{"_id":"5f5404c98ebc3e37bc4012ac","slug":"after-treatment-and-shown-negative-a-woman-again-corona-positive-city-news-mbd3616430160","type":"story","status":"publish","title_hn":"14 दिन भर्ती के बाद डिस्चार्ज, हालत बिगड़ी तो जांच कराई, रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
14 दिन भर्ती के बाद डिस्चार्ज, हालत बिगड़ी तो जांच कराई, रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आई
विज्ञापन
मुरादाबाद। सरकार की नई गाइड लाइन के बाद से कोरोना पॉजिटिव मरीजों को अस्पतालों से 10 दिन बाद ही डिस्चार्ज किया जा रहा है। डिस्चार्ज से पहले सैंपल कराए जाने का नियम भी खत्म हो गया है। ऐसे में मरीज डिस्चार्ज होने पर खुद को निगेटिव समझने की भूल न करें। चाऊ की बस्ती निवासी एक महिला 14 दिन भर्ती रहने के बाद दोबारा पॉजिटिव आई हैं। अस्पताल से घर आते ही महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई और जांच कराए जाने पर पॉजिटिव आने पर फिर से अस्पताल में भर्ती हुई हैं।
चाऊ की बस्ती निवासी 55 साल की महिला को किडनी में संक्रमण हो गया था। कांठ रोड स्थित निजी अस्पताल में उनका इलाज हुआ। 20 अगस्त को महिला कोरोना पॉजिटिव आ गई और उसी दिन टीएमयू में भर्ती की गई। 14 दिन भर्ती रहने के बाद तीन सितंबर को टीएमयू अस्पताल से उसे डिस्चार्ज कर दिया। चार सितंबर की रात महिला की सांस उखड़ने लगी और सीने में दर्द की शिकायत होने लगी। परिवारजनों ने महिला को रात करीब चार बजे दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। महिला की हालत गंभीर होने पर अस्पताल ने उनका सैंपल कराया। सैंपल कोरोना पॉजिटिव आ गया।
महिला को दोबारा से टीएमयू में भर्ती कराया गया है। महिला के पति का आरोप है कि पत्नी को जब डिस्चार्ज किया गया था उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं थी। पत्नी बेड पर बैठी थी और उसके आक्सीजन लगी थी। राउंड पर आए डाक्टर ने पत्नी को बैठा देख लिया। आक्सीजन सपोर्ट हटाए बिना आक्सीजन लेवल की जांच की। आक्सीजन लेवल 99 होने पर स्वस्थ बताकर डिस्चार्ज कर दिया। पति का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही से पत्नी की जान जोखिम में पड़ी और परिवार के अन्य लोगों में भी संक्रमण फैलने का खतरा हो गया।
विज्ञापन
- नई गाइड लाइन के बाद से पॉजिटिव मरीजों को भर्ती होने के 10 दिन बाद डिस्चार्ज किया जा रहा है। मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं तो उनके लिए 10 दिन की अवधि की बाध्यता नहीं है। मरीज का आक्सीजन लेवल सामान्य आने पर ही डिस्चार्ज किया जा रहा है। डिस्चार्ज करते वक्त कोविड की जांच नहीं कराई जाती है। डिस्चार्ज होने के बाद यदि मरीज अपने स्तर से जांच करवाता और पॉजिटिव आता है तो घबराने की बात नहीं है। मरीज के शुरुआती पॉजिटिव आने के दस दिन बाद उससे संक्रमण फैलने का खतरा नहीं रहता है।
- डा. वीके सिंह, नोडल अधिकारी टीएमयू।
- गंभीर मरीजों को 10 दिन के बाद डिस्चार्ज करने की बाध्यता नहीं है। डिस्चार्ज करने से पहले उसका आक्सीजन लेवल देखा जाता है। जहां तक दूसरी जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव आने का सवाल है वह आ सकता है। मरीज के इम्युनिटी पर निर्भर है कि वह संक्रमण के बाद कितने दिनों में रिकवरी करता है।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।
विज्ञापन
चाऊ की बस्ती निवासी 55 साल की महिला को किडनी में संक्रमण हो गया था। कांठ रोड स्थित निजी अस्पताल में उनका इलाज हुआ। 20 अगस्त को महिला कोरोना पॉजिटिव आ गई और उसी दिन टीएमयू में भर्ती की गई। 14 दिन भर्ती रहने के बाद तीन सितंबर को टीएमयू अस्पताल से उसे डिस्चार्ज कर दिया। चार सितंबर की रात महिला की सांस उखड़ने लगी और सीने में दर्द की शिकायत होने लगी। परिवारजनों ने महिला को रात करीब चार बजे दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। महिला की हालत गंभीर होने पर अस्पताल ने उनका सैंपल कराया। सैंपल कोरोना पॉजिटिव आ गया।
विज्ञापन
महिला को दोबारा से टीएमयू में भर्ती कराया गया है। महिला के पति का आरोप है कि पत्नी को जब डिस्चार्ज किया गया था उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं थी। पत्नी बेड पर बैठी थी और उसके आक्सीजन लगी थी। राउंड पर आए डाक्टर ने पत्नी को बैठा देख लिया। आक्सीजन सपोर्ट हटाए बिना आक्सीजन लेवल की जांच की। आक्सीजन लेवल 99 होने पर स्वस्थ बताकर डिस्चार्ज कर दिया। पति का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही से पत्नी की जान जोखिम में पड़ी और परिवार के अन्य लोगों में भी संक्रमण फैलने का खतरा हो गया।
विज्ञापन
- नई गाइड लाइन के बाद से पॉजिटिव मरीजों को भर्ती होने के 10 दिन बाद डिस्चार्ज किया जा रहा है। मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं तो उनके लिए 10 दिन की अवधि की बाध्यता नहीं है। मरीज का आक्सीजन लेवल सामान्य आने पर ही डिस्चार्ज किया जा रहा है। डिस्चार्ज करते वक्त कोविड की जांच नहीं कराई जाती है। डिस्चार्ज होने के बाद यदि मरीज अपने स्तर से जांच करवाता और पॉजिटिव आता है तो घबराने की बात नहीं है। मरीज के शुरुआती पॉजिटिव आने के दस दिन बाद उससे संक्रमण फैलने का खतरा नहीं रहता है।
- डा. वीके सिंह, नोडल अधिकारी टीएमयू।
- गंभीर मरीजों को 10 दिन के बाद डिस्चार्ज करने की बाध्यता नहीं है। डिस्चार्ज करने से पहले उसका आक्सीजन लेवल देखा जाता है। जहां तक दूसरी जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव आने का सवाल है वह आ सकता है। मरीज के इम्युनिटी पर निर्भर है कि वह संक्रमण के बाद कितने दिनों में रिकवरी करता है।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।