Aditi death case: तलाक के बाद से परेशान थी अदिति, परिजनों से नहीं हुई थी बात, पिता बोले- कार नहीं फंसती तो...
मुरादाबाद के टीएमयू में असिस्टेंट प्रोफेसर अदिति मल्होत्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव गेस्ट हाउस में मिला। उनके पिता ने बताया कि बेटी की शादी गुजरात के डॉक्टर से हुआ था। उनका कुछ समय पहले तलाक हो गया था। इससे अतिदि परेशान चल रही थी।
विस्तार
तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी डिपार्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अदिति मल्होत्रा (31) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उनका शव टीएमयू के गेस्ट हाउस के कमरे में फर्श पर पड़ा मिला था।
उनके पिता डॉ.नवनीत मल्होत्रा ने बताया कि बेटी की दो साल पहले गुजरात निवासी डॉक्टर के साथ शादी हुई थी लेकिन शादी के एक साल बाद ही दोनों के बीच तलाक हो गया था। इसके बाद से अदिति अकेली रह रहीं थीं। तलाक होने के बाद से बेटी परेशान रहती थी।
रोज बेटी से बात होती थी लेकिन रविवार शाम के बाद से उससे फोन पर कोई संपर्क नहीं हुआ था। पिता डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि हापुड़ के बाद बेटी ने टीएमयू में ज्वाइन कर लिया था। वह बेटी से मिलने के लिए टीएमयू आने वाले थे।
रविवार को बेटी से संपर्क नहीं हो पाया तो उन्हें कुछ अनहोनी की आशंका सताने लगी थी। वह बेटी से मिलने के लिए आ रहे थे लेकिन रेवाड़ी में अधिक बारिश के कारण रास्ते खराब हो गए थे। जिस कारण वह रास्ते से घर लौट गए थे।
नए कानून के तहत घटनास्थल का निरीक्षण
नए कानून के तहत पुलिस ने कार्य शुरू कर दिया। सोमवार को टीएमयू में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अदिति मल्होत्रा का शव कमरे में पड़ा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई लेकिन फोरेंसिक टीम के आने का इंतजार करती रही। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर नमूने लिए और पूरे कमरे की डिटिजल वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराई।
डॉ. अदिति रोज अपने घर फोन पर बात करती थीं लेकिन रविवार शाम उन्होंने न तो परिवार को कॉल की और न ही परिवार के किसी सदस्य का फोन रिसीव किया थी। इससे डॉक्टर के पिता और परिवार के अन्य लोग परेशान हो गए थे। उन्होंने इसकी जानकारी गेस्ट हाउस स्टाफ को दी थी। सोमवार सुबह स्टाफ के लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो दरवाजा अंदर से बंद था।
स्टूल लगाकर रोशनदार से देखने पर डॉक्टर फर्श पर पड़ी नजर आ रही थीं। टीएमयू प्रशासन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची सोमवार से तीन नए कानून लागू हुए थे। जिस कारण पुलिस ने किसी भी चीज को हाथ लगाने से पहले सावधानी बरती।
दरवाजा तोड़ने समय डिजिटल साक्ष्य के दौर पर वीडियो बनाई। इसके अलावा फोरेंसिक टीम मौके पर बुला ली। टीम ने कमरे में मौजूद हर एक चीज की जांच पड़ताल की। टीम ने जांच पड़ताल के दौरान डॉक्टर का मोबाइल, लैपटाॅप और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कमरे में ली।
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