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हाइडिल की क्लर्क के बेटे ने लगाई फांसी
Moradabad
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
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मुरादाबाद। हाइडिल की क्लर्क हेमलता शर्मा के इकलौते बेरोजगार बेटे ने शुक्रवार अपरान्ह अपने घर के स्टोर में फांसी लगाकर जान दे दी। किसी बात पर उसकी अपनी मां से नोकझोंक हुई थी। वह बाइक से उन्हेें छोड़ने कार्यालय भी गया था। लौटने के बाद से वह परेशान था। घटना के वक्त उसकी पत्नी बाथरूम में कपड़े धो रही थी। स्टोर का दरवाजा अंदर से बंद देखकर पत्नी को संदेह हुआ। तब उसने शोर मचाया। पुलिस ने आकर शव निकाला।
क्लर्क हेमलता शर्मा सिविल लाइंस की जिगर कालोनी में योगेंद्र चोपड़ा के घर के ग्राउंड फ्लोर पर किराए पर रहती हैं। परिवार में एक बेटा पुलकित भारद्वाज और पुत्रवधू खुशी शर्मा हैं। काफी पहले पुलकित ठेकेदारी का काम करते थे। लेकिन इन दिनों बेरोजगार थे। इससे अक्सर घर में कलह रहती थी। हेमलता की बहू से भी नहीं बनती थी। शुक्रवार सुबह हेमलता ने अपने लिए खुद ही खाना बनाया और उसे पैक करके बेटे से आफिस छोड़ने के लिए कहा।
बताया जा रहा है कि रास्ते में भी हेमलता ने बेटे पुलकित को भी जमकर सुनाई। लौटने के बाद पुलकित कुछ परेशान थे। पत्नी खुशी ने बताया कि खाने के लिए उन्होंने मांगा और अंदर कमरे में जाकर लेट गए। पत्नी ने भी खाना परोस दिया। इसके बाद वह कपड़े धोने लगीं। लौटकर जब वह आई तो देखा कि पुलकित कमरे में नहीं हैं। स्टोर का दरवाजा अंदर से बंद देखकर वह चिल्लाईं। दरवाजा नहीं खुला तो मोहल्ले वालों को बुलाया। तब पुलिस आई और दरवाजा तोड़कर देखा तो अंदर पुलकित का शव फंदे से झूलता मिला। तब कोहराम मच गया। सूचना पर हेमलता भी आईं और बदहवास हो गईं।
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पिछले साल ही हुई थी शादी
हेमलता ने ही पुलकित की शादी चंदौसी के नरौली निवासी सुरेशचंद्र शर्मा की छोटी बेटी खुशी से कराई थी। शादी के बाद सब ठीक चल रहा था। खुशी इस समय गर्भवती है। बताया जा रहा है कि दो-तीन महीने से सास बहू में झगड़ा होने लगा था। घर पर रहने के कारण पुलकित बीचबचाव करते थे। तो मां और पत्नी के झगडे़ में उन्हें ही ताने सुनने को मिलते थे।
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ससुराल और मायके पक्ष में नोकझोंक
घटना के बाद आए खुशी के मायके और ससुराल पक्ष के लोगों में जमकर नोकझोंक भी हुई। खुशी के परिवार वाले घटना के लिए हेमलता को जिम्मेदार ठहराने लगे। जबकि हेमलता के परिवार वाले बहू को जिम्मेदार ठहराने लगे। बाकी रिश्तेदारों ने बीचबचाव किया। सूचना पर बिजली विभाग के भी तमाम कर्मचारी पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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इकलौते बेटे की मौत से मां को सदमा
इकलौते बेटे की मौत से मां हेमलता को गहरा सदमा लगा। मोर्चरी में जब उन्होंने बेटे की लाश को जमीन पर रखा देखा तो चीख पड़ीं। थाने जाकर पुलिस से कहा कि वह बेटे के शव को किसी गद्दे पर लिटाएं। रो-रोकर वह बेहाल थीं। अकेले ही इधर से उधर दौड़ती रहीं और शव दिखाने की गुहार लगाती रहीं। बुजुर्ग मां को आफिस के कर्मचारी संभालते रहे।
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क्लर्क हेमलता शर्मा सिविल लाइंस की जिगर कालोनी में योगेंद्र चोपड़ा के घर के ग्राउंड फ्लोर पर किराए पर रहती हैं। परिवार में एक बेटा पुलकित भारद्वाज और पुत्रवधू खुशी शर्मा हैं। काफी पहले पुलकित ठेकेदारी का काम करते थे। लेकिन इन दिनों बेरोजगार थे। इससे अक्सर घर में कलह रहती थी। हेमलता की बहू से भी नहीं बनती थी। शुक्रवार सुबह हेमलता ने अपने लिए खुद ही खाना बनाया और उसे पैक करके बेटे से आफिस छोड़ने के लिए कहा।
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बताया जा रहा है कि रास्ते में भी हेमलता ने बेटे पुलकित को भी जमकर सुनाई। लौटने के बाद पुलकित कुछ परेशान थे। पत्नी खुशी ने बताया कि खाने के लिए उन्होंने मांगा और अंदर कमरे में जाकर लेट गए। पत्नी ने भी खाना परोस दिया। इसके बाद वह कपड़े धोने लगीं। लौटकर जब वह आई तो देखा कि पुलकित कमरे में नहीं हैं। स्टोर का दरवाजा अंदर से बंद देखकर वह चिल्लाईं। दरवाजा नहीं खुला तो मोहल्ले वालों को बुलाया। तब पुलिस आई और दरवाजा तोड़कर देखा तो अंदर पुलकित का शव फंदे से झूलता मिला। तब कोहराम मच गया। सूचना पर हेमलता भी आईं और बदहवास हो गईं।
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पिछले साल ही हुई थी शादी
हेमलता ने ही पुलकित की शादी चंदौसी के नरौली निवासी सुरेशचंद्र शर्मा की छोटी बेटी खुशी से कराई थी। शादी के बाद सब ठीक चल रहा था। खुशी इस समय गर्भवती है। बताया जा रहा है कि दो-तीन महीने से सास बहू में झगड़ा होने लगा था। घर पर रहने के कारण पुलकित बीचबचाव करते थे। तो मां और पत्नी के झगडे़ में उन्हें ही ताने सुनने को मिलते थे।
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ससुराल और मायके पक्ष में नोकझोंक
घटना के बाद आए खुशी के मायके और ससुराल पक्ष के लोगों में जमकर नोकझोंक भी हुई। खुशी के परिवार वाले घटना के लिए हेमलता को जिम्मेदार ठहराने लगे। जबकि हेमलता के परिवार वाले बहू को जिम्मेदार ठहराने लगे। बाकी रिश्तेदारों ने बीचबचाव किया। सूचना पर बिजली विभाग के भी तमाम कर्मचारी पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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इकलौते बेटे की मौत से मां को सदमा
इकलौते बेटे की मौत से मां हेमलता को गहरा सदमा लगा। मोर्चरी में जब उन्होंने बेटे की लाश को जमीन पर रखा देखा तो चीख पड़ीं। थाने जाकर पुलिस से कहा कि वह बेटे के शव को किसी गद्दे पर लिटाएं। रो-रोकर वह बेहाल थीं। अकेले ही इधर से उधर दौड़ती रहीं और शव दिखाने की गुहार लगाती रहीं। बुजुर्ग मां को आफिस के कर्मचारी संभालते रहे।
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