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Moradabad News: दो दशक से उतर रहे विमान, हवाई अड्डा खुले तो कारोबार भरे उड़ान
Sat, 01 Apr 2023 02:46 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Sat, 01 Apr 2023 02:46 AM IST
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हवा में हवाई अड्डा
दो दशक से उतर रहे विमान, हवाई
अड्डा खुले तो कारोबार भरे उड़ान
- निर्यातक सर्किट हाउस में उतरवा चुके हैं वालमार्ट कंपनी के प्रतिनिधियों का चॉपर
- मूंढापांडे की हवाई पट्टी पर उतरते रहे हैं चार्टर्ड विमान
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। हवाई अड्डा अब से नहीं पिछले 20 वर्षों से हमारी जरूरत है। सुविधाओं के अभाव में 2005 में अंतरराष्ट्रीय कंपनी वालमार्ट का हेलीकॉप्टर सर्किट हाउस में उतारा गया था। इसके बाद मूंढापांडे में हवाई पट्टी पर चार्टर्ड विमान व नेताओं के विमान उतरते रहे हैं। अब हवाई अड्डा शुरू हो तो यहां के कारोबार को अधिक गति मिल जाएगी।
सरकारें बदलीं लेकिन मुरादाबाद के कारोबार व आम लोगों की जरूरत पूरी नहीं हुई। अब सारे संसाधन होने के बावजूद उड़ान के लिए लाइसेंस नहीं मिल रहा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी बार बार पत्र लिख रहे हैं। इसके बावजूद डीजीसीए के अधिकारी भौतिक निरीक्षण के लिए तैयार नहीं हैं। निर्यातकों व दूसरे शहरों में पढ़ने वाले युवाओं में इससे निराशा है। शहर के निर्यातकों का कहना है कि 2005 में विदेशी ग्राहक फैक्टरी आकर माल देखना चाहते थे। तब उनका हेलीकॉप्टर दिल्ली से मुरादाबाद उतारा गया था। इससे पहले से मुरादाबाद में हवाई अड्डे की मांग उठ रही थी।
मुरादाबाद से दिल्ली के लिए जो जरूरत थी वह समय के साथ बदल गई है। अब मुरादाबाद से मुंबई, प्रयागराज, बैंगलुरू, लखनऊ की उड़ान होनी चाहिए। इससे मुरादाबाद मंडल के पांचों जिलों के लोगों को लाभ होगा। फिलहाल यहां के लोग बरेली जाकर फ्लाइट लेने को मजबूर हैं। मुंबई के लिए फ्लाइट से कारोबारियों को लाभ मिलेगा। जबकि प्रयागराज के लिए सुविधा शुरू होने से मुकदमों के सिलसिले में जाने वाले लोगों व वकीलों को राहत मिलेगी। मुरादाबाद से लखनऊ तक भई हर दिन हजारों लोग सफर करते हैं।
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लखनऊ जाने में लगते हैं पांच घंटे
प्रयागराज जाने के लिए ट्रेन से 8 घंटे व लखनऊ जाने में पांच घंटे लगते हैं। हवाई यात्रा में समय एक से दो घंटे तक रह जाएगा। निर्यातकों का कहना है कि पूरा तराई क्षेत्र हवाई सफर के लिए बरेली पर निर्भर है। बरेली हवाई अड्डे से मुंबई की फ्लाइट हमेशा फुल रहती है। यदि मुरादाबाद में यह सुविधा शुरू हो अपने पांच जिलों के अलावा रामनगर, नैनीताल के लोग भी यहां से फ्लाइट लेंगे।
बैंगलुरू में नौकरी करते हैं मंडल के सैकड़ों युवा
मुरादाबाद के तमाम युवा बैंगलुरू में आईटी कंपनियों में नौकरी करते हैं। इसके अलावा पढ़ाई के लिए भी वहां जाकर रह रहे हैं। ऐसे में उनका व उनके अभिभावकों का बैंगलुरू आना जाना लगा रहता है। लोगों का मानना है कि बैंगलुरू के लिए फ्लाइट सबसे पहले शुरू होनी चाहिए। इससे दिल्ली हवाई हड्डे पर उतरने के बाद जाम से जूझते हुए मुरादाबाद तक पहुंचने का झंझट खत्म होगा।
वर्जन
20 वर्षों से मुरादाबाद के निर्यातक हवाई अड्डे की मांग कर रहे हैं। अब हाईवे बनने से दिल्ली की कनेक्टिविटी आसान हुई है लेकिन मुंबई, बैंगलुरू, प्रयागराज आदि के लिए उड़ान शुरू होनी चाहिए। इससे कारोबार को गति मिलेगी।
- सतपाल, निर्यातक
हमने 2005 में विदेशी ग्राहकों को बुलाया था। हवा अड्डा न होने के कारण काफी रुपये खर्च करने पड़े। तब से अब तक हम लगातार मांग उठा रहे हैं। अब हवाई अड्डा बन गया है तो लाइसेंस जल्द जारी होना चाहिए।
- कमल सोनी, निर्यातक
मैं बैंगलुरू में रहकर पढ़ता हूं। दिल्ली हवाई अड्डे से निकलकर एक्सप्रेस वे पर आने में डेढ़ घंटा लग जाता है। इसके बाद मुरादाबाद पहुंचे में दो घंटे लगते हैं। यदि मुरादाबाद के लिए फ्लाइट शुरू हो एक घंटे में घर पहुंच सकता हूं।
- विभोर श्रीवास्तव, छात्र
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दो दशक से उतर रहे विमान, हवाई
अड्डा खुले तो कारोबार भरे उड़ान
- निर्यातक सर्किट हाउस में उतरवा चुके हैं वालमार्ट कंपनी के प्रतिनिधियों का चॉपर
- मूंढापांडे की हवाई पट्टी पर उतरते रहे हैं चार्टर्ड विमान
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। हवाई अड्डा अब से नहीं पिछले 20 वर्षों से हमारी जरूरत है। सुविधाओं के अभाव में 2005 में अंतरराष्ट्रीय कंपनी वालमार्ट का हेलीकॉप्टर सर्किट हाउस में उतारा गया था। इसके बाद मूंढापांडे में हवाई पट्टी पर चार्टर्ड विमान व नेताओं के विमान उतरते रहे हैं। अब हवाई अड्डा शुरू हो तो यहां के कारोबार को अधिक गति मिल जाएगी।
सरकारें बदलीं लेकिन मुरादाबाद के कारोबार व आम लोगों की जरूरत पूरी नहीं हुई। अब सारे संसाधन होने के बावजूद उड़ान के लिए लाइसेंस नहीं मिल रहा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी बार बार पत्र लिख रहे हैं। इसके बावजूद डीजीसीए के अधिकारी भौतिक निरीक्षण के लिए तैयार नहीं हैं। निर्यातकों व दूसरे शहरों में पढ़ने वाले युवाओं में इससे निराशा है। शहर के निर्यातकों का कहना है कि 2005 में विदेशी ग्राहक फैक्टरी आकर माल देखना चाहते थे। तब उनका हेलीकॉप्टर दिल्ली से मुरादाबाद उतारा गया था। इससे पहले से मुरादाबाद में हवाई अड्डे की मांग उठ रही थी।
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मुरादाबाद से दिल्ली के लिए जो जरूरत थी वह समय के साथ बदल गई है। अब मुरादाबाद से मुंबई, प्रयागराज, बैंगलुरू, लखनऊ की उड़ान होनी चाहिए। इससे मुरादाबाद मंडल के पांचों जिलों के लोगों को लाभ होगा। फिलहाल यहां के लोग बरेली जाकर फ्लाइट लेने को मजबूर हैं। मुंबई के लिए फ्लाइट से कारोबारियों को लाभ मिलेगा। जबकि प्रयागराज के लिए सुविधा शुरू होने से मुकदमों के सिलसिले में जाने वाले लोगों व वकीलों को राहत मिलेगी। मुरादाबाद से लखनऊ तक भई हर दिन हजारों लोग सफर करते हैं।
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लखनऊ जाने में लगते हैं पांच घंटे
प्रयागराज जाने के लिए ट्रेन से 8 घंटे व लखनऊ जाने में पांच घंटे लगते हैं। हवाई यात्रा में समय एक से दो घंटे तक रह जाएगा। निर्यातकों का कहना है कि पूरा तराई क्षेत्र हवाई सफर के लिए बरेली पर निर्भर है। बरेली हवाई अड्डे से मुंबई की फ्लाइट हमेशा फुल रहती है। यदि मुरादाबाद में यह सुविधा शुरू हो अपने पांच जिलों के अलावा रामनगर, नैनीताल के लोग भी यहां से फ्लाइट लेंगे।
बैंगलुरू में नौकरी करते हैं मंडल के सैकड़ों युवा
मुरादाबाद के तमाम युवा बैंगलुरू में आईटी कंपनियों में नौकरी करते हैं। इसके अलावा पढ़ाई के लिए भी वहां जाकर रह रहे हैं। ऐसे में उनका व उनके अभिभावकों का बैंगलुरू आना जाना लगा रहता है। लोगों का मानना है कि बैंगलुरू के लिए फ्लाइट सबसे पहले शुरू होनी चाहिए। इससे दिल्ली हवाई हड्डे पर उतरने के बाद जाम से जूझते हुए मुरादाबाद तक पहुंचने का झंझट खत्म होगा।
वर्जन
20 वर्षों से मुरादाबाद के निर्यातक हवाई अड्डे की मांग कर रहे हैं। अब हाईवे बनने से दिल्ली की कनेक्टिविटी आसान हुई है लेकिन मुंबई, बैंगलुरू, प्रयागराज आदि के लिए उड़ान शुरू होनी चाहिए। इससे कारोबार को गति मिलेगी।
- सतपाल, निर्यातक
हमने 2005 में विदेशी ग्राहकों को बुलाया था। हवा अड्डा न होने के कारण काफी रुपये खर्च करने पड़े। तब से अब तक हम लगातार मांग उठा रहे हैं। अब हवाई अड्डा बन गया है तो लाइसेंस जल्द जारी होना चाहिए।
- कमल सोनी, निर्यातक
मैं बैंगलुरू में रहकर पढ़ता हूं। दिल्ली हवाई अड्डे से निकलकर एक्सप्रेस वे पर आने में डेढ़ घंटा लग जाता है। इसके बाद मुरादाबाद पहुंचे में दो घंटे लगते हैं। यदि मुरादाबाद के लिए फ्लाइट शुरू हो एक घंटे में घर पहुंच सकता हूं।
- विभोर श्रीवास्तव, छात्र