैं। ऐसे में इस मुलाकात को आगामी चुनाव में आजम की राजनीतिक भूमिका और पार्टी की रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।


जौहर विश्वविद्यालय के मामले में भी सक्रिय हुई थी सपा

आजम खां से जुड़े मामलों में पार्टी की सक्रियता पहले भी सामने आई है। जुलाई में रामपुर विकास प्राधिकरण ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। इसके बाद सपा ने इस कार्रवाई का विरोध किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में विधायकों का दल रामपुर पहुंचा और जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने की मांग की। इसके बाद सांसदों का दल भी विश्वविद्यालय पहुंचा और छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया। अखिलेश यादव ने भी विश्वविद्यालय को बचाने की जरूरत बताते हुए सरकार पर निशाना साधा था। इस पूरे घटनाक्रम में पार्टी ने आजम खां से जुड़े मुद्दे को केवल एक नेता का मामला बताने के बजाय शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य से जोड़कर उठाया।
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