फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   अफसरों के विवेक से मिलता है मुआवजा

अफसरों के विवेक से मिलता है मुआवजा

Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
Moradabad
Moradabad Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन

मुरादाबाद। बिजली महकमे में भले ही ज्यादातर कामकाज संविदा के सहारे चल रहा हो, लेकिन खतरनाक काम करने वाले इन कर्मचारियों के साथ ड्यूटी के दौरान भी कोई हादसा होने पर महकमे को इनसे कोई मतलब नहीं रहता है। अफसर यदि चाहें तो ठेकेदार का पैसा काट इन्हें मुआवजा दे दिया जाता है। नहीं तो बस इंश्योरेंस से मिलने वाली रकम ही इन कर्मचारियों के परिवार वालों का सहारा है।
बिजली महकमे में संविदा कर्मचारियों को ठेकेदार के माध्यम से रखा जाता है। इन कर्मचारियों में लाइनमैन, हेल्पर, मीटर रीडर व आफिस वर्क का काम करने वाले शामिल रहते हैं। लाइनमैन व हेल्पर को हमेशा ही लाइन पर काम खतरनाक काम करना होता है। महकमा ठेकेदार के माध्यम से इन कर्मचारियों का इंश्योरेंस तो करा देता है लेकिन हादसा होने पर मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है। इंश्योरेंस कंपनी भी लाइन पर काम करने वालों के साथ सुरक्षा मानकों का पेंच फंसा बीमे की रकम का कम निर्धारण करती है। मंगलवार को रात हादसे में मंगला की मौत के बाद परिजनों को जो एक लाख की धनराशि दी गई है। वह अफसरों ने अपने विवेक के आधार पर दी है। ये धनराशि ठेकेदार के बिल में से काट ली जाएगी।
विज्ञापन

---
पब्लिक के आदमी को मिलते हैं पचास हजार
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। महकमे की सेवा करने वालों की जान की कीमत पावर कार्पोेरेशन के लिए नहीं है। जबकि बिजली लाइनों से हुए हादसों में जान गंवाने वाले आम आदमी के लिए मुआवजा दिया जाता है। घायलों को दस हजार व मृतक को पचास हजार का मुआवजा फौरी तौर पर दिया जाता है। टेक्निकल रिपोर्ट आने के बाद मुआवजे की ये राशि बढ़ा दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed