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कोरोना संक्रमण काल में दो वर्ष तक विद्यार्थियों की शिक्षा से रही दूरी को कम करने के लिए स्कूलों ने कमर कस ली है। नए सत्र में प्रवेश बढ़ सकें, इसके लिए विद्यार्थियों को क्राफ्ट और विज्ञान प्रतियोगिताओं से जोड़ा जा रहा है।
Thu, 31 Mar 2022 12:51 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 12:51 AM IST
सार
कोरोना संक्रमण काल में सबसे ज्यादा तीन से छह आयु वर्ष के बच्चे प्रभावित हुए हैं। एक अनुमान के मुताबिक इन दो वर्षों में करीब दस हजार ऐसे विद्यार्थी हैं जिनका निर्धारित समय पर संक्रमण की वजह से स्कूल में एडमिशन नहीं हो पाया या उन्होंने सिर्फ आनलाइन शिक्षा ली है।
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अमर उजाला शिक्षा अभियान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना संक्रमण काल में दो वर्ष तक विद्यार्थियों की शिक्षा से रही दूरी को कम करने के लिए स्कूलों ने कमर कस ली है। नए सत्र में प्रवेश बढ़ सकें, इसके लिए विद्यार्थियों को क्राफ्ट और विज्ञान प्रतियोगिताओं से जोड़ा जा रहा है। प्रधानाचार्यों का कहना है कि छोटे विद्यार्थियों का स्मार्ट क्लास और कहानियों के माध्यम से पढ़ाई से मेल कराएंगे।
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कोरोना संक्रमण काल में सबसे ज्यादा तीन से छह आयु वर्ष के बच्चे प्रभावित हुए हैं। एक अनुमान के मुताबिक इन दो वर्षों में करीब दस हजार ऐसे विद्यार्थी हैं जिनका निर्धारित समय पर संक्रमण की वजह से स्कूल में एडमिशन नहीं हो पाया या उन्होंने सिर्फ आनलाइन शिक्षा ली है। ऐसे में अब इन विद्यार्थियों को नियमित स्कूल और पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए नए-नए तरीके अपनाए जाएंगे।
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एसएस चिल्ड्रेन गर्ल्स स्कूल प्रिंसिपल मृदुल अग्रवाल ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के साथ अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को प्रोत्साहित कर रहे हें। चार अप्रैल से नया सत्र शुरू होगा। उसके लिए छोटी कक्षाओं में एडमीशन लेने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक आ रहे हैं। जिन विद्यार्थियों की संबंधित क्लास से आयु अधिक है, उनका भी एडमिशन लिया जा रहा है। यदि वह विद्यार्थी अपनी आयु के अनुरूप प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें छह माह बाद आगामी कक्षाओं में प्रमोट कर दिया जाएगा।
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इन विद्यार्थियों को स्कूल में घर की कमी न खले, इसके लिए कहानियों से पढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। क्राफ्ट व अन्य प्रतियोगिताएं भी करवाई जाएंगी। अभिभावक भी विद्यार्थियों के स्कूल आने से खुश हैं, कि उनका लंबे समय तक मोबाइल का इस्तेमाल की आदत में बदलाव आ रहा है। बड़ी कक्षाओं में विद्यार्थियों का टीकाकरण हो गया है और उनके प्रमाण पत्र भी जमा करवाए गए हैं। अब छोटी कक्षाओं में विद्यार्थियों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
वापस आ गए आनलाइन कक्षाओं में अनुपस्थित रहे विद्यार्थी
टाइनी टॉट्स कालेज की प्रिंसिपल डॉ. इंदू पारिख का कहना है कि विद्यार्थियों में पहले के मुकाबले अब कोविड का डर कम हो गया है। परीक्षाएं ऑफलाइन होने की वजह से अब उनकी स्कूल आने में हिचकिचाहट कम हुई है। नए सत्र में विद्यार्थियों के लेखन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। खेल-खेल में पहले पढ़ाई और नियमित स्कूल आने की आदत बनवाई जाएगी। विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पढ़ाई का दबाव उन्हें महसूस न हो, इसके लिए क्राफ्ट प्रतियोगिता भी करवाई गई है। 30 ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने पिछले दो वर्षों में आनलाइन कक्षाओं में भी उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई है, अब वह भी लौट आए हैं और नियमित स्कूल आ रहे हैं। सात अप्रैल से नया सत्र शुरू हो रहा है।