{"_id":"46-27543","slug":"Moradabad-27543-46","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों में हड़ताल, पब्लिक बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों में हड़ताल, पब्लिक बेहाल
Moradabad
Updated Tue, 11 Feb 2014 05:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मुरादाबाद। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन लेनदेन को लेकर लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान महानगर में सवा सौ करोड़ रुपये का कारोबार ठप रहा। कैश को लेकर लोगों में इस कदर घबराह रही कि दोपहर बाद से विभिन्न बैंकों की एटीएम खाली हो गए। रुपये निकालने के लिए लोग शहर भर के एटीएम खंगालते नजर आए। हड़ताल के चलते सरकारी कार्यालयों के वित्तीय कामकाज पर भी खासा असर पड़ा।
यूनियंस के आह्वान पर आयोजित हड़ताल के समर्थन में पब्लिक सेक्टर के बैंकों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने दिनभर धरना प्रदर्शन किया। शहर में 32 सरकारी बैंक संचालित होते हैं। प्रत्येक बैंक की आधा दर्जन से अधिक शाखाएं भी हैं। इन सभी के सभी बैंकों पर सुबह से ही ताला लटके रहे। इससे 70 करोड़ रुपये की चेकों की क्लीयरिंग नहीं हो पाई। एक अनुमान के मुताबिक शहर में लगभग पचास करोड़ रुपये का कैश ट्रांजेक्शन ठप रहा।
पहले ही दिन खाली हो गए एटीएम
हड़ताल की वजह से सोमवार को किसी भी एटीएम में कैश लोड का काम नहीं हुआ। रविवार को साप्ताहिक अवकाश और सोमवार से हड़ताल के चलते एटीएम दोपहर को ही ठन ठन गोपाल हो गए। शहर में 32 बैंकों के करीब 100 एटीएम हैं। इनमें से 40 एटीएम दगा दे गई हैं।
विज्ञापन
लोगों को हुई खासी परेशानी
बैंक हड़ताल के चलते लोगों को खासी परेशानी हुई। बड़ी संख्या में लोग सोमवार को बैंक पहुंचे लेकिन बैंकों में ताला लटका हुआ देख निराश हो गए। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को भी परेशानी हुई।
सुबह से ही धरना स्थल पर जुट गए थे कर्मचारी
हड़ताल के चलते सोमवार को एसबीआई की मुख्य शाखा परिसर में सुबह दस बजे ही कर्मचारी जुट गए थे। शीघ्र वेतन समझौता व बैंकिंग रिफार्म बंद करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए। इस मौके पर हुई सभा को यूनियन के संयोजक कामरेड राकेश कपूर, एनएन टंडन, यूपी बैंक इंपलाइज एसोसिएशन यूनियन के सचिव एसपी सिंह, एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन के सचिव जगदीश सिंह, पंजाब नेशनल बैंक आफिसर एसोसिएशन के सचिव एचएस कोहली, थान सिंह, अनिमेष शर्मा, संजय रस्तोगी, नवनीत कुमार, परमजीत सिंह, सतवीर सिंह, विजय सिंह, सतीश चंद्रा, विपिन जेटली, नोवहार सिंह, राजेश सिंह, राजू टंडन, एन वाई खान, आरएन शर्मा, जेपी आर्या, प्रताप सिंह, जुगल किशोर, धर्म प्रकाश, महमूद हुसैन, सुभाष वार्ष्णेय, संजय गुप्ता, मुकुल शर्मा, अनूप चोजर, मुर्शरफ अली, भुकन सरन आदि ने संबोधित किया।
यूनियंस के आह्वान पर आयोजित हड़ताल के समर्थन में पब्लिक सेक्टर के बैंकों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने दिनभर धरना प्रदर्शन किया। शहर में 32 सरकारी बैंक संचालित होते हैं। प्रत्येक बैंक की आधा दर्जन से अधिक शाखाएं भी हैं। इन सभी के सभी बैंकों पर सुबह से ही ताला लटके रहे। इससे 70 करोड़ रुपये की चेकों की क्लीयरिंग नहीं हो पाई। एक अनुमान के मुताबिक शहर में लगभग पचास करोड़ रुपये का कैश ट्रांजेक्शन ठप रहा।
विज्ञापन
पहले ही दिन खाली हो गए एटीएम
हड़ताल की वजह से सोमवार को किसी भी एटीएम में कैश लोड का काम नहीं हुआ। रविवार को साप्ताहिक अवकाश और सोमवार से हड़ताल के चलते एटीएम दोपहर को ही ठन ठन गोपाल हो गए। शहर में 32 बैंकों के करीब 100 एटीएम हैं। इनमें से 40 एटीएम दगा दे गई हैं।
विज्ञापन
लोगों को हुई खासी परेशानी
बैंक हड़ताल के चलते लोगों को खासी परेशानी हुई। बड़ी संख्या में लोग सोमवार को बैंक पहुंचे लेकिन बैंकों में ताला लटका हुआ देख निराश हो गए। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को भी परेशानी हुई।
सुबह से ही धरना स्थल पर जुट गए थे कर्मचारी
हड़ताल के चलते सोमवार को एसबीआई की मुख्य शाखा परिसर में सुबह दस बजे ही कर्मचारी जुट गए थे। शीघ्र वेतन समझौता व बैंकिंग रिफार्म बंद करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए। इस मौके पर हुई सभा को यूनियन के संयोजक कामरेड राकेश कपूर, एनएन टंडन, यूपी बैंक इंपलाइज एसोसिएशन यूनियन के सचिव एसपी सिंह, एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन के सचिव जगदीश सिंह, पंजाब नेशनल बैंक आफिसर एसोसिएशन के सचिव एचएस कोहली, थान सिंह, अनिमेष शर्मा, संजय रस्तोगी, नवनीत कुमार, परमजीत सिंह, सतवीर सिंह, विजय सिंह, सतीश चंद्रा, विपिन जेटली, नोवहार सिंह, राजेश सिंह, राजू टंडन, एन वाई खान, आरएन शर्मा, जेपी आर्या, प्रताप सिंह, जुगल किशोर, धर्म प्रकाश, महमूद हुसैन, सुभाष वार्ष्णेय, संजय गुप्ता, मुकुल शर्मा, अनूप चोजर, मुर्शरफ अली, भुकन सरन आदि ने संबोधित किया।