फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   A team from Delhi inspected the damaged paddy crop.

Moradabad News: दिल्ली से आई टीम ने धान की खराब फसल की जांच की

Sat, 18 Oct 2025 02:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद Updated Sat, 18 Oct 2025 02:50 AM IST
विज्ञापन
A team from Delhi inspected the damaged paddy crop.
बिलारी। कृषि रक्षा इकाई बिलारी से लिया गए धान के नए प्रजाति के बीज वाली फसल खराब होने पर शुक्रवार दोपहर दिल्ली के राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थान से आई वैज्ञानिकों की टीम ने ब्लॉक के फतेहपुर नत्था और ग्वारऊ गांव में खेतों पर पहुंचकर धान की खराब हुई फसल की जांच की। नई प्रजाति की शुद्धता की जांच के लिए वैज्ञानिकों की टीम ने धान के पौधे और बाली के नमूने लिए।
विज्ञापन

बिलारी नगर में कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि रक्षा इकाई से बीते माह मई के अंत में बिलारी क्षेत्र के कुछ किसानों ने धान की नई प्रजाति पूसा बासमती 1728 का बीज खरीदा था। पहले इस बीज की नर्सरी डाली गई उसके बाद किसानों ने अपने खेतों में धान की रोपाई की। यह बीज खरीदने वाले किसान सोहन सिंह फतेहपुर नत्था, संजीव कुमार सिंह ग्वारऊ और हरवीर सिंह नरायनपुर देवा के धान के खेतों में लगभग चार माह बाद भी जब बाली नहीं निकली तब सबसे पहले किसान सोहन सिंह ने मुख्यमंत्री पोर्टल के अलावा डीएम, एसडीएम और जिला कृषि अधिकारी से शिकायत की। एसडीएम बिलारी द्वारा गठित टीम ने फतेहपुर नत्था गांव पहुंचकर किसान की खराब हुई फसल की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट भेज दी। एसडीएम ने जांच टीम की यह रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दी।
विज्ञापन

प्रकरण कृषि विभाग में उच्च स्तर तक पहुंचने पर शुक्रवार दोपहर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ.पीके भौमिक, डाॅ. चंदू सिंह और डाॅ.राजना सलीम, कृषि विज्ञान केंद्र बिलारी से केंद्र प्रभारी डाॅ. हसन तनवीर, वैज्ञानिक डाॅ. विश्वेंद्र सिंह और डाॅ. सौरभ सिंह, कृषि विभाग से जिला कृषि अधिकारी डा. राजेंद्रपाल सिंह, एडीओ कृषि मोहित सिंह, राजकीय बीज गोदाम प्रभारी भंवर सिंह और राजकीय कृषि फार्म प्रभारी अमरीश कुमार पहले फतेहपुर नत्था और उसके बाद ग्वारऊ गांव में किसानों के खेतों पर पहुंचे तथा धान की फसल की जांच की।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान सोहन सिंह की फतेहपुर नत्था के रकबे में एक एकड़ धान की फसल में काफी कम और छोटी बालियां निकली हुई मिलीं। नीमरी गांव के रकबे में एक एकड़ धान की फसल में अधिकतर फसल जली हुई मिली। शेष बची अधिकतर फसल में बालियां नहीं निकलीं और जो बालियां निकलीं वह काफी छोटी थीं। वैज्ञानिकों ने धान के हरे पौधे, फसल के जले हुए पौधे, पौधों से निकली बाली आदि के नमूने लिए। इस दौरान किसान से यह भी जानकारी ली कि धान की रोपाई कब की थी और फसल में किन कीटनाशक दवाओं का उपयोग किया गया। टीम द्वारा धान की फसल की जांच करने के दौरान फतेहपुर नत्था और ग्वारऊ दोनों ग्रामों में किसानों की भीड़ लगी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed