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Moradabad News: लो विजन के मरीजों के लिए एआई मददगार
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मुरादाबाद। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लो विजन के मरीजाें के लिए मददगार बन रहा है। इसकी मदद से कुछ ऐसे उपकरण माैजूद हैं जिनके इस्तेमाल से लो विजन के मरीज को देखने में सुविधा होती है। जिसे वह अपने रोजमर्रा के सभी कार्य आसानी से कर पाते हैं, ऐसे मरीजों को काउंसिलिंग और रिहैबिलिटेशन के जरिये समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
यह बातें आरपी सेंटर एम्स नई दिल्ली के प्रोफेसर सूरज सेंजम ने सीएल गुप्ता नेत्र संस्थान में आयोजित नेशनल लो विजन काॅन्फ्रेंस में कहीं। यूपीयूएमएस सैफई के डॉ. आदित्य त्रिपाठी ने बताया कि लो विजन के मरीजों का रेफरेक्शन एवं असेसमेंट किस प्रकार करना चाहिए, इसमें उपयोग होने वाले सभी चरणों के बारे में बताया। असिस्टेंट प्रोफेसर एमिटी यूनिवर्सिटी के सुगंधा ने बताया कि ऐसे व्यक्तिओं को खेल, संगीत एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से बेहतर तरीके से जीवन जीने की कला को विकसित किया जाता है।
संस्था की चेयरपर्सन डॉ. आशि खुराना ने बताया कि संस्थान में लगभग 2000 मरीजों का इलाज चल रहा है और उनमें से कई मरीजों को रिहैबिलिटेशन से जोड़ा गया है। इस कार्यक्रम का संचालन ऑप्टोमेट्रिस्ट आफरीन ने किया। इस दाैरान संस्था की ट्रस्टी शिखा गुप्ता, फनी कृष्ण, हिमांशु सिंह, आसमा, सुनील चौहान, गरिमा सिंह, अतुल वीज, शर्मेंद्र विश्नोई, बिलाल सिद्दीकी, अनिल सपरा, सुरेश, सुनील आदि माैजूद रहे।
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यह बातें आरपी सेंटर एम्स नई दिल्ली के प्रोफेसर सूरज सेंजम ने सीएल गुप्ता नेत्र संस्थान में आयोजित नेशनल लो विजन काॅन्फ्रेंस में कहीं। यूपीयूएमएस सैफई के डॉ. आदित्य त्रिपाठी ने बताया कि लो विजन के मरीजों का रेफरेक्शन एवं असेसमेंट किस प्रकार करना चाहिए, इसमें उपयोग होने वाले सभी चरणों के बारे में बताया। असिस्टेंट प्रोफेसर एमिटी यूनिवर्सिटी के सुगंधा ने बताया कि ऐसे व्यक्तिओं को खेल, संगीत एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से बेहतर तरीके से जीवन जीने की कला को विकसित किया जाता है।
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संस्था की चेयरपर्सन डॉ. आशि खुराना ने बताया कि संस्थान में लगभग 2000 मरीजों का इलाज चल रहा है और उनमें से कई मरीजों को रिहैबिलिटेशन से जोड़ा गया है। इस कार्यक्रम का संचालन ऑप्टोमेट्रिस्ट आफरीन ने किया। इस दाैरान संस्था की ट्रस्टी शिखा गुप्ता, फनी कृष्ण, हिमांशु सिंह, आसमा, सुनील चौहान, गरिमा सिंह, अतुल वीज, शर्मेंद्र विश्नोई, बिलाल सिद्दीकी, अनिल सपरा, सुरेश, सुनील आदि माैजूद रहे।
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