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जिला खरीफ गोष्ठी में किसानों की आवाज
Moradabad
Updated Sat, 14 Jun 2014 05:33 AM IST
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मुरादाबाद। शुक्रवार को पंचायत भवन सभागार में खरीफ गोष्ठी हुई तो अधिक उत्पादन के बावजूद किसानों की बदहाली का दर्द उभर पड़ा। किसानों ने कहा कि मार्केटिंग की व्यवस्था न होने से किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग से किसानों को अपना उत्पादन बेचने के लिए सही मार्केट के इंतजाम की आवाज उठाई। इसी के साथ बिजली के लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या से सिंचाई बाधित होने का दर्द भी अधिकारियों के सामने आया। एक बार फिर मंच से डीएम ने किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण की हिदायत अपने मातहतों को दी।
पंचायत भवन परिसर में ही स्टाल लगाए गए थे जिसमें कृषि, कोआपरेटिव, पशुपालन, आंगनबाड़ी, उद्यान, सूचना विभाग, ऊसर सुधार आदि विभागों की जानकारियां थी। डीएम चंद्रकांत ने जहां किसानों से मृदा परीक्षण हर हाल में करवाने का आह्वान किया ताकि मिट्टी की उर्वरक क्षमता की समय रहते जानकारी किसानों को रहे और उसमें गुणात्मक सुधार के प्रयास कर सकें तो वहीं विभागीय अधिकारियों को आदेशित किया कि मृदा परीक्षण कि रिपोर्ट समय से किसानों को मुहैया कराई जाए। मिट्टी की गुणवत्ता के बारे में उन्हें पूरी तरह बताया जाए। सीडीओ फैसल आफताब ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने पर जोर दिया। कहा कि केसीसी के जरिए ऋण लेकर किसान आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में सफल होंगे। गन्ना, उद्यान, पशुपालन, कृषि, कृषि के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के डा. केबी सिंह, डा. बलराज सिंह, अरविंद कुमार, डा. घनश्याम ने कृषि एवं पशुपालन संबंधी जानकारियां दी। ईई विद्युत ईई नलकूप वर्मा, एआर कोआपरेटिव, जिला कार्यक्रम अधिकारी, भाकियू के महेंद्र सिंह रंधावा, किसान रघुपति सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। संचालन डा. प्रदीप शर्मा ने किया।
पंचायत भवन परिसर में ही स्टाल लगाए गए थे जिसमें कृषि, कोआपरेटिव, पशुपालन, आंगनबाड़ी, उद्यान, सूचना विभाग, ऊसर सुधार आदि विभागों की जानकारियां थी। डीएम चंद्रकांत ने जहां किसानों से मृदा परीक्षण हर हाल में करवाने का आह्वान किया ताकि मिट्टी की उर्वरक क्षमता की समय रहते जानकारी किसानों को रहे और उसमें गुणात्मक सुधार के प्रयास कर सकें तो वहीं विभागीय अधिकारियों को आदेशित किया कि मृदा परीक्षण कि रिपोर्ट समय से किसानों को मुहैया कराई जाए। मिट्टी की गुणवत्ता के बारे में उन्हें पूरी तरह बताया जाए। सीडीओ फैसल आफताब ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने पर जोर दिया। कहा कि केसीसी के जरिए ऋण लेकर किसान आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में सफल होंगे। गन्ना, उद्यान, पशुपालन, कृषि, कृषि के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के डा. केबी सिंह, डा. बलराज सिंह, अरविंद कुमार, डा. घनश्याम ने कृषि एवं पशुपालन संबंधी जानकारियां दी। ईई विद्युत ईई नलकूप वर्मा, एआर कोआपरेटिव, जिला कार्यक्रम अधिकारी, भाकियू के महेंद्र सिंह रंधावा, किसान रघुपति सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। संचालन डा. प्रदीप शर्मा ने किया।
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