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इज्तेमाई निकाह - ईदगाह में 51 जोड़ों की हुई शादी
Moradabad
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
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मुरादाबाद। लोगों की भीड़ से भरा ईदगाह का मैदान। नारा-ए- तकबीर, नारा-ए- रिसाला से गूंजता पंडाल। घराें से सज-धज के आते दूल्हा-दुल्हन। एक तरफ तकरीरी प्रोग्राम तो दूसरी तरफ शादी की तैयारियां। मौका था हजरत शाह सकलैन अकादमी की ओर से आयोजित इज्तेमाई निकाह का। रविवार को ईदगाह में 51 जोड़े कुबूल है... कहकर एक दूजे के हमसफर बन गए।
हजरत शाह सकलैन अकादमी आफ इंडिया की मुरादाबाद यूनिट ने रविवार को ईदगाह में कांफ्रेंस और इज्तेमाई निकाह आयोजन किया। प्रोग्राम का आगाज तिलावते कलामते पाक से किया गया। कारी आमिल सकलैनी ककरालवी ने नातो मनकबत का नजराना पेश किया। इसके अलावा मजहर सकलैनी, हसीब सकलैनी, महफूज सकलैनी ने भी नातोे मनकबत पेश किया। तकरीरी प्रोग्राम में अकादमी के सरपस्त हाजी मुमताज मियां सकलैनी ने अकादमी के जरिए हो रही कौम की खिदमात पर रोशनी डाला। मधुबनी (बिहार) के मौलाना आरिफ इकबाल ने कौम को खास हिदायतें और पैगाम दिए। मौलाना जाहिद रजा, मौलाना मुहब्बे अली नईमी, मौलाना मुफ्ती अय्यूब, मौलाना सईद अख्तर, मौलाना शमशुद्दीन, मौलाना राशिद सकलैनी नईमी, मौलाना मुफ्ती फहीम सकलैनी, मौलाना इकराम ने भी प्रोग्राम को खिताब फरमाया। जोहर की नमाज के बाद 51 जोड़ों के निकाह कराने का सिलसिला शुरू किया गया। बरेली से आए मौलाना ने निकाह पढ़ाया। बाद निकाह ख्वानी सभी जोड़े शाह मोहम्मद सकलैन मियां हुजूर से खुशहाली और नेक दुआएं हासिल कर अपनों घरों को रुखसत हो गए। जोड़ों को विदाई में उपहार दिए गए। इसमें बर्तन, अलमारी, बेड, कुर्सी समेत अन्य जरूरी सामान रहे। प्रोग्राम की सरपरस्ती शाह मोहम्मद सकलैन मियां हुजूर की। आखिर में उन्होंने मुल्क और कौम के अमनों चैन के लिए दुआएं कराई। प्रोग्राम की अध्यक्षता मुफ्ती अय्यूब ने की। इस दौरान मुखतार लिलहरी, मुराद अली सकलैनी, अकरम सकलैनी, आलमगीर सकलैनी, हाजी रईस सकलैनी, मुनव्वर सकलैनी, नसीम सकलैनी आदि मौजूद रहे। वहीं इज्तेमाई निकाह में 51 जोड़ों के अलावा नौ और जोड़ों का निकाह पढ़ाया गया। इन जोड़ों ने उपहार का सामान लेने से इनकार कर दिया।
मैनेजमेंट में लगे रहे दोे सौ लोग
ईदगाह में हुए इज्तेमाई निकाह में करीब दस लोगों ने शिकरत किया। इसमें लड़की और लड़के पक्ष के मेहमानाें के अलावा तकरीरी प्रोग्राम को सुनने वालाें की भी संख्या कम नहीं थी। निकाह के लिए फाइल बनाने से लेकर खाने पीने तक के इंतजाम को बेहतर ढंग से मैनेज किया गया। इसके लिए सकलैन अकादमी के करीब 200 लोग लगे थे, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाई।
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निकाह के गवाह बने 102 लोग
ईदगाह में 51 जोड़ों के हुए निकाह में 102 लोग गवाह बने। हर लड़के पक्ष की ओर से दो लोगों को गवाह बनाया गया। एक गवाह कारी रहे। जबकि दूसरा गवाह लड़के पक्ष की ओर रहा। अकादमी के जिला सचिव अकरम सकलैनी ने बताया कि एक जोड़े के निकाह पर करीब पचास हजार रुपये खर्च किए गए। इसमें विदाई में दिए गए उपहार और खाने पीने समेत अन्य खर्च शामिल है।
हजरत शाह सकलैन अकादमी आफ इंडिया की मुरादाबाद यूनिट ने रविवार को ईदगाह में कांफ्रेंस और इज्तेमाई निकाह आयोजन किया। प्रोग्राम का आगाज तिलावते कलामते पाक से किया गया। कारी आमिल सकलैनी ककरालवी ने नातो मनकबत का नजराना पेश किया। इसके अलावा मजहर सकलैनी, हसीब सकलैनी, महफूज सकलैनी ने भी नातोे मनकबत पेश किया। तकरीरी प्रोग्राम में अकादमी के सरपस्त हाजी मुमताज मियां सकलैनी ने अकादमी के जरिए हो रही कौम की खिदमात पर रोशनी डाला। मधुबनी (बिहार) के मौलाना आरिफ इकबाल ने कौम को खास हिदायतें और पैगाम दिए। मौलाना जाहिद रजा, मौलाना मुहब्बे अली नईमी, मौलाना मुफ्ती अय्यूब, मौलाना सईद अख्तर, मौलाना शमशुद्दीन, मौलाना राशिद सकलैनी नईमी, मौलाना मुफ्ती फहीम सकलैनी, मौलाना इकराम ने भी प्रोग्राम को खिताब फरमाया। जोहर की नमाज के बाद 51 जोड़ों के निकाह कराने का सिलसिला शुरू किया गया। बरेली से आए मौलाना ने निकाह पढ़ाया। बाद निकाह ख्वानी सभी जोड़े शाह मोहम्मद सकलैन मियां हुजूर से खुशहाली और नेक दुआएं हासिल कर अपनों घरों को रुखसत हो गए। जोड़ों को विदाई में उपहार दिए गए। इसमें बर्तन, अलमारी, बेड, कुर्सी समेत अन्य जरूरी सामान रहे। प्रोग्राम की सरपरस्ती शाह मोहम्मद सकलैन मियां हुजूर की। आखिर में उन्होंने मुल्क और कौम के अमनों चैन के लिए दुआएं कराई। प्रोग्राम की अध्यक्षता मुफ्ती अय्यूब ने की। इस दौरान मुखतार लिलहरी, मुराद अली सकलैनी, अकरम सकलैनी, आलमगीर सकलैनी, हाजी रईस सकलैनी, मुनव्वर सकलैनी, नसीम सकलैनी आदि मौजूद रहे। वहीं इज्तेमाई निकाह में 51 जोड़ों के अलावा नौ और जोड़ों का निकाह पढ़ाया गया। इन जोड़ों ने उपहार का सामान लेने से इनकार कर दिया।
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मैनेजमेंट में लगे रहे दोे सौ लोग
ईदगाह में हुए इज्तेमाई निकाह में करीब दस लोगों ने शिकरत किया। इसमें लड़की और लड़के पक्ष के मेहमानाें के अलावा तकरीरी प्रोग्राम को सुनने वालाें की भी संख्या कम नहीं थी। निकाह के लिए फाइल बनाने से लेकर खाने पीने तक के इंतजाम को बेहतर ढंग से मैनेज किया गया। इसके लिए सकलैन अकादमी के करीब 200 लोग लगे थे, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाई।
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निकाह के गवाह बने 102 लोग
ईदगाह में 51 जोड़ों के हुए निकाह में 102 लोग गवाह बने। हर लड़के पक्ष की ओर से दो लोगों को गवाह बनाया गया। एक गवाह कारी रहे। जबकि दूसरा गवाह लड़के पक्ष की ओर रहा। अकादमी के जिला सचिव अकरम सकलैनी ने बताया कि एक जोड़े के निकाह पर करीब पचास हजार रुपये खर्च किए गए। इसमें विदाई में दिए गए उपहार और खाने पीने समेत अन्य खर्च शामिल है।