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Moradabad News: बीमा कंपनी पर लगा दस लाख पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना
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मुरादाबाद। मृतक आश्रित को बीमा राशि न देने पर उपभोक्ता अदालत ने आठ साल बाद बीमा कंपनी पर दस लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही 25 हजार रुपये क्षति पूर्ति के रूप में देने के आदेश जारी किए हैं।
अमरोहा जिले के गांव विरामपुर निवासी अमित कुमार पुत्र जगपाल ने 20 जनवरी 2016 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में दावा पेश किया। बताया कि उसके बड़े भाई सोविंद्र ने दिसंबर 2013 में बजाज एलाएंस लाइफ इंश्योरेंस से दस लाख की पॉलिसी ली थी। जिसकी किस्तें भी लगातार भाई जमा करता रहा। इस बीच 17 फरवरी 2014 को उसकी अचानक मौत हो गई। इस घटना के कई दिनों बाद घर की साफ सफाई के दौरान पॉलिसी मिल गई। तब बजाज एलाएंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के दिल्ली रोड स्थित ऑफिस और पूना महाराष्ट्र के हेड ऑफिस से संपर्क किया और बीमा क्लेम की मांग की। जिसे कंपनी ने यह कह कर खारिज कर दिया कि मृतक ने अपनी बीमारी छिपा कर पॉलिसी ली थी।
इसके बाद वादी ने अपने वकील के माध्यम से उपभोक्ता अदालत में दावा पेश किया। जिसे आयोग के अध्यक्ष रमा शंकर सिंह, सदस्य रमेश कुमार विश्वकर्मा, एवं रंजना ने सुना। आयोग ने वादी की मांग को सही पाते हुए आदेश जारी किया कि विपक्षी कंपनी वादी को एक माह के भीतर बीमा राशि के दस लाख रुपये छह प्रतिशत ब्याज दर के साथ साथ पच्चीस हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करे।
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अमरोहा जिले के गांव विरामपुर निवासी अमित कुमार पुत्र जगपाल ने 20 जनवरी 2016 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में दावा पेश किया। बताया कि उसके बड़े भाई सोविंद्र ने दिसंबर 2013 में बजाज एलाएंस लाइफ इंश्योरेंस से दस लाख की पॉलिसी ली थी। जिसकी किस्तें भी लगातार भाई जमा करता रहा। इस बीच 17 फरवरी 2014 को उसकी अचानक मौत हो गई। इस घटना के कई दिनों बाद घर की साफ सफाई के दौरान पॉलिसी मिल गई। तब बजाज एलाएंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के दिल्ली रोड स्थित ऑफिस और पूना महाराष्ट्र के हेड ऑफिस से संपर्क किया और बीमा क्लेम की मांग की। जिसे कंपनी ने यह कह कर खारिज कर दिया कि मृतक ने अपनी बीमारी छिपा कर पॉलिसी ली थी।
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इसके बाद वादी ने अपने वकील के माध्यम से उपभोक्ता अदालत में दावा पेश किया। जिसे आयोग के अध्यक्ष रमा शंकर सिंह, सदस्य रमेश कुमार विश्वकर्मा, एवं रंजना ने सुना। आयोग ने वादी की मांग को सही पाते हुए आदेश जारी किया कि विपक्षी कंपनी वादी को एक माह के भीतर बीमा राशि के दस लाख रुपये छह प्रतिशत ब्याज दर के साथ साथ पच्चीस हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करे।
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