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मढ़न-गुमसानी वालों के गुस्से से कांपी कमिश्नरी
Moradabad
Updated Tue, 10 Dec 2013 05:47 AM IST
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मुरादाबाद। मढ़न और गुमसानी वालों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को बड़ी संख्या में कमिश्नरी पहुंचे ग्रामीणों ने अफसरों के हाथ पांव फुला दिए। भीड़ बढ़ती देख पुलिस फोर्स कॉल कर ली गई। चारों रास्तों पर फोर्स तैनात कर दी गई। मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी भी दिन भर जमे रहे। हालांकि ऐलान तो कमिश्नरी पर तालाबंदी का था मगर यह लोग अधिकारियों के समझाने पर मान गए थे। मंगलवार को आने वाले चेयरमैन बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के सामने पूरा मामला रखा जाएगा।
संभल जनपद के तीस गांव मुरादाबाद में शामिल होने को अरसे से आंदोलन कर रहे हैं। सत्ताइस नवंबर से कमिश्नर आफिस पर भी धरना लगा रखा है। हालांकि प्रशासन ने इन्हें मनाने के तमाम प्रयास किए मगर हर बार नाकामयाब रहे। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन दिलचस्पी नहीं ले रहा है। कमिश्नर ने अभी तक रिपोर्ट शासन को भी नहीं भेजी है। सोमवार को ग्रामीणों ने कमिश्नरी में ताला बंदी का ऐलान किया था। सुबह से ही ग्रामीण मुरादाबाद आने लगे। हालांकि ग्रामीणों के तमाम ट्रैक्टर मुरादाबाद से पहले ही रोक लिए गए थे मगर फिर भी सैकड़ों कमिश्नरी तक पहुंच ही गए। भीड़ बढ़ती देख कई थानों की फोर्स को काल कर लिया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए थे। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल से भी वार्ता की गई। इन लोगों को बताया गया कि मंगलवार को बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के चेयरमैन आ रहे हैं और पूरा मामला उनके समक्ष रखा जाएगा। इस पर ग्रामीण राजी हो गए और तालाबंदी का ऐलान वापस ले लिया। मगर धरना सारा दिन चलता रहा। प्रशासन पर खूब आरोप लगाए गए। इस दौरान महावीर प्रसाद मौर्य, गजेंद्र सिंह, नासिर उद्दीन, हाजी इलियास, हाजी मुस्तफा, फईम अख्तर, संग्राम सिंह समेत तमाम लोग रहे।
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संभल जनपद के तीस गांव मुरादाबाद में शामिल होने को अरसे से आंदोलन कर रहे हैं। सत्ताइस नवंबर से कमिश्नर आफिस पर भी धरना लगा रखा है। हालांकि प्रशासन ने इन्हें मनाने के तमाम प्रयास किए मगर हर बार नाकामयाब रहे। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन दिलचस्पी नहीं ले रहा है। कमिश्नर ने अभी तक रिपोर्ट शासन को भी नहीं भेजी है। सोमवार को ग्रामीणों ने कमिश्नरी में ताला बंदी का ऐलान किया था। सुबह से ही ग्रामीण मुरादाबाद आने लगे। हालांकि ग्रामीणों के तमाम ट्रैक्टर मुरादाबाद से पहले ही रोक लिए गए थे मगर फिर भी सैकड़ों कमिश्नरी तक पहुंच ही गए। भीड़ बढ़ती देख कई थानों की फोर्स को काल कर लिया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए थे। ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल से भी वार्ता की गई। इन लोगों को बताया गया कि मंगलवार को बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के चेयरमैन आ रहे हैं और पूरा मामला उनके समक्ष रखा जाएगा। इस पर ग्रामीण राजी हो गए और तालाबंदी का ऐलान वापस ले लिया। मगर धरना सारा दिन चलता रहा। प्रशासन पर खूब आरोप लगाए गए। इस दौरान महावीर प्रसाद मौर्य, गजेंद्र सिंह, नासिर उद्दीन, हाजी इलियास, हाजी मुस्तफा, फईम अख्तर, संग्राम सिंह समेत तमाम लोग रहे।
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